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Sikkim Tunnel Collapse LIVE: सिक्किम में अबतक 10 की मौत; PM-शाह ने CM तमांग से की बात, कहा- हरसंभव मदद करेंगे

Tue, 21 Jul 2026 03:40 PM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गंगटोक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गंगटोक Published by: Pavan Updated Tue, 21 Jul 2026 03:40 PM IST
खास बातें

Sikkim Tunnel Collapse Rescue Live Updates: सिक्किम के नामची जिले के समरदुंग (झोलुंगे) में स्थित एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। जिला प्रशासन के अनुसार, इस हादसे में अब तक 10 मजदूरों के मौत की पुष्टि हो चुकी है। यहां पढ़ें, सिक्किम में सुरंग हादसे से जुड़े अपडेट्स...

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Sikkim Tunnel Collapse Live Updates: Death Toll Rescue Operation Continues at Teesta Stage-6 Project
सिक्किम सुरंग हादसा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

लाइव अपडेट

03:39 PM, 21-Jul-2026

NHPC ने कहा कि फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने की हर संभव कोशिश की जा रही है

सरकारी कंपनी एनएचपीसी ने मंगलवार को कहा कि सिक्किम में तीस्ता हाइड्रो प्रोजेक्ट साइट पर फंसे लोगों को बाहर निकालने की हर संभव कोशिश की जा रही है। वहां बन रही एक टनल में धमाके के बाद कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। एनएचपीसी ने एक बयान में कहा कि साइट से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, टनल के अंदर 25 कर्मचारी फंसे हुए थे, जिनमें से अब तक 10 लोगों की मौत की खबर है।

बयान में कहा गया, '20 जुलाई, 2026 को दोपहर 1.04 बजे दक्षिण सिक्किम के समरडुंग में NHPC के तीस्ता स्टेज VI हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की बन रही हेड रेस टनल के अंदर एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। चट्टानों के अंदर फंसी मीथेन गैस के अचानक फटने से धमाका हुआ, जिससे घना धुआं और ज़हरीली गैसें निकलीं।'
02:10 PM, 21-Jul-2026

PM मोदी ने मृतकों के परिवारों के लिए ₹2 लाख और घायलों के लिए ₹50,000 की मदद का एलान किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सिक्किम के नामची जिले में बन रही एक टनल के ढहने से हुई मौतों पर दुख जताया और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से हर मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये की मदद देने का एलान किया। प्रधानमंत्री ने इस घटना में घायल हुए लोगों के लिए भी 50,000 रुपये देने की घोषणा की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'नामची, सिक्किम में बन रही एक टनल के ढहने से हुई मौतों से दुखी हूं। मैं पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हो जाएं। PMNRF से हर मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये की मदद दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे'।
 
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01:42 PM, 21-Jul-2026

अमित शाह ने सीएम से की बात, केंद्र से हरसंभव मदद का भरोसा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बात कर नामची जिले में निर्माणाधीन सुरंग में हुए भूस्खलन की घटना की जानकारी ली। अधिकारियों के अनुसार, अमित शाह ने चल रहे राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की और राज्य सरकार को केंद्र की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की सहायता के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह तैयार है।

यह हादसा सोमवार दोपहर नामची जिले के समरदुंग में एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुआ। भूस्खलन के कारण सुरंग का प्रवेश द्वार बंद हो गया, जिससे अंदर करीब 27 मजदूर फंस गए। इस दौरान सुरंग में गैस रिसाव होने की भी आशंका जताई गई। अधिकारियों ने बताया कि सुरंग के अंदर गैस होने के कारण बचाव अभियान में काफी मुश्किलें आ रही हैं। कई बचावकर्मियों को अंदर जाते समय चक्कर आए और कुछ बेहोश भी हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह गैस भूस्खलन के बाद जमीन के नीचे की चट्टानों और परतों में बदलाव होने से प्राकृतिक रूप से निकल रही है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
01:19 PM, 21-Jul-2026

भारी बारिश की वजह से टनल के अंदर भरा पानी

मामले में नामची SP सोनम डोलमा ने बताया कि 'करीब 27 लोग फंसे हुए हैं; यह संख्या बदल सकती है। फंसे हुए 27 लोगों में से हमने अब तक 10 शव बरामद कर लिए हैं। अभी हम उनमें से तीन की पहचान नहीं कर पाए हैं और पहचान की प्रक्रिया चल रही है। जिन लोगों की पहचान हो गई है, हम उनके परिवार वालों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि शव उन्हें सौंपे जा सकें... अब तक बरामद और पहचाने गए लोगों में से तीन पश्चिम बंगाल से हैं, एक उत्तराखंड से है, और असम व सिक्किम के लोग भी शामिल हैं। मैं अभी इसकी वजह नहीं बता सकती क्योंकि इसके लिए जांच-पड़ताल की जरूरत है और हमें विशेषज्ञों की राय भी लेनी होगी। इस पर हम बाद में बात करेंगे, लेकिन अभी हमारा पूरा ध्यान बचाव अभियान को जल्द से जल्द पूरा करने पर है। कल रात से हो रही भारी बारिश की वजह से टनल के अंदर पानी भर गया, जिससे बचाव अभियान में रुकावट आई। अंदर हालात पहले से ही मुश्किल थे और पानी ने मुश्किलें और बढ़ा दीं। हालांकि, पानी निकाले जाने के बाद बचाव अभियान फिर से शुरू हो गया'।
 
12:59 PM, 21-Jul-2026

सुरंग हादसे में बढ़ी मृतकों की संख्या

सिक्किम के नामची में हुए सुरंग हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ गई है। सुरंग से अबतक 10 मजदूरों के शव बरामद किए जा चुके हैं। जबकि अन्य के बचाव के लिए रेस्क्यू अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है।
12:35 PM, 21-Jul-2026

पीएम मोदी से बातचीत के बाद क्या बोले सीएम तमांग?

