11:04 AM, 20-Oct-2026
मुक्त व्यापार समझौते को लेकर क्या बोले जेसीबी के सीईओ?
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लागू होने के अवसर पर आयोजित समारोह में जेसीबी के सीईओ और प्रबंध निदेशक दीपक शेट्टी ने कहा, “मैं न्यूजीलैंड के साथ इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए हमारे वाणिज्य मंत्री को धन्यवाद देना चाहता हूं। यह सिर्फ एक समझौता नहीं है, बल्कि हमारी सरकार इस तरह के 25 समझौतों पर काम कर रही है। जेसीबी का हमेशा से निर्यात पर ध्यान रहा है। हम अब 140वें देश में अपनी मशीनों का निर्यात कर रहे हैं। न्यूजीलैंड एक विकसित अर्थव्यवस्था है और वहां प्रति व्यक्ति आय करीब 48,000 डॉलर है। इसलिए वहां हमारी कई मशीनों का इस्तेमाल होता है। इनका उपयोग सिर्फ निर्माण कार्यों में ही नहीं, बल्कि कृषि और सामग्री की ढुलाई व प्रबंधन में भी किया जाता है। हमारे पास वहां के बाजार के लिए मशीनों की पूरी रेंज तैयार है।”
11:01 AM, 20-Oct-2026
न्यूजीलैंड के उच्चायुक्त ने एफटीए को बताया बड़ा अवसर
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लागू होने के अवसर पर आयोजित समारोह में न्यूजीलैंड के उच्चायुक्त पैट्रिक जॉन राटा ने कहा, “यह मुक्त व्यापार समझौता न्यूजीलैंड के लिए एक बड़ा अवसर साबित होगा। सबसे पहले, इससे न्यूजीलैंड को भारतीय बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा। भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और यह हमारे कारोबारियों को यह देखने का मौका देगा कि क्या वे भारतीय उपभोक्ताओं को न्यूजीलैंड के प्रसिद्ध उत्पादों, जैसे कीवी फल, शहद और सेब सहित कई अन्य उत्पादों को अधिक मात्रा में खरीदने के लिए आकर्षित कर सकते हैं।”
10:58 AM, 20-Oct-2026
2025 में कितना रहा द्विपक्षीय व्यापार?
रिपोर्ट के मुताबिक, कैलेंडर वर्ष 2025 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार करीब 1.23 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। इसमें भारत का निर्यात 65.18 करोड़ डॉलर और आयात 57.59 करोड़ डॉलर था। समझौते में अगले 15 वर्षों के दौरान न्यूजीलैंड से भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश का लक्ष्य भी रखा गया है। हालांकि, जीटीआरआई ने इस लक्ष्य को फिलहाल आकांक्षात्मक बताया है। इसकी वजह यह है कि इससे पहले के 25 वर्षों में न्यूजीलैंड का भारत में कुल निवेश एक अरब डॉलर से भी कम रहा है।
10:37 AM, 20-Oct-2026
भारत-न्यूजीलैंड एफटीए LIVE: भारतीय उत्पादों को 100 फीसदी शुल्क-मुक्त पहुंच, 20 अरब डॉलर के निवेश की उम्मीद
भारत से चमड़ा, जूते-चप्पल, कपड़े, टेक्सटाइल, दवाएं और इंजीनियरिंग उत्पाद (जेसीबी की खुदाई मशीनें) बिना किसी आयात शुल्क के न्यूजीलैंड भेजे जा सकेंगे। इस समझौते से अगले 15 वर्षों में न्यूजीलैंड से भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश आने की उम्मीद है। इसका लक्ष्य 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर तक पहुंचाना है। डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को विशेष संरक्षण दिया गया है ताकि भारतीय किसानों के हितों की रक्षा हो सके। इससे दोनों देशों के बीच कुशल पेशेवरों, विद्यार्थियों और युवाओं के लिए आवाजाही और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।