साल 2020-23 के बीच कोरोना महामारी के सबसे कठिन दौर को पीछे छोड़ने के बाद लोगों ने राहत की सांस जरूर ली थी, लेकिन असल में खतरा पूरी तरह से टला नहीं है। वायरस नए स्ट्रेन्स के साथ लगातार सामने आता रहा है। अब भारत में भी इसके मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं।
Covid-19: देश में कोरोना के मामले बढ़ा रहे हैं टेंशन, क्या सर्दी-खांसी होते ही करा लें टेस्ट?
देश में कोविड-19 के मामले पहले की तुलना में काफी कम हैं और अधिकांश संक्रमित मरीजों में बीमारी हल्की देखी जा रही है।
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कोरोना के मामलों को लेकर चिंता
अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने गायक और पूर्व बिग बॉस प्रतियोगी जान कुमार सानू के कोरोना पॉजिटिव होने और अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी थी। खबरों के मुताबिक महाराष्ट्र में भी कई स्थानों पर संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखी गई है।
- अच्छी बात यह है कि फिलहाल सामने आने वाले अधिकांश संक्रमित मरीजों में बीमारी हल्की होती है। ज्यादातर लोगों में सर्दी, गले में खराश, हल्का बुखार, खांसी, सिरदर्द या शरीर दर्द जैसे लक्षण देखे जाते हैं। ज्यादातर लोग घर पर आराम, पर्याप्त पानी और डॉक्टर की सलाह से ठीक हो जाते हैं।
कोरोना के मामलों को देखते हुए लोगों के मन में सवाल उठने लगा है क्या फिर से टेस्ट शुरू करा देना चाहिए?
कब कराएं कोरोना की जांच?
मौसम में बदलाव और मानसून के इन मौसम में पहले से वायरल संक्रमण का जोखिम बना हुआ है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि यदि सर्दी, खांसी या बुखार हो जाए तो क्या तुरंत कोविड टेस्ट करा लेना चाहिए?
- विशेषज्ञों के अनुसार हर व्यक्ति को सर्दी या हल्के बुखार पर कोविड टेस्ट कराने की जरूरत नहीं होती। जांच कराने का निर्णय कई बातों पर निर्भर करता है-जैसे हाल में किसी कोविड मरीज के संपर्क में तो नहीं आए हैं या फिर आपके लक्षण लगातार बढ़ तो नहीं रहे हैं?
- यदि तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ, ऑक्सीजन का स्तर कम होना या लगातार बिगड़ते लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से मिलकर सलाह लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।