कांग्रेस की 1 नवंबर की रैली पर घमासान: वीएचपी बोली- हिंदू त्योहारों और कारोबार को निशाना बनाना बंद करें
विश्व हिंदू परिषद ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर आरोप लगाया है कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली से दिवाली के त्योहार और कारोबार प्रभावित हो सकते हैं। व्यापारियों ने भी रैली की तारीख बदलने की मांग की है, जबकि राहुल गांधी ने 'वोट चोरी' के मुद्दे पर चुनाव आयोग के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अपनी बात रखी है।
विस्तार
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली विपक्ष की रैली को लेकर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर निशाना साधा है। वीएचपी का आरोप है कि विपक्ष त्योहारों के समय रैली करके हिंदू त्योहारों की खुशियों और देश के कारोबार को नुकसान पहुंचा रहा है। संगठन ने विपक्षी दलों से अपील की है कि वे त्योहारों के दौरान ऐसे कार्यक्रम करने से बचें, जिनसे आम लोगों और व्यापारियों को परेशानी हो।
विरोध प्रदर्शन के नाम पर हिंदू त्योहारों और अर्थव्यवस्था पर हमलों से बाज आएं इंडी नेता... एक नवंबर की रैली को स्थगित करने की अपील व्यापारियों की थी, इसलिए ठुकरा दी। अगर यह जिहादियों की होती तो साष्टांग दंडवत करते हुए माफी भी मांगते और रैली को कैंसिल भी करते! यह अंतर है कांग्रेसी संस्कृति का... इसी दिन अहोई अष्टमी भी है, जो माताओं द्वारा अपनी संतानों की खुशी व दीर्घायु की कामना हेतु रखा जाने वाला एक बड़ा व्रत पर्व है। सावधान...!! व्यापारियों के व्यापार, हिंदुओं की आस्था और त्योहारों की खुशहाली के साथ देश की अर्थव्यवस्था को चौपट करने में चारों ओर से चौरस बिछाने में लगी हैं ये ट्रिपल सी (कांग्रेसी, कम्युनिस्ट एवं कम्युंनलिष्ट जिहादी) गैंग! पहले नवरात्रि और दशहरे पर, तो अब दीपावली जैसे देश के सबसे बड़े त्यौहार की खुशी और समृद्धि पर ग्रहण लगाने के षड्यंत्र रचे जा रहे हैं! लगातार हिंदू द्रोही मार्ग पर चलने वाले लोगों और संगठनों से देशवासियों (खासकर हिंदू समाज) को सावधान रहना होगा। इंडी की गांठे यह बात भी गांठ बांध के सुन लें कि आप लाख प्रयास कर लेना किंतु हिंदू समाज को और भारत की अर्थव्यवस्था को आघात करने वाले आपके इन कुचक्रों का जवाब समाज, समय आने पर, अवश्य देगा और आपके इन भारत विरोधी हिंदू द्रोही षडयंत्रों को कभी सफल नहीं होने देगा।
— विनोद बंसल Vinod Bansal বিনোদ বনসল వినోద్ బన్సాల్ (@vinod_bansal) October 27, 2026
वीएचपी ने कांग्रेस पर लगाए आरोप
वीएचपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट कर कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों ने 1 नवंबर को होने वाली रैली की तारीख आगे बढ़ाने की अपील की थी, लेकिन कांग्रेस ने उनकी बात नहीं मानी। बंसल का कहना है कि अगर यही मांग किसी दूसरे संगठन ने की होती, तो कांग्रेस शायद तुरंत रैली टालने के लिए तैयार हो जाती।
अहोई अष्टमी के दिन रैली पर जताई आपत्ति
विनोद बंसल ने कहा कि 1 नवंबर को अहोई अष्टमी का त्योहार भी है। इस दिन माताएं अपने बच्चों की लंबी उम्र और अच्छी सेहत के लिए व्रत रखती हैं। वीएचपी का मानना है कि ऐसे मौके पर रैली आयोजित करने से त्योहार की तैयारियों और लोगों की दिनचर्या पर असर पड़ सकता है। बंसल ने विपक्षी नेताओं से कहा कि उन्हें विरोध-प्रदर्शन करते समय त्योहारों और आम लोगों की भावनाओं का भी ध्यान रखना चाहिए।
व्यापारियों को कारोबार प्रभावित होने की चिंता
रैली की तारीख बदलने की मांग सिर्फ वीएचपी ने ही नहीं उठाई है। इससे पहले व्यापारियों ने दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में प्रदर्शन कर कांग्रेस से रैली दिवाली के बाद कराने की अपील की थी। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि इस मुद्दे पर इंडिया गठबंधन में शामिल सभी दलों को पत्र लिखा जाएगा। व्यापारियों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को भी पत्र भेजा है। उनका कहना है कि रैली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने, सड़कों पर रोक लगाने और यातायात का रास्ता बदलने से त्योहारों के मौसम में बाजारों तक ग्राहकों का पहुंचना मुश्किल हो सकता है। इससे दुकानदारों की बिक्री पर असर पड़ने की आशंका है।
राहुल गांधी ने भी रखी अपनी बात
राहुल गांधी ने सोमवार को 'एक्स' पर पोस्ट कर इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा कि अगर व्यापारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग करें, तो ये विरोध-प्रदर्शन 30 सेकंड में रुक जाएंगे। राहुल गांधी की यह टिप्पणी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर थी।
एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष की रैली
विपक्ष की इस रैली का मुख्य मकसद सरकार पर दबाव बनाना और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करना है। विपक्ष चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है, जबकि रैली की तारीख को लेकर व्यापारियों और वीएचपी ने आपत्ति जताई है।
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बंसल ने लोगों से सतर्क रहने को कहा
विनोद बंसल ने कांग्रेस, कम्युनिस्टों और दूसरे विरोधी समूहों पर निशाना साधते हुए उन्हें 'ट्रिपल सी' गिरोह बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि नवरात्रि और दशहरे के दौरान भी हिंदू त्योहारों की खुशियों को प्रभावित करने की कोशिशें हुई थीं और अब दिवाली के समय ऐसा किया जा रहा है। बंसल ने कहा कि हिंदू समाज और देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की कथित कोशिशें सफल नहीं होंगी। हालांकि, ये वीएचपी और उसके प्रवक्ता के आरोप हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से साबित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।