बीवाईडी के लग्जरी ब्रांड यांगवांग की इलेक्ट्रिक हाइपरकार यू9 एक्सट्रीम ने 503.17 किमी प्रति घंटा की रफ्तार हासिल कर नया विश्व रिकॉर्ड बना दिया है। इसके साथ ही कार ने अपना ही पिछला रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। अबू धाबी में हासिल की गई यह रफ्तार इसे दुनिया की सबसे तेज प्रोडक्शन कार बनाती है। खास बात है कि इस कार को दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी मिल चुके हैं।
503.17 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से बनाया रिकॉर्ड
- बीवाईडी के लग्जरी ब्रांड यांगवांग ने अपनी U9 एक्सट्रीम हाइपरकार के साथ वैश्विक स्पीड रिकॉर्ड को एक बार फिर अपने नाम कर लिया है। इस इलेक्ट्रिक कार ने 503.17 किमी प्रति घंटा (312.65 मील प्रति घंटा) की अधिकतम रफ्तार हासिल की।
- इससे पहले कार ने पिछले साल जर्मनी में 496.22 किमी प्रति घंटा की रफ्तार दर्ज की थी। नए रिकॉर्ड के साथ यू9 एक्सट्रीम ने अपने पुराने आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है। खास बात यह है कि इस बार कार ने 500 किमी प्रति घंटा की रफ्तार का आंकड़ा भी पार कर लिया।
मिले दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
- दिलचस्प बात यह है कि 503.17 किमी प्रति घंटा की रफ्तार हासिल करने के साथ यांगवांग यू9 एक्सट्रीम को दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड मिले हैं। इनमें प्रोडक्शन कार की ओर से एक दिशा में सबसे अधिक स्पीड, इलेक्ट्रिक प्रोडक्शन कार की ओर से एक दिशा में सबसे अधिक स्पीड शामिल हैं।
- इस स्पीड रिकॉर्ड को विश्व मोटरस्पोर्ट की गवर्निंग बॉडी FIA ने भी मान्यता दी है। यानी कार की यह उपलब्धि सिर्फ कंपनी के दावे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे मोटरस्पोर्ट की प्रमुख संस्था से भी मान्यता मिली है।
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यांगवांग U9 एक्सट्रीम ने बनाया नया विश्व रिकॉर्ड
- फोटो : yangwangauto
कब, कहां और कैसे बनाया रिकॉर्ड?
- यांगवांग ने एक नवंबर 2026 को अबू धाबी के अल धाफरा क्षेत्र में यह रिकॉर्ड बनाया है। इसके लिए शेख खलीफा बिन जायद इंटरनेशनल रोड (E11) को चुना गया था। कार को जर्मन रेसिंग ड्राइवर मार्क बैसेन्ग ने चलाया। खास बात है कि पिछले साल जर्मनी में पिछला रिकॉर्ड बनाते समय भी उन्होंने ही कार की कमान संभाली थी।
- इस रिकॉर्ड के लिए सड़क के करीब 10 किलोमीटर के हिस्से को बंद किया गया था। 31 अक्तूबर को किए गए दो रन में कार ने अधिकतम 490 किमी प्रति घंटा की रफ्तार हासिल की थी। इसके बाद इंजीनियरों ने कार की सेटिंग में कई बदलाव किए।
- रातभर चली तैयारी में बैटरी और मोटर के तापमान को ऑप्टिमाइज किया गया। इसके अलावा रियर विंग के एंगल को एडजस्ट किया गया, सस्पेंशन सॉफ्टवेयर में बदलाव किए गए और टायर प्रेशर को भी फाइन-ट्यून किया गया। इन बदलावों के बाद अगले दिन दूसरे रन में कार ने 503.17 किमी प्रति घंटा की रफ्तार हासिल कर नया रिकॉर्ड बना दिया।
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यू9 एक्सट्रीम की खासियत
- फोटो : yangwangauto
यांगवांग U9 एक्सट्रीम में कितनी ताकत है?
कंपनी के अनुसार, यांगवांग U9 एक्सट्रीम की सबसे बड़ी खासियत इसका इलेक्ट्रिक पावरट्रेन है। इसमें चार इलेक्ट्रिक मोटर दी गई हैं, जो मिलकर 3000 पीएस से ज्यादा की पावर जनरेट करती हैं। इसकी तकनीकी खूबियां कुछ प्रकार हैं...
- चार इलेक्ट्रिक मोटर: इनसे कुल 3000 PS से ज्यादा यानी करीब 3019 PS की पावर मिलती है।
- मोटर की क्षमता: प्रत्येक मोटर 30,000 RPM तक घूम सकती है।
- 200V प्लेटफॉर्म: इसमें अल्ट्रा-हाई-स्पीड 1200V प्लेटफॉर्म दिया गया है।
- बैटरी तकनीक: कार में ब्लेड बैटरी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
- पावर-टू-वेट रेशियो: इसका आंकड़ा 1217 PS प्रति टन है।
- DiSus-X सिस्टम: इसमें इंटेलिजेंट बॉडी कंट्रोल सिस्टम दिया गया है।
- खास टायर: इसमें जीती टायर्स के विशेष हाई-परफॉर्मेंस सेमी-स्लिक टायर लगाए गए हैं।
- इन खूबियों के साथ कार को बेहद तेज रफ्तार पर बेहतर नियंत्रण और प्रदर्शन के लिए तैयार किया गया है।
स्टेला ली ने इंजीनियरों की तारीफ की
बीवाईडी की कार्यकारी उपाध्यक्ष स्टेला ली ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि हमारे इंजीनियर युवा, बोल्ड और थोड़े पागल हैं, लेकिन अच्छे तरीके से।503.17 किमी प्रति घंटा एक शानदार उपलब्धि है।
दुनिया में सिर्फ 30 यूनिट्स तक सीमित है यह कार
- यांगवांग U9 एक्सट्रीम सिर्फ रफ्तार के मामले में ही खास नहीं है, बल्कि इसकी उपलब्धता भी सीमित रखी गई है। दुनिया भर में इसकी केवल 30 यूनिट्स बनाई जाएंगी। इसकी पहली प्रोडक्शन यूनिट को डॉन मोमेंट नाम दिया गया था, जिसे बीजिंग ऑटो शो में दिखाया गया था।
- यांगवांग U9 एक्सट्रीम का 503.17 किमी प्रति घंटा की रफ्तार हासिल करना इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक के लिए बड़ी उपलब्धि है। यह दिखाता है कि इलेक्ट्रिक हाइपरकार अब 500 किमी प्रति घंटा से ज्यादा की रफ्तार वाले रिकॉर्ड भी बना सकती हैं। इस उपलब्धि के साथ इलेक्ट्रिक कारों ने हाई-स्पीड परफॉर्मेंस के क्षेत्र में अपनी क्षमता का एक और उदाहरण पेश किया है।