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं बचाव अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को राहत कार्य तेज करने, प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद करने और बचाव अभियान के दौरान सुरक्षा के सभी मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिया। साथ ही उन्होंने बचाव कार्य में लगे जवानों और अधिकारियों की बहादुरी, समर्पण और पेशेवर कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों और अपुष्ट सूचनाओं पर ध्यान न दें तथा प्रभावित मजदूरों और उनके परिवारों के लिए प्रार्थना करें। राज्य सरकार ने कहा है कि बचाव अभियान को सुरक्षित और तेजी से पूरा करने के साथ-साथ हादसे से प्रभावित परिवारों को हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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11:56 AM, 21-Jul-2026

पीएम मोदी ने सीएम तमांग से की बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बात की। प्रधानमंत्री ने बचाव अभियान की जानकारी ली और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया। इस हादसे में अब तक सात मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, सुरंग में फंसे अन्य मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। राज्य सरकार के अनुसार, प्रधानमंत्री ने समरडुंग (झोलुंगे) स्थित निर्माणाधीन सुरंग की स्थिति की जानकारी ली और चल रहे बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों और प्रभावित मजदूरों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि बचाव अभियान और राहत कार्यों के लिए केंद्र सरकार हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग के आश्वासन से राज्य प्रशासन को राहत और हौसला मिला है। उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद बचाव अभियान पूरी तेजी से चलाया जा रहा है।
09:31 AM, 21-Jul-2026

अभी तक भूस्खलन के सटीक कारण का नहीं चल सका पता

अधिकारियों के अनुसार, गैस का स्तर इतना अधिक है कि बचावकर्मी अभी तक उस स्थान तक नहीं पहुंच पाए हैं जहां मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। कई बचावकर्मियों को अंदर संपर्क स्थापित करने से पहले ही वापस लौटना पड़ा। प्रशासन अभी तक भूस्खलन के सटीक कारण का पता नहीं लगा पाया है। फंसे लोगों की संख्या को लेकर भी अभी अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। नामची जिला कलेक्टर अनुपा तामलिंग ने कहा कि जब तक एनडीआरएफ टीम फंसे हुए लोगों के सटीक स्थान तक नहीं पहुंच जाती, तब तक अंदर की स्थिति की पुष्टि नहीं की जा सकती। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उनकी पहली और सबसे बड़ी प्राथमिकता सुरंग के भीतर फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।
09:21 AM, 21-Jul-2026

जहरीली गैस के कारण बचाव में आई परेशानी

पश्चिम बंगाल से विशेष गैस-प्रोटेक्टिव उपकरणों से लैस विशेषज्ञ बचाव दल भी अभियान में शामिल किया गया है। जहरीली गैस के कारण कई बचावकर्मियों को चक्कर आने और तबीयत बिगड़ने की भी सूचना है। जिला कलेक्टर अनुपा तामलिंग ने बताया कि सुरंग के भीतर वेंटिलेशन बेहतर करने और सुरक्षित तरीके से फंसे मजदूरों तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं। बचावकर्मी गैस मास्क और अन्य सुरक्षा उपकरणों की मदद से अभियान चला रहे हैं, जबकि एंबुलेंस और चिकित्सा दल भी मौके पर तैनात हैं। उन्होंने बताया कि शुरू में रेस्क्यू करने गए तीन लोगों में से एक की हालत खराब हो गई, जिन्हें रंगपो सीएचसी में भर्ती कराया गया है।

तामलिंग ने बताया कि सुरंग के भीतर मीथेन गैस की मात्रा बहुत अधिक होने के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। पहली एनडीआरएफ टीम ने उन अग्निशमन कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकाला, जो घटना के बाद अंदर गए थे। इसके बाद दूसरी एनडीआरएफ टीम सुरंग में दाखिल हुई और बचाव अभियान जारी है। तामलिंग ने कहा, प्रारंभिक जानकारी के अनुसार करीब 19 मजदूर अंदर फंसे थे। बाद में बचाव के लिए पटेल इंजीनियरिंग के तीन कर्मचारी सुरंग में गए, जिनमें से दो भी अंदर फंस गए। इससे कंपनी के कुल 21 लोगों के अंदर होने की आशंका है। इसके अलावा एनएचपीसी के छह कर्मचारी भी सुरंग के भीतर बताए जा रहे हैं, जिससे कुल संख्या 27 तक पहुंचती है। वास्तविक संख्या इससे कम या अधिक भी हो सकती है।
09:20 AM, 21-Jul-2026

गैस निकालने के दौरा हुआ विस्फोट

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुरंग के प्रवेश द्वार से करीब 1.5 किलोमीटर भीतर मीथेन गैस जमा हो गई थी। गैस निकालने की कोशिश के दौरान विस्फोट जैसी स्थिति बनने के बाद सुरंग के भीतर भूस्खलन हुआ, जिससे बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया। कुछ मजदूर समय रहते बाहर निकल आए, जबकि कई अंदर फंस गए। राहत एवं बचाव अभियान गैस रिसाव और ऑक्सीजन की कमी के कारण बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला पुलिस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस की टीमें मौके पर तैनात है।
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