क्या आपकी भी रात की नींद पूरी नहीं हो रही है? रात में वेब सीरीज देख रहते हैं, सोशल मीडिया पर स्क्रॉलिंग करते-करते ज्यादा समय बीत जाता है और सोने के लिए पूरा समय नहीं मिल पाता?
Sleep Disorders: रोज एक घंटे भी कम सोना बढ़ा सकता है आपका वजन, डायबिटीज-हृदय रोगों का भी खतरा
अगर आप लगातार हर रात सिर्फ 80 मिनट (करीब डेढ़ घंटे) कम सोते हैं, तो इसका असर सिर्फ दिनभर की सुस्ती तक सीमित नहीं रहता। धीरे-धीरे आपका वजन बढ़ सकता है। वजन बढ़ने के कारण डायबिटीज, हृदय रोग जैसी क्रॉनिक बीमारियों का जोखिम भी बढ़ जाता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नींद की कमी का सेहत पर असर
अमेरिकी जर्नल एनल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित इस नए अध्ययन ने इसी सवाल का जवाब खोजने की कोशिश की कि आखिर रोजाना थोड़ी-सी नींद कम होने का शरीर पर क्या असर पड़ता है? इसमें विशेषज्ञों ने पाया कि अगर कोई व्यक्ति रोजाना सिर्फ एक घंटे से कुछ अधिक समय की नींद कम लेता है, तो इसका असर उसकी सेहत पर अपेक्षा से कहीं ज्यादा पड़ सकता है।
- अध्ययन में सामने आया है कि लगातार छह सप्ताह तक हर रात लगभग 80 मिनट कम सोने वाले लोगों का वजन बढ़ गया, उनकी शारीरिक सक्रियता घट गई।
- शोधकर्ताओं का कहना है कि स्वस्थ जीवनशैली में संतुलित भोजन और नियमित व्यायाम जितने जरूरी हैं, उतनी ही महत्वपूर्ण पर्याप्त नींद भी है।
अध्ययन में क्या पता चला?
कोलंबिया यूनिवर्सिटी वैगेलोस कॉलेज ऑफ फिजिशियंस एंड सर्जन्स के शोधकर्ताओं ने ये अध्ययन किया है। वैज्ञानिकों ने यह जानने की कोशिश की कि यदि कोई व्यक्ति रोजाना थोड़ी-सी नींद कम लेता रहे, तो उसका शरीर किस तरह प्रतिक्रिया देता है।
- अध्ययन में 95 स्वस्थ वयस्कों को शामिल किया गया।
- प्रतिभागियों ने छह सप्ताह तक अपनी सामान्य दिनचर्या की तुलना में लगभग 90 मिनट देर से सोना शुरू किया, जिससे उनकी कुल नींद औसतन करीब 80 मिनट कम हो गई।
- अध्ययन के नतीजों में पाया गया कि जिन लोगों की नींद लगातार कम हुई, उनका औसतन लगभग 450 ग्राम वजन बढ़ गया।
- यह बढ़ोतरी देखने में भले ही बहुत अधिक न लगे, लेकिन शोधकर्ताओं का मानना है कि यदि यही स्थिति महीनों या वर्षों तक बनी रहे तो इसका प्रभाव काफी बड़ा हो सकता है।
क्रॉनिक बीमारियों का हो सकते हैं शिकार
नींद की कमी का असर केवल वजन तक सीमित नहीं रहा। प्रतिभागी पहले की तुलना में अधिक समय तक निष्क्रिय बैठे रहे और उनकी रोजमर्रा की शारीरिक गतिविधियां भी कम हो गईं।
- शोधकर्ताओं का कहना है कि वजन नियंत्रित रखने के लिए केवल संतुलित आहार और नियमित व्यायाम पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है।
- पर्याप्त और नियमित नींद भी स्वस्थ जीवनशैली का उतना ही महत्वपूर्ण हिस्सा है।
- जिन लोगों की नींद पूरी नहीं होती, उनमें मोटापा और इसके कारण डायबिटीज, हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है।
--------------
स्रोत:
Prolonged Short Sleep and Its Effect on Body Weight and Composition: A Pooled Analysis of Randomized Trials
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।