Chandrayaan 3: सांगली की फैक्ट्री में हुई GSLV मार्क III की कोटिंग, अजीत पवार ने बताया गर्व की बात
LVM3 लॉन्च व्हीकल मार्क-III, जिसे पहले GSLV Mk III कहा जाता था, तीन मॉड्यूल का संयोजन है। इसमें प्रोपल्शन, लैंडर और रोवर शामिल हैं। ये लैंडर के अंदर स्थित होते हैं। गौरतलब है कि 14 जुलाई को इसरो ने सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से LVM3-M4 रॉकेट पर चंद्रयान -3 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया था।
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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने शनिवार को कहा कि GSLV मार्क III की कोटिंग सांगली के एक उद्यमी की फैक्ट्री में की गई थी। उन्होंने कहा कि यह राज्य के लिए गर्व की बात है। बता दें कि GSLV मार्क III को LVM3 के नाम से भी जाना जाता है। एक फेसबुक पोस्ट में पवार ने कहा कि जीएसएलवी मार्क III रॉकेट की कोटिंग सांगली में रहने वाले संदीप सोले की फैक्ट्री डैजल डायना कोट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा की गई थी। यह राज्य के लिए गौरव की बात है।
तीन मॉड्यूल का संयोजन है LVM3
LVM3 लॉन्च व्हीकल मार्क-III, जिसे पहले GSLV Mk III कहा जाता था, तीन मॉड्यूल का संयोजन है। इसमें प्रोपल्शन, लैंडर और रोवर शामिल हैं। ये लैंडर के अंदर स्थित होते हैं। गौरतलब है कि 14 जुलाई को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से LVM3-M4 रॉकेट पर चंद्रयान -3 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया था। दोपहर 2.35 बजे उड़ान भरने के 17 मिनट बाद सैटेलाइट पृथवी कक्षा में पहुंच गया। चंद्रयान-3 40 दिन के सफर के बाद 23 अगस्त को शाम पांच बज कर 47 मिनट पर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा।
चंद्रमा की मिट्टी का भी अध्ययन करेगा इसरो
लैंडर और रोवर चांद के दक्षिण ध्रुव पर उतरेंगे और 14 दिन तक वहां प्रयोग करेंगे। वहीं, प्रोपल्शन मॉड्यूल चंद्रमा के ऑर्बिट में रहकर धरती से आने वाले रेडिएशन का अध्ययन करेगा। चंद्र मिशन के जरिए इसरो पता लगाएगा कि चांद की सतह पर कैसे भूकंप आते हैं? यह चंद्रमा की मिट्टी का भी अध्ययन करेगा।