Margi Budh Ka Rashiyon Par Prabhav: बुद्धि, तर्कशक्ति और वाणी के कारक ग्रह बुध देव 24 जुलाई 2026 की देर रात करीब 3 बजकर 54 मिनट पर मिथुन राशि में मार्गी होने जा रहे हैं। चूंकि मिथुन बुध की अपनी राशि है, इसलिए इस स्थिति में बुध की मौजूदगी व्यक्ति की तीव्र बुद्धि, संचार क्षमता और विश्लेषणात्मक सोच को मजबूत करने वाली मानी जाती है। सरल भाषा में समझें तो यह ग्रह हमारे सोचने-समझने, सवाल पूछने और जानकारी जुटाने के तरीके को नियंत्रित करता है। जब बुध अपनी ही राशि में अनुकूल स्थिति में होते हैं, तो व्यक्ति शोध, विश्लेषण और गहन सोच-विचार जैसे कार्यों में अपनी मानसिक क्षमताओं का बेहतर इस्तेमाल कर पाता है। हालांकि इस दौरान जिज्ञासा और मानसिक बेचैनी भी बढ़ सकती है। जिन लोगों की कुंडली में बुध मिथुन राशि में विराजमान हैं, उन्हें गणित, अर्थशास्त्र, ज्योतिष, लेखन और सूचना तकनीक जैसे क्षेत्रों में विशेष सफलता मिल सकती है। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा।
Budh Margi 2026: 24 जुलाई को मिथुन राशि में मार्गी होंगे बुध देव, जानें सभी 12 राशियों पर क्या रहेगा असर
Budh Margi 2026: 24 जुलाई को बुध देव मिथुन राशि में मार्गी होंगे, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों पर इसका क्या असर पड़ेगा और कौन से उपाय अपनाएं।
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मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए बुध देव तीसरे और छठे भाव के स्वामी हैं, और अब यह आपके तीसरे भाव में मार्गी होने जा रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध का तीसरे भाव में मार्गी होना सामान्य रूप से पूरी तरह शुभ नहीं माना जाता। इसके चलते आपको अपने भाई-बहनों के साथ छोटी-मोटी बहस या मतभेद का सामना करना पड़ सकता है और मन में कभी-कभी असुरक्षा या डर जैसी भावना भी घर कर सकती है। इसके अलावा गुरु ग्रह आपके धन भाव के स्वामी हैं और बुध के साथ मिथुन राशि में विराजमान होने से आपको आर्थिक नुकसान की भी आशंका बन सकती है। हालांकि यह स्थितियां हर किसी के लिए इतनी नकारात्मक नहीं रहेंगी। अगर आप परिवार के सदस्यों और भाई-बहनों के साथ विनम्रता व प्रेम से पेश आएंगे, तो निश्चित रूप से इसके सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों की कुंडली में बुध महाराज आपके दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी हैं और अब यह आपके दूसरे भाव में मार्गी होने जा रहे हैं। बुध ग्रह का दूसरे भाव में मार्गी होना ज्योतिष में सामान्यतः शुभ माना जाता है। चूंकि बुध अपनी ही राशि में मौजूद होंगे, इसलिए यह आपके पक्ष में अनुकूल परिणाम देने की भरपूर कोशिश करेंगे। इस अवधि में आप अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार गहने, कपड़े और अन्य जरूरी सामान खरीद सकते हैं। इसके साथ ही वाणी से जुड़े क्षेत्रों में भी आपका प्रदर्शन विशेष रूप से निखरेगा। परिवार के सदस्यों के साथ आपकी बातचीत बेहतर होगी, जिससे रिश्तों में मजबूती आएगी और आपका बेहतरीन संचार कौशल आसपास के लोगों को भी प्रभावित करेगा।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों की कुंडली में बुध ग्रह पहले और चौथे भाव के स्वामी हैं, और अब यह सीधे आपके लग्न यानी पहले भाव में ही मार्गी हो रहे हैं। बुध अपनी ही राशि मिथुन में विराजमान होंगे और साथ ही गुरु ग्रह का प्रभाव भी इन पर रहेगा। हालांकि सामान्य रूप से बुध का लग्न भाव में मार्गी होना बहुत शुभ नहीं माना जाता, फिर भी यह आपको काफी हद तक सकारात्मक परिणाम देने की कोशिश करेगा। कुंडली के लग्न भाव में बुध की मौजूदगी कभी-कभी व्यक्ति को दूसरों को उकसाने वाला या कठोर वाणी बोलने वाला बना सकती है। इसके अलावा यह आपको धन हानि की स्थिति में भी डाल सकता है, लेकिन समझदारी और सावधानी से काम लेने पर आप अनावश्यक खर्च से बचकर अपनी आर्थिक स्थिति को संतुलित रख पाएंगे। गुरु ग्रह के प्रभाव के चलते आपको इस तरह की किसी बड़ी परिस्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों की कुंडली में बुध देव तीसरे और बारहवें भाव के स्वामी हैं और अब यह आपके बारहवें भाव में मार्गी होने जा रहे हैं। अगर आप इस दौरान अच्छे व्यवहार और विनम्रता को बनाए रखेंगे, तो नकारात्मक प्रभावों को काफी हद तक कम कर सकते हैं। इस भाव में बुध के बैठे होने से जातक अनावश्यक खर्च करते नजर आ सकते हैंम इससे धन हानि की भी संभावना बनती है। इस अवधि में आपको कुछ यात्राएं करनी पड़ सकती हैं, लेकिन गुरु का प्रभाव किसी बड़े नुकसान से बचाए रखेगा। पढ़ाई में कुछ बाधाएं आ सकती हैं, फिर भी मेहनती छात्र अपनी लगन के दम पर सफलता हासिल कर लेंगे।