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Monsoon Session: लोकसभा में टीएमसी के बागी सांसद अलग बैठेंगे, अध्यक्ष ओम बिरला ने बदली 39 सांसदों की सीटें
Sun, 19 Jul 2026 09:50 PM IST
Pavan
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Sun, 19 Jul 2026 09:50 PM IST
सार
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने टीएमसी के 20 बागी सांसदों को अलग बैठाने के लिए लोकसभा में बैठने की व्यवस्था में बदलाव किया है। इसके तहत 39 सांसदों की सीटें बदली गई हैं, जिनमें टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी, वाईएसआर कांग्रेस के पीवी मिधुन रेड्डी और शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल भी शामिल हैं। नई सीटें और डिवीजन नंबर सोमवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र से लागू होंगे।
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सांसदों की बैठने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
संसद के मानसून सत्र से पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में सांसदों की बैठने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 20 बागी सांसदों को अलग बैठाने के लिए 39 सांसदों की सीटें बदल दी गई हैं। नई व्यवस्था के तहत सभी सांसद सोमवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र में अपनी नई सीटों पर बैठेंगे। लोकसभा सचिवालय के अधिकारियों के अनुसार, टीएमसी के बागी सांसदों को एक साथ अलग बैठाने के लिए कई अन्य सांसदों की सीटों में भी बदलाव करना पड़ा।
यह भी पढ़ें- BAC: मानसून सत्र से पहले लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक, जानें किस विधेयक पर कितने घंटे होगी चर्चा
अभिषेक बनर्जी की सीट भी बदली
नई व्यवस्था में टीएमसी के लोकसभा नेता अभिषेक बनर्जी की सीट भी बदल दी गई है। इसके अलावा वाईएसआर कांग्रेस के सांसद पी. वी. मिधुन रेड्डी और शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल सहित कई अन्य सांसदों की सीटें भी बदली गई हैं।
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डिवीजन नंबर भी बदले
लोकसभा और राज्यसभा के हर सांसद को एक डिवीजन नंबर दिया जाता है। इसी नंबर के आधार पर सदन में उसकी सीट तय होती है। यही नंबर विधेयकों पर मतदान और संसदीय दस्तावेजों पर हस्ताक्षर के दौरान भी इस्तेमाल किया जाता है। नई व्यवस्था के तहत जिन सांसदों की सीट बदली गई है, वे मानसून सत्र से अपने नए डिवीजन नंबर का उपयोग करेंगे।
यह भी पढ़ें- Parliament: मानसून सत्र में सरकार पेश करेगी पांच नए विधेयक; 'वंदे मातरम' के अपमान पर क्या है केंद्र की तैयारी?
शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ने दी थी मंजूरी
शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को मंजूरी दी थी। इसके साथ ही उन्होंने टीएमसी के 20 बागी सांसदों को अलग बैठने की अनुमति भी दी थी। इन बागी सांसदों ने दावा किया है कि वे नेशनल सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल हो चुके हैं। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले इस फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है।
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अभिषेक बनर्जी की सीट भी बदली
नई व्यवस्था में टीएमसी के लोकसभा नेता अभिषेक बनर्जी की सीट भी बदल दी गई है। इसके अलावा वाईएसआर कांग्रेस के सांसद पी. वी. मिधुन रेड्डी और शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल सहित कई अन्य सांसदों की सीटें भी बदली गई हैं।
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डिवीजन नंबर भी बदले
लोकसभा और राज्यसभा के हर सांसद को एक डिवीजन नंबर दिया जाता है। इसी नंबर के आधार पर सदन में उसकी सीट तय होती है। यही नंबर विधेयकों पर मतदान और संसदीय दस्तावेजों पर हस्ताक्षर के दौरान भी इस्तेमाल किया जाता है। नई व्यवस्था के तहत जिन सांसदों की सीट बदली गई है, वे मानसून सत्र से अपने नए डिवीजन नंबर का उपयोग करेंगे।
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शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ने दी थी मंजूरी
शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को मंजूरी दी थी। इसके साथ ही उन्होंने टीएमसी के 20 बागी सांसदों को अलग बैठने की अनुमति भी दी थी। इन बागी सांसदों ने दावा किया है कि वे नेशनल सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल हो चुके हैं। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले इस फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है।