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                                                                           जिंदगी जंग लगी मशीन सी
चल रही है
बिल्कुल उस खटारा दोस्त के स्कूटर सी

बहुत बार चलती है
कई बार बस खड़ी रहती है
बेजान सूखी लकड़ी जैसी

कभी यकलख्त दौड़ पड़ती है
बहुत बार उदासी के अंतिम
...और पढ़ें
1 day ago
                                                                           जब तुमने श्रृंगार में
अपनी आँखों में काजल उतारा,
मानो समूचे संसार की
अद्वितीय आभा
तुम्हारे चेहरे पर उतर आई।

और जब पीहर की यादों में डूबकर
घर के किसी शांत कोने में
अश्रु की कुछ बूंदें
धीर...और पढ़ें
1 day ago
                                                                           जब किसी के
बारे में सोचती हूं
पशु,पंछी
इंसान
सुख दुख
हंसना रोना
किसी की उदासी
किसी की खुशी
चिड़ियों का चहकना
फूलों का खिलना
मौसम का बदलना
सूर्य भगवान का
सुबह सुबह का...और पढ़ें
2 days ago
                                                                           भीड़ में एक चेहरा अचानक दिख जाता है,
बिना वजह दिल उसी तरफ मुड़ जाता है,
Butterflies in the stomach और पहली बारिश की भीगी हुई मिट्टी सा अहसास दिला जाता हैं
यही पहले हल्के खिंचाव की बात है,
दिलकशी (Attraction) इसी का नाम है।...और पढ़ें
2 days ago
                                                                           कभी तेरी तो कभी खुद की,मुझे तलाश रहती है।
जाने कौन सी जुस्तजू,यूँ मेरे आस-पास रहती है।।

कौन जाने, कब तक , गुजरेंगे इस इंतिहा से हम।
ये सोचकर, अब मेरी उदासी भी उदास रहती है।।
-यूनुस खान...और पढ़ें
2 days ago
                                                                           सीने में सुलगते हैं अरमाँ आँखों में उदासी छाई है
ये आज तिरी दुनिया से हमें तक़दीर कहाँ ले आई है

कुछ आँख में आँसू बाक़ी हैं जो मेरे ग़म के साथी हैं
अब दिल हैं न दिल के अरमाँ हैं बस मैं हूँ मिरी तन्हाई है

ना...और पढ़ें
3 days ago
                                                                           
कठिन तन्हाइयों से कौन खेला मैं अकेला
भरा अब भी मिरे गाँव का मेला मैं अकेला

बिछड़ कर तुझ से मैं शब भर न सोया कौन रोया
ब-जुज़ मेरे ये दुख भी किस ने झेला मैं अकेला

ये बे-आवाज़ बंजर बन के बासी ये उदासी...और पढ़ें
6 days ago
                                                                           मैं एकांत को चुनता हूँ
जैसे चेतना अपने केंद्र में लौटती है,
न पलायन की विवशता से,
न विरक्ति की उदासी से।

बंधन मुझे भयभीत नहीं करते,
पर उनका स्वामित्व-बोध
अंतर की स्वाधीन लय को
धीरे-धीरे क्षीण क...और पढ़ें
6 days ago
                                                                           मां के प्यार में गजब खूबी होती है।
वह तब ही उदास होती है।
जब बच्चों के चेहरे पर उदासी देखती है।
-ममता तिवारी...और पढ़ें
6 days ago
                                                                           उदासी में ढल गयी मुस्कराने
की अदा,
गुनगुनाती शाम जाने कब
ख़ामोश हो गई।
दिल की कहानी लब पे दबी
हीं रही,
दर्द-ए-ज़िगर आंखों से बयां
हो गयी।।...और पढ़ें
6 days ago
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