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'वे हमें उलझा रहे थे': संसद मार्च के बाद अभिजीत दीपके ने सरकार पर लगाए आरोप, कहा- नड्डा के घर किया गया नजरबंद

Tue, 21 Jul 2026 12:43 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Tue, 21 Jul 2026 12:43 PM IST
सार

संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि जेपी नड्डा से बातचीत के बहाने पार्टी के दो प्रतिनिधियों को नजरबंद किया गया। वहीं, बाहर प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज हुआ। उन्होंने दिल्ली पुलिस के पुरुष कर्मियों पर छात्राओं के साथ हिंसा का भी आरोप लगाया। 

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They were stalling CJP allegations against government after Parliament march says house arrest Nadda residence
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके - फोटो : ANI

विस्तार

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके और प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात को लेकर कहा कि सीजेपी के दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को नजरबंद किया गया। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस के पुरुष कर्मियों पर महिलाओं के खिलाफ हिंसा का आरोप लगाया है। 

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दीपके ने क्या आरोप लगाए
दीपके ने पत्रकारों से बताया कि 'जेपी नड्डा ने हमारे पैनल को चर्चा के लिए आमंत्रित किया था। उन्होंने समाधान निकालने और बातचीत करने का वादा किया था। लेकिन बातचीत के लिए बुलाने के बाद, उन्होंने यहां लाठीचार्ज कर दिया। इस तरह वे हमें फंसाने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने सौरभ दास और आशुतोष  को जेपी नड्डा के घर में ही नजरबंद कर दिया। उनके फोन छीन लिए गए। हम तीन घंटे तक आशुतोष  और सौरभ से संपर्क नहीं कर पाए। 
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बच्चों के सिर फोड़ने की क्या जरूरत थी?
उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाया कि धर्मेंद्र प्रधान को बचाने के लिए, जो पहले ही 20 से अधिक छात्रों की मौत के लिए जिम्मेदार है, मोदी सरकार और अमित शाह ने और बच्चों का खून बहाने का आदेश दिया। हमारे देश में क्या हो रहा है? अगर आप मार्च को रोकना चाहते थे, तो आप पानी की बौछारें इस्तेमाल कर सकते थे, लेकिन आपने आंसू गैस और क्रूर लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। बच्चों के सिर फोड़ने की क्या जरूरत थी? ये बच्चे इस देश का भविष्य हैं।'
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'पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिलाओं पर किया हमला'
दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए, दीपके ने कहा कि पुलिस ने कार्रवाई के दौरान युवा लड़कियों को निशाना बनाया था। उन्होंने कहा कि कल पूरे देश ने देखा कि दिल्ली पुलिस ने 12 साल की बच्चियों के सिर कितनी बेरहमी से फोड़े। पुलिस ने बच्चियों को पीटा, उनके कपड़े फाड़े और उनकी छाती पर लात मारी। और यह सब पुरुष पुलिसकर्मियों ने किया। किसी भी महिला पुलिसकर्मी ने किसी बच्ची को छुआ तक नहीं जिन्होंने भी हाथ उठाया, वे सभी पुरुष पुलिसकर्मी थे। 

सोनम के अनशन को लेकर क्या कहा? 
दीपके ने कहा 'कल हुई बर्बरता को देखते हुए, सोनम सर, जो कल अपना अनशन तोड़ने वाले थे, अब इसे नहीं तोड़ेंगे; वे अपना अनशन जारी रखेंगे। वे हुई बर्बरता को देखकर बहुत दुखी हैं, और उन्होंने अपनी पत्नी के माध्यम से एक पत्र भेजा है जिसमें कहा गया है कि छात्रों के खिलाफ हुए अत्याचारों के मद्देनजर वे अपनी भूख हड़ताल जारी रखेंगे। 

उन्होंने आगे कहा कि सोमवार की कार्रवाई के बावजूद विरोध प्रदर्शन रद्द नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'हम अपना विरोध जारी रखेंगे और जल्द ही अपने अगले बड़े कार्यक्रम की घोषणा करेंगे।'

दीपके की ये टिप्पणी नड्डा द्वारा मुख्य न्यायिक परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका और मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास से उनके आवास पर मुलाकात करने के एक दिन बाद आई है।

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