कॉलरा (हैजा रोग) वैश्विक स्तर पर 5 साल से कम उम्र के बच्चों में मौत का बड़ा कारण रहा है। हैजा का नाम सुनने पर शायद आपको लगे जैसे ये कोई पुरानी बीमारी है, लेकिन दुनिया के कई हिस्सों में यह आज भी जानलेवा साबित हो रहा है। साल 2025 में कॉलरा के रिपोर्ट किए गए मामले 2024 से भले ही कम है, फिर भी बीमारी से मरने वालों की संख्या अधिक देखी जा रही है।। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएओ) के आंकड़े बताते हैं कि एक साल में इस बीमारी से 7,870 लोगों की मौत हुई और यह आंकड़ा 1999 के बाद सबसे ज्यादा है।
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट: 1999 के बाद हैजा से सबसे ज्यादा मौतें, 90% ज्यादा मामले अकेले इन सात देशों में
Cholera Deaths: डब्ल्यूएचओ के मुताबिक 2025 में 47 देशों से 4,51,499 हैजा के मामले और 7,870 मौतें रिपोर्ट किए गए। मामले 2024 से करीब 20% घटे, लेकिन मौतें करीब 31% बढ़ गई हैं। सात देशों में करीब 90% मामले और मौतें रिपोर्ट किए गए। दूषित पानी, स्वच्छता में कमी इसका सबसे बड़ा कारण हैं।
क्या कहती है ये रिपोर्ट?
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में दुनियाभर में कॉलरा से होने वाली मौतों में करीब 30% की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान कुल 7,870 लोगों की बीमारी से जान गई साल जो 1999 के बाद किसी एक साल में दर्ज सबसे ज्यादा मौत के मामले हैं। 2025 में कॉलरा के 4.51 लाख नए मामले रिपोर्ट हुए, जो 2024 के मुकाबले करीब 20% कम हैं।
- 2025 में बस सात देशों अंगोला, बांग्लादेश, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, नाइजीरिया, दक्षिण सूडान, सूडान और यमन से ही दुनिया के करीब 90% रिपोर्ट किए गए। इन देशों में साफ पानी और स्वच्छता की कमी कॉलरा फैलने की बड़ी वजह है।
- इसके अलावा इन सभी देशों में 2025 के दौरान संघर्ष या प्राकृतिक आपदा के कारण बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर छोड़कर दूसरी जगह जाना पड़ा।
- ऐसे हालात में लोगों को साफ पानी, शौचालय और स्वास्थ्य सेवाएं मिलना मुश्किल हो जाता है, जिससे बीमारी तेजी से फैल सकती है।
गौरतलब है कि कॉलरा तेजी से फैलने वाला गंभीर आंतों का संक्रमण है। यह विब्रियो कॉलेरी नाम के बैक्टीरिया से होता है। आमतौर बैक्टीरिया से दूषित पानी या खाना खाने से संक्रमण का खतरा होता है।
कॉलरा से बचाव और इलाज दोनों उपलब्ध
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, कॉलरा की समय रहते पहचान हो जाए तो इसका इलाज संभव है। मरीज में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करने के लिए ओआरएस और जरूरत पड़ने पर नस के जरिए दवाएं-तरल पदार्थ और कुछ मामलों में एंटीबायोटिक दवाएं दी जाती हैं। लेकिन अगर इलाज समय पर न मिले तो कॉलरा बहुत तेजी से जानलेवा हो सकता है।
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक 2025 में रिपोर्ट हुई कॉलरा की मौतों में हर पांच में से एक मौत स्वास्थ्य केंद्र के बाहर हुई।
डब्ल्यूएचओ के स्वास्थ्य आपात कार्यक्रम के कार्यकारी निदेशक चिक्वे इहेक्वेजू कहते हैं, कॉलरा से किसी की मौत नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इसे रोकने और इलाज करने के हमारे पास साधन मौजूद हैं। जिन देशों में मामले और मौतें ज्यादा देखी गई हैं, वहां सुरक्षित पानी, स्वच्छता और साफ-सफाई की कमी बहुत ज्यादा है, इसमें सुधार की जरूरत है।
कॉलरा रोग के बारे में जान लीजिए जरूरी बातें
- कॉलरा मुख्य रूप से ऐसे पानी या खाने से फैलता है जो संक्रमित व्यक्ति के मल से दूषित हो गया हो।
- बीमारी का सबसे बड़ा खतरा है तेजी से होने वाले दस्त हैं, जिसके कारण शरीर से बहुत ज्यादा पानी और जरूरी मिनरल्स निकल सकते हैं।
- कॉलरा में दस्त इतने ज्यादा हो सकते हैं कि शरीर बहुत तेजी से डिहाइड्रेट होने लगता है, इससे पानी की गंभीर कमी हो सकती है।
- कॉलरा में दस्क के साथ कमजोरी, चक्कर आने, बहुत ज्यादा प्यास, पेशाब कम होने और गंभीर स्थिति में बेहोशी तक हो सकती है।
- जहां पीने का साफ पानी उपलब्ध नहीं होता, शौचालयों की व्यवस्था गड़बड़ होती है वहां कॉलरा तेजी से फैल सकता है। बाढ़-चक्रवात, युद्ध और लोगों का बड़े पैमाने पर विस्थापन इन समस्याओं को और बढ़ा सकते हैं।
- कॉलरा से बचने के लिए साफ पीने का पानी बहुत जरूरी है। साफ पानी पिएं, खाने को अच्छी तरह पकाएं और हाथों को साबुन से साफ रखें।
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स्रोत:
WHO: Global cholera deaths rose by 30% in 2025
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