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Supreme Court Updates: फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: राहुल कुमार
Updated Tue, 24 Feb 2026 06:09 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' की देशव्यापी रिलीज पर रोक लगाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म का शीर्षक और कथित प्रस्तुति जाति-आधारित रूढ़ियों को बढ़ावा दे सकती है और सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका है।
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यह याचिका अधिवक्ता मकरध्वज यादव ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि फिल्म के रिलीज़ से पहले ही देश के विभिन्न हिस्सों में यादव समुदाय के लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन, जिला प्रशासन को ज्ञापन और सार्वजनिक आपत्तियां दर्ज कराई जा चुकी हैं, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका वास्तविक और गंभीर प्रतीत होती है।
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याचिका के अनुसार, यह मामला केवल निजी शिकायत तक सीमित नहीं है बल्कि व्यापक सामाजिक प्रभाव से जुड़ा है। इसमें कहा गया है कि फिल्म के शीर्षक और प्रचार सामग्री में यादव जी जैसे जाति-सूचक शब्द का प्रयोग पूरे समुदाय को फिल्म की कहानी और पात्रों से जोड़ देता है, जिससे आम दर्शक के मन में समुदाय को लेकर गलत धारणा बन सकती है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि फिल्म की रिलीज से समुदाय की गरिमा, प्रतिष्ठा और सामूहिक आत्मसम्मान को अपूरणीय क्षति हो सकती है। इसमें संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए कहा गया कि गरिमा और प्रतिष्ठा का अधिकार मौलिक अधिकार का हिस्सा है, और शीर्षक का प्रयोग पूरे समुदाय पर कथानक के प्रभाव का संकेत दे सकता है।
याचिकाकर्ता ने अदालत से अंतरिम रोक लगाने का अनुरोध करते हुए कहा है कि रिलीज की तय तारीख नजदीक होने के कारण कोई प्रभावी वैकल्पिक उपाय उपलब्ध नहीं है। उनका कहना है कि यदि फिल्म पहले रिलीज हो जाती है और बाद में आपत्तिजनक पाई जाती है, तो सामाजिक नुकसान की भरपाई संभव नहीं होगी, जबकि अस्थायी रोक से निर्माताओं को कोई अपूरणीय क्षति नहीं होगी और वे अदालत के निर्देशानुसार संशोधन कर सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार को दी बड़ी राहत, 'नवा केरल सर्वेक्षण' पर हाईकोर्ट की रोक हटाई
सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार को राहत देते हुए मंगलवार को केरल हाईकोर्ट के उस अंतरिम आदेश पर रोक लगा दी जिसमें राज्य के प्रस्तावित 'नवा केरल सर्वेक्षण' को रोक दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद सरकार को इस कार्य को आगे बढ़ाने की अनुमति मिल गई। मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल को होगी।
पिछले हफ्ते हाईकोर्ट ने केरल छात्र संघ (केएसयू) के नेताओं की ओर से दायर याचिकाओं के बाद सर्वेक्षण पर रोक लगा दी थी, जिन्होंने आरोप लगाया था कि चुनावों से पहले चलाया गया डाटा संग्रह अभियान सार्वजनिक धन से वित्त पोषित एक राजनीतिक रूप से प्रेरित अभियान था।
केरल हाईकोर्ट ने 'नवा केरल सर्वेक्षण' को गैरकानूनी बताते हुए रद्द कर दिया था और इसके वित्तपोषण और क्रियान्वयन पर सवाल उठाए। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम के लिए न तो उचित बजट आवंटन किया गया था और न ही वित्तीय स्वीकृति दी गई थी।केरल हाईकोर्ट के स्थगन आदेश को चुनौती देते हुए राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी।
पिछले हफ्ते हाईकोर्ट ने केरल छात्र संघ (केएसयू) के नेताओं की ओर से दायर याचिकाओं के बाद सर्वेक्षण पर रोक लगा दी थी, जिन्होंने आरोप लगाया था कि चुनावों से पहले चलाया गया डाटा संग्रह अभियान सार्वजनिक धन से वित्त पोषित एक राजनीतिक रूप से प्रेरित अभियान था।
केरल हाईकोर्ट ने 'नवा केरल सर्वेक्षण' को गैरकानूनी बताते हुए रद्द कर दिया था और इसके वित्तपोषण और क्रियान्वयन पर सवाल उठाए। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम के लिए न तो उचित बजट आवंटन किया गया था और न ही वित्तीय स्वीकृति दी गई थी।केरल हाईकोर्ट के स्थगन आदेश को चुनौती देते हुए राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी।