सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court High Court Lok Sabha complaints against judges judiciary complaints CPGRAMS Arjun Ram Meghwal

Parliament: नौ साल में जजों के खिलाफ मिलीं 8600 से ज्यादा शिकायतें, संसद में सरकार ने दी जानकारी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमन तिवारी Updated Fri, 13 Feb 2026 06:31 PM IST
विज्ञापन
सार

भारत के मुख्य न्यायाधीश के दफ्तर को 2016 से अब तक जजों के खिलाफ 8,600 से ज्यादा शिकायतें मिली हैं। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में यह जानकारी दी। सबसे ज्यादा 1,170 शिकायतें साल 2024 में आईं। इन शिकायतों की जांच न्यायपालिका के अपने अंदरूनी सिस्टम के तहत की जाती है।

Supreme Court High Court Lok Sabha complaints against judges judiciary complaints CPGRAMS Arjun Ram Meghwal
अर्जुन राम मेघवाल (कानून मंत्री) - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार

लोकसभा में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने शुक्रवार को न्यापालिका से जुड़ी एक अहम जानकारी साझा की। इसमें उन्होंने जजों के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों का ब्यौरा पेश किया। उन्होंने एक लिखित जवाब में बताया कि साल 2016 से 2025 के बीच मौजूदा जजों के खिलाफ कुल 8,639 शिकायतें मिली हैं। आंकड़ों के अनुसार, साल 2024 में सबसे ज्यादा 1,170 शिकायतें दर्ज की गईं।
Trending Videos


क्या बोले कानून मंत्री?
मंत्री ने बताया कि हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों के खिलाफ मिलने वाली इन शिकायतों को न्यायपालिका अपने इन-हाउस मैकेनिज्म यानी अंदरूनी सिस्टम से देखती है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने मई 1997 में दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसमें पहला प्रस्ताव "द रीस्टेटमेंट ऑफ वैल्यूज ऑफ ज्यूडिशियल लाइफ" है। यह जजों के लिए कुछ नैतिक मानक और सिद्धांत तय करता है, जिनका पालन करना जरूरी है। जबकि दूसरा प्रस्ताव "इन-हाउस प्रोसीजर" है। यह उन जजों के खिलाफ सुधारात्मक कदम उठाने की अनुमति देता है जो तय किए गए न्यायिक मूल्यों का पालन नहीं करते हैं।

ये भी पढ़ें: सुप्रीम फटकार: समाज के एक हिस्से को बदनाम नहीं कर सकते, पहले बदला हुआ नाम बताएं तभी 'घूसखोर पंडित' रिलीज होगी

कौन करता है शिकायत की सुनवाई
नियमों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के जजों और हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों के खिलाफ शिकायत सुनने की शक्ति सिर्फ भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) के पास है। इसी तरह, हाई कोर्ट के जजों के व्यवहार के खिलाफ शिकायतें उस हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुनते हैं।

कानून मंत्री ने यह भी साफ किया कि सरकार के ऑनलाइन पोर्टल (CPGRAMS) या किसी अन्य माध्यम से जो भी शिकायतें मिलती हैं, उन्हें सीधे सीजेआई या संबंधित कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भेज दिया जाता है। जो ऐसी शिकायतें लेने के लिए सक्षम हैं।

अन्य वीडियो-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed