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तेलंगाना: 'फंड जारी करने में और देरी न करें', हैदराबाद मेट्रो फेज-2 के लिए सीएम रेवंत ने केंद्र से मांगा पैसा
Wed, 17 Jun 2026 07:46 AM IST
अमन तिवारी
एएनआई, हैदराबाद
एएनआई, हैदराबाद
Published by: अमन तिवारी
Updated Wed, 17 Jun 2026 07:46 AM IST
सार
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्र से हैदराबाद मेट्रो फेज-2 के लिए मंजूर फंड और मंजूरी मांगी है। उन्होंने 38,595 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट पर चर्चा के लिए रेल मंत्री से बैठक का समय मांगा। वहीं, केंद्र ने राज्य सरकार पर प्रोजेक्ट में देरी का आरोप लगाया है।
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रेवंत रेड्डी, सीएम, तेलंगाना
- फोटो : ANI
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विस्तार
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार से हैदराबाद मेट्रो रेल फेज-2 के लिए फंड जारी करने की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी किशन रेड्डी को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने मांग की है कि भारतीय रेलवे वित्त निगम (IRFC) से मंजूर किए गए पैसे को बिना किसी देरी के दिया जाए। साथ ही उन्होंने मेट्रो के दूसरे चरण के लिए जल्द मंजूरी देने का आग्रह भी किया है।
हैदराबाद मेट्रो रेल फेज-2 को लेकर तेलंगाना की कांग्रेस सरकार और केंद्र की एनडीए सरकार के बीच विवाद चल रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट का प्रस्ताव केंद्र को भेज दिया है। इस विस्तार योजना में सात कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव है। इसकी कुल लंबाई 122.9 किलोमीटर होगी। इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 38,595 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय मंत्री से कहा कि वे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ एक बैठक तय करें। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि वे इस बैठक में सभी जरूरी समझौतों और दस्तावेजों के साथ आएंगे। उनका कहना है कि बैठक में सभी मुद्दों पर चर्चा करके समस्या का समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य के लोग समझौते के अनुसार मंजूर किए गए कर्ज की मांग कर रहे हैं।
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मुख्यमंत्री ने साफ किया कि तेलंगाना सरकार या वहां के लोग कोई दान या विशेष एहसान नहीं मांग रहे हैं। वे केवल उस कर्ज की मांग कर रहे हैं जिसे भारत सरकार की एक संस्था ने पूरी जांच-परख के बाद मंजूर किया है। उन्होंने जी किशन रेड्डी को उनकी जिम्मेदारी याद दिलाते हुए कहा कि वे तेलंगाना से ही केंद्रीय मंत्री हैं। इसलिए उन्हें यह फंड दिलाने में मदद करनी चाहिए ताकि समझौते के हिसाब से पैसा मिल सके।
ये भी पढ़ें: Tamil Nadu: सीएम विजय की सरकार ने ₹75,000 तक के कर्ज माफ किए, 14 लाख+ किसानों को फायदा; किसे मिलेगा लाभ?
दूसरी तरफ, केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने इस मामले पर अलग राय रखी है। उन्होंने कहा कि वित्तीय असहमति और राज्य सरकार की कम प्रतिबद्धता के कारण यह प्रोजेक्ट रुका हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले की केसीआर सरकार और अब की कांग्रेस सरकार, दोनों ही इस प्रोजेक्ट को लेकर गंभीर नहीं हैं। उनके अनुसार, प्रोजेक्ट की तकनीकी और वित्तीय रिपोर्ट अभी तक पूरी नहीं हुई है।
जी किशन रेड्डी ने कहा कि केंद्र सरकार ने केवल यह सुझाव दिया है कि मेट्रो से होने वाली कमाई का इस्तेमाल कैसे हो। केंद्र चाहता है कि टिकटों और विज्ञापनों से मिलने वाले पैसे का उपयोग सबसे पहले मेट्रो के संचालन और रखरखाव के लिए किया जाए। इसके बाद बचे हुए पैसे से कर्ज चुकाने का फैसला होना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार पर उनके खिलाफ गलत प्रचार करने का आरोप भी लगाया।
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हैदराबाद मेट्रो रेल फेज-2 को लेकर तेलंगाना की कांग्रेस सरकार और केंद्र की एनडीए सरकार के बीच विवाद चल रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट का प्रस्ताव केंद्र को भेज दिया है। इस विस्तार योजना में सात कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव है। इसकी कुल लंबाई 122.9 किलोमीटर होगी। इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 38,595 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
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रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय मंत्री से कहा कि वे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ एक बैठक तय करें। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि वे इस बैठक में सभी जरूरी समझौतों और दस्तावेजों के साथ आएंगे। उनका कहना है कि बैठक में सभी मुद्दों पर चर्चा करके समस्या का समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य के लोग समझौते के अनुसार मंजूर किए गए कर्ज की मांग कर रहे हैं।
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मुख्यमंत्री ने साफ किया कि तेलंगाना सरकार या वहां के लोग कोई दान या विशेष एहसान नहीं मांग रहे हैं। वे केवल उस कर्ज की मांग कर रहे हैं जिसे भारत सरकार की एक संस्था ने पूरी जांच-परख के बाद मंजूर किया है। उन्होंने जी किशन रेड्डी को उनकी जिम्मेदारी याद दिलाते हुए कहा कि वे तेलंगाना से ही केंद्रीय मंत्री हैं। इसलिए उन्हें यह फंड दिलाने में मदद करनी चाहिए ताकि समझौते के हिसाब से पैसा मिल सके।
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दूसरी तरफ, केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने इस मामले पर अलग राय रखी है। उन्होंने कहा कि वित्तीय असहमति और राज्य सरकार की कम प्रतिबद्धता के कारण यह प्रोजेक्ट रुका हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले की केसीआर सरकार और अब की कांग्रेस सरकार, दोनों ही इस प्रोजेक्ट को लेकर गंभीर नहीं हैं। उनके अनुसार, प्रोजेक्ट की तकनीकी और वित्तीय रिपोर्ट अभी तक पूरी नहीं हुई है।
जी किशन रेड्डी ने कहा कि केंद्र सरकार ने केवल यह सुझाव दिया है कि मेट्रो से होने वाली कमाई का इस्तेमाल कैसे हो। केंद्र चाहता है कि टिकटों और विज्ञापनों से मिलने वाले पैसे का उपयोग सबसे पहले मेट्रो के संचालन और रखरखाव के लिए किया जाए। इसके बाद बचे हुए पैसे से कर्ज चुकाने का फैसला होना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार पर उनके खिलाफ गलत प्रचार करने का आरोप भी लगाया।