कौन हैं रूप कुमारी चौधरी: 19 साल में जिला पंचायत से सांसद तक का सफर, कैसे मिली भाजपा महिला मोर्चा की कमान?
जिला पंचायत सदस्य से सियासी सफर शुरू करने वाली रूप कुमारी चौधरी विधायक और सांसद बनने के बाद अब भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनी हैं। करीब 19 साल के राजनीतिक सफर में उन्होंने संगठन में भी कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। आइए उनके बारे में विस्तार से जानते हैं।
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छत्तीसगढ़ की जमीनी राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंचने वाली रूप कुमारी चौधरी को भाजपा ने अब बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। महासमुंद से लोकसभा सांसद रूप कुमारी चौधरी को पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम में भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। जिला पंचायत सदस्य से शुरू हुआ उनका सफर विधायक और संसदीय सचिव की जिम्मेदारी संभालने के बाद लोकसभा तक पहुंचा है।
कौन हैं रूप कुमारी चौधरी?
रूप कुमारी चौधरी का जन्म 5 जनवरी 1976 को सरायपाली में हुआ। उनके पिता का नाम तेजसाराम पटेल और माता का नाम तीजनबाई कुंवर पटेल है। उनका विवाह 1 अप्रैल 1993 को ओमप्रकाश चौधरी से हुआ। उनके पति भूमि विकास बैंक के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में खेती करते हैं। चौधरी की शैक्षणिक योग्यता एमए (राजनीति विज्ञान) है। उन्होंने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर से पढ़ाई की है। वह पेशे से कृषक हैं।
कैसे शुरू हुआ रूप कुमारी का सियासी सफर?
रूप कुमारी चौधरी ने 2005 में सरायपाली विधानसभा क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य के रूप में राजनीति में कदम रखा। इस दौरान वह सहकारिता एवं उद्योग समिति की सभापति रहीं। साथ ही प्राथमिक सहकारी संस्था केजुआं और जिला सहकारी संघ, महासमुंद की संचालक की जिम्मेदारी भी संभाली।
2005 से 2012 के बीच वह महासमुंद जिला पंचायत की सदस्य रहीं। इसी दौरान भाजपा महिला मोर्चा की जिला महासमुंद की महामंत्री के तौर पर भी काम किया। 2010 में वह बसना विधानसभा क्षेत्र से दोबारा जिला पंचायत सदस्य चुनी गईं। 2011 में उन्हें भाजपा महिला मोर्चा की जिला महामंत्री की जिम्मेदारी मिली। उनके राजनीतिक सफर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ाव का भी उल्लेख मिलता है।
कब और कैसे विधानसभा पहुंचीं रूप कुमारी चौधरी?
2013 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भाजपा ने रूप कुमारी चौधरी को बसना सीट से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने कांग्रेस के देवेंद्र बहादुर सिंह को हराकर पहली बार विधानसभा चुनाव जीता और 2013 से 2018 तक विधायक रहीं। विधायक रहते हुए वह सदस्य सुविधा एवं सम्मान समिति, पुस्तकालय समिति और महिलाओं एवं बालकों के कल्याण संबंधी समिति की सदस्य रहीं। इसी दौरान भाजपा की प्रदेश मंत्री के रूप में भी काम किया।
संसदीय सचिव भी रहीं
2015 में उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार में संसदीय सचिव बनाया गया। वह मई 2015 से दिसंबर 2018 तक इस पद पर रहीं। 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बसना से उनका टिकट काटकर दुर्गाचरण पटेल को उम्मीदवार बनाया। इसके बाद भी वह पार्टी संगठन में सक्रिय रहीं।
संगठन में बढ़ी भूमिका
2019 में उन्हें भाजपा महासमुंद का जिलाध्यक्ष बनाया गया। इसके अलावा वह छत्तीसगढ़ भाजपा की कार्यकारिणी की सदस्य भी रहीं। जिला संगठन में काम करने के बाद 2024 में भाजपा ने उन्हें महासमुंद लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया।
लोकसभा कैसे पहुंची रूप कुमारी चौधरी?
2024 के लोकसभा चुनाव में रूप कुमारी चौधरी ने कांग्रेस के पूर्व कैबिनेट मंत्री ताम्रध्वज साहू को 1,45,456 वोटों के अंतर से हराया। चौधरी को 7,03,659 वोट मिले। लोकसभा सदस्य बनने के बाद 26 सितंबर 2024 से वह कोयला, खान और इस्पात संबंधी समिति की सदस्य हैं। पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के अनुसार, उन्होंने संसद में 18 चर्चाओं में हिस्सा लिया और 159 प्रश्न पूछे हैं।
कितनी अमीर हैं रूप कुमारी चौधरी?
2024 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, रूप कुमारी चौधरी की कुल घोषित संपत्ति 5.39 करोड़ रुपये है, जबकि उन पर करीब 21.16 लाख रुपये की देनदारी है। उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
राष्ट्रीय जिम्मेदारी मिलने पर क्या कहा?
भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के बाद चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने एक साधारण कार्यकर्ता पर जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने का प्रयास करेंगी।
महिला सशक्तीकरण को लेकर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को साकार करने में मातृशक्ति की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि महिला मोर्चा संगठन के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ महिलाओं के स्वाभिमान, स्वावलंबन और सुरक्षा के लिए काम करेगा। अब राष्ट्रीय महिला मोर्चा की कमान संभालने के साथ चौधरी की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ से आगे बढ़कर देशभर में पार्टी के महिला संगठन को मजबूत करने की होगी।
दरअसल, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने सोमवार को पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम का एलान किया। 65 राष्ट्रीय पदाधिकारियों वाली इस टीम में महिलाओं को भी महत्वपूर्ण जगह दी गई है। कुल 12 महिलाओं को राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी मिली है, जबकि 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में छह महिलाएं हैं।