मुलाकात कर बुरी तरफ फंसे CBI डायरेक्टर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संगीन मामलों के आरोपियों से अपने निवास पर मुलाकात के मामले में सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा बड़ी मुसीबतों में घिरते दिख रहे हैं। इस संबंध में हुए अन्य कई खुलासों ने सिन्हा की परेशानी बढ़ा दी है।
सिन्हा की विजिटर डायरी के मुताबिक उनसे मिलने वालों में 2जी मामलों के आरोपियों के अतिरिक्त अनिल अंबानी, चर्चित मांस व्यापारी मोइन अख्तर कुरैशी, सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव और सपा महासचिव रामगोपाल यादव भी शामिल हैं।
रिकार्ड के मुताबिक सिन्हा ने अपने 15 महीने के कार्यकाल में 50 ऐसे लोगों से मुलाकात की, जिनके खिलाफ मामले अदालत के विचाराधीन हैं। मुलाकातियों में कारोबारी अनिल अंबानी के सिन्हा से 5 बार मिलने का जिक्र है।
बताया जाता है कि इसी तरह सपा प्रमुख मुलायम सिंह ने अपने भाई और सांसद रामगोपाल यादव के साथ सिन्हा से 15 बार मुलाकात की है। गौरतलब है कि तब यादव पर आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच सीबीआई के विचाराधीन थी।
15 महीने में 90 बार मुलाकात की
इसी प्रकार मांस कारोबारी कुरैशी ने तो बीते 15 महीने में सिन्हा से 90 बार मुलाकात की है। उल्लेखनीय है कि आयकर विभाग ने इसी साल जनवरी में कुरैशी के निवास और उनकी कंपनी के ठिकानों पर छापेमारी की थी।
दिलचस्प तथ्य यह है कि कुरैशी से 90 बार मुलाकात कर चुके सिन्हा ने सीबीडीटी से कुरैशी के सीबीआई से लिंक की भी जानकारी मुहैया कराने के लिए पत्र लिखा था। उल्लेखनीय है कि शीर्ष अदालत बृहस्पतिवार को इस मामले की सुनवाई करेगी।
बीते मंगलवार को सीबीआई के अधिवक्ता के विरोध के बाद शीर्ष अदालत ने अधिवक्ता प्रशांत भूषण को मुलाकात संबंधी दस्तावेज अदालत और सीबीआई के अधिवक्ता को उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुए बृहस्पतिवार को सुनवाई की तारीख तय की थी।
इन सारे मामलों को देखते हुए ही आम आदमी पार्टी बुधवार को सिन्हा को सीबीआई निदेशक के पद से हटाने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि सिन्हा के इस पद पर रहते न तो सीबीआई आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच करेगी और न ही अदालत में ईमानदारी से तथ्य ही पेश करेगी।