जॉब: नौकरी की तैयारी कर रहे हैं? रिज्यूमे में कंटेंट और फॉर्मेट दोनों का रखें ध्यान, बढ़ सकते हैं चयन के मौके
रिज्यूमे नौकरी के लिए आपकी पहली पहचान होता है। आज कई कंपनियां AI की मदद से रिज्यूमे की जांच करती हैं, इसलिए इसमें सही जानकारी, जरूरी स्किल्स और सरल फॉर्मेट का होना बेहद जरूरी है।
विस्तार
आज के समय में नौकरी और इंटर्नशिप के लिए आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कंपनियों के लिए हर रिज्यूमे को मैन्युअली पढ़ना मुश्किल होता है। इसी वजह से कई कंपनियां भर्ती प्रक्रिया के शुरुआती चरण में एआई और एप्लीकेंट ट्रैकिंग सिस्टम (एटीएस) जैसे टूल्स की मदद लेती हैं। ये सिस्टम रिज्यूमे में मौजूद जानकारी को स्कैन करके उम्मीदवार की योग्यता, अनुभव और जॉब से जुड़ी स्किल्स को पहचानने में मदद करते हैं। ऐसे में छात्रों के लिए यह समझना जरूरी है कि एआई रिज्यूमे को किस तरह पढ़ता है और अपना रिज्यूमे तैयार करते समय उन्हें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
ऐसे रिज्यूमे को स्कैन करता है एआई
एआई आधारित स्क्रीनिंग सिस्टम रिज्यूमे में मौजूद टेक्स्ट और जानकारी को पढ़कर उसे नौकरी की जरूरतों से मिलाने की कोशिश करता है। इसमें उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी और सॉफ्ट स्किल्स, इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट, काम का अनुभव और अन्य संबंधित जानकारी देखी जा सकती है। अगर जॉब डिस्क्रिप्शन में किसी खास स्किल या योग्यता का उल्लेख है, तो सिस्टम रिज्यूमे में उससे संबंधित जानकारी खोज सकता है।
डिजाइन से ज्यादा कंटेंट पर ध्यान
रिज्यूमे को आकर्षक बनाने के लिए बहुत ज्यादा डिजाइन, ग्राफिक्स, फोटो, आइकन या जटिल फॉर्मेटिंग का इस्तेमाल करने से बचें। कुछ स्क्रीनिंग सिस्टम ऐसे रिज्यूमे की जानकारी को सही तरीके से पढ़ नहीं पाते। छात्रों को सरल लेआउट, स्पष्ट हेडिंग और आसानी से पढ़े जाने वाले फॉन्ट का इस्तेमाल करना चाहिए। रिज्यूमे को पीडीएफ में सेव करने से पहले यह भी जांच लें कि टेक्स्ट सही तरीके से दिखाई दे रहा है या नहीं।
- एआई टूल्स की मदद लेने के बाद रिज्यूमे की पूरी जानकारी खुद जांच लें।
- रिज्यूमे में ऐसी कोई स्किल या उपलब्धि न जोड़ें, जो वास्तव में आपके पास नहीं है।
- रिज्यूमे ऐसा हो, जिसे एआई सिस्टम के साथ-साथ भर्ती करने वाला व्यक्ति भी आसानी से समझ सके।
उपलब्धियों को स्पष्ट तरीके से लिखें
रिज्यूमे में केवल प्रोजेक्ट या किसी गतिविधि में शामिल होने की जानकारी देने के बजाय अपनी जिम्मेदारी और उसके नतीजे भी बताएं। इससे नियोक्ता को आपके वास्तविक योगदान को समझने में आसानी होती है। उदाहरण के लिए, 'कॉलेज की सोशल मीडिया टीम का हिस्सा रहे' लिखने के बजाय 'सोशल मीडिया के लिए सामग्री तैयार की और तीन महीने तक अभियान की पहुंच बढ़ाने में योगदान दिया' लिखना आपकी भूमिका और उपलब्धि को ज्यादा प्रभावी ढंग से दर्शाता है।