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West Bengal: शिक्षक भर्ती मामले में बिभास अधिकारी को ईडी ने किया तलब, TMC विधायक माणिक भट्टाचार्य के हैं करीबी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Tue, 24 Feb 2026 05:46 PM IST
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सार
प्राथमिक विद्यालय शिक्षक भर्ती मामले में सीबीआई की जांच में पता चला कि प्रारंभिक भर्ती में 350 लोगों को अप्रत्यक्ष तरीकों से नौकरियां दी गईं। जांचकर्ताओं को संदेह है कि बिभास इस गिरोह में एजेंट के रूप में काम कर रहा था।
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- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल में प्राथमिक विद्यालय शिक्षक भर्ती मामले में बिभास अधिकारी को तलब किया है। एजेंसी सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। बिभास अधिकारी तृणमूल कांग्रेस के विधायक माणिक भट्टाचार्य के करीबी सहयोगी हैं, जिन्हें प्राथमिक स्तर पर शिक्षक भर्ती घोटाले में ईडी द्वारा गिरफ्तार किया गया था।
भट्टाचार्य फिलहाल जमानत पर बाहर हैं, जो उन्हें कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 2024 में प्रदान की थी। गौरतलब है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के साथ-साथ ईडी भी शिक्षक भर्ती मामले की जांच कर रही है। इससे पहले ईडी और सीबीआई दोनों ने बीरभूम जिले के नलहाटी सहित बिभास अधिकारी के कई ठिकानों पर तलाशी ली थी।
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माणिक भट्टाचार्य के करीबी हैं बिभास अधिकारी
सीबीआई ने भी बिभास अधिकारी को कई बार तलब किया था। अदालत में भर्ती मामले में बिभास के खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल कर दिया गया है। इस बार ईडी ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया है।
पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष और तृणमूल विधायक माणिक भट्टाचार्य की गिरफ्तारी के बाद भर्ती मामले में बीरभूम जिले के नलहाटी के ब्लॉक-II के पूर्व तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष बिभास भी शामिल थे। उन्हें माणिक के 'घनिष्ठ मित्र' के रूप में जाना जाता था। बिभास निजी बी.एड और डीएलएड कॉलेज संगठन के पूर्व अध्यक्ष भी थे।
फ्लैट से निकला था बिभास का संबंध
2022 में माणिक की गिरफ्तारी के तुरंत बाद ईडी अधिकारियों ने उत्तरी कोलकाता के एमहर्स्ट स्ट्रीट स्थित एक फ्लैट की तलाशी ली। ईडी ने दावा किया कि बिभास का उस फ्लैट से संबंध था। तलाशी अभियान के बाद फ्लैट को सील कर दिया गया। अप्रैल 2023 में, सीबीआई ने बीरभूम स्थित बिभास के घर और आश्रम में तलाशी अभियान चलाया। वहां से बड़ी संख्या में दस्तावेज जब्त किए गए। इसके बाद सीबीआई अधिकारियों ने उन्हें कई बार कोलकाता स्थित निजाम पैलेस कार्यालय में तलब किया।
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बिभास को लेकर कई लोगों ने उठाए सवाल
गौरतलब है कि हुगली जिले के बालागढ़ से तृणमूल के पूर्व युवा नेता कुंतल घोष, जिन्हें भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किया गया था, ने सवाल उठाया था कि बिभास को गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा है। इतना ही नहीं, भर्ती घोटाले में शामिल गोपाल दलपति ने भी बिभास के खिलाफ आवाज उठाई थी। बाद में सीबीआई ने नलहाटी स्थित बिभास के घर और आश्रम पर छापा मारा।
अक्टूबर 2025 में सीबीआई ने प्राथमिक भर्ती घोटाले के मामले में अंतिम आरोपपत्र दाखिल किया। भर्ती मामले में आरोपी माणिक भट्टाचार्य, बिभास अधिकारी और रत्ना बागची के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया था।
(इनपुट आईएएनएस से)
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भट्टाचार्य फिलहाल जमानत पर बाहर हैं, जो उन्हें कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 2024 में प्रदान की थी। गौरतलब है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के साथ-साथ ईडी भी शिक्षक भर्ती मामले की जांच कर रही है। इससे पहले ईडी और सीबीआई दोनों ने बीरभूम जिले के नलहाटी सहित बिभास अधिकारी के कई ठिकानों पर तलाशी ली थी।
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माणिक भट्टाचार्य के करीबी हैं बिभास अधिकारी
सीबीआई ने भी बिभास अधिकारी को कई बार तलब किया था। अदालत में भर्ती मामले में बिभास के खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल कर दिया गया है। इस बार ईडी ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया है।
पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष और तृणमूल विधायक माणिक भट्टाचार्य की गिरफ्तारी के बाद भर्ती मामले में बीरभूम जिले के नलहाटी के ब्लॉक-II के पूर्व तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष बिभास भी शामिल थे। उन्हें माणिक के 'घनिष्ठ मित्र' के रूप में जाना जाता था। बिभास निजी बी.एड और डीएलएड कॉलेज संगठन के पूर्व अध्यक्ष भी थे।
फ्लैट से निकला था बिभास का संबंध
2022 में माणिक की गिरफ्तारी के तुरंत बाद ईडी अधिकारियों ने उत्तरी कोलकाता के एमहर्स्ट स्ट्रीट स्थित एक फ्लैट की तलाशी ली। ईडी ने दावा किया कि बिभास का उस फ्लैट से संबंध था। तलाशी अभियान के बाद फ्लैट को सील कर दिया गया। अप्रैल 2023 में, सीबीआई ने बीरभूम स्थित बिभास के घर और आश्रम में तलाशी अभियान चलाया। वहां से बड़ी संख्या में दस्तावेज जब्त किए गए। इसके बाद सीबीआई अधिकारियों ने उन्हें कई बार कोलकाता स्थित निजाम पैलेस कार्यालय में तलब किया।
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बिभास को लेकर कई लोगों ने उठाए सवाल
गौरतलब है कि हुगली जिले के बालागढ़ से तृणमूल के पूर्व युवा नेता कुंतल घोष, जिन्हें भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किया गया था, ने सवाल उठाया था कि बिभास को गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा है। इतना ही नहीं, भर्ती घोटाले में शामिल गोपाल दलपति ने भी बिभास के खिलाफ आवाज उठाई थी। बाद में सीबीआई ने नलहाटी स्थित बिभास के घर और आश्रम पर छापा मारा।
अक्टूबर 2025 में सीबीआई ने प्राथमिक भर्ती घोटाले के मामले में अंतिम आरोपपत्र दाखिल किया। भर्ती मामले में आरोपी माणिक भट्टाचार्य, बिभास अधिकारी और रत्ना बागची के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया था।
(इनपुट आईएएनएस से)
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