डायबिटीज वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है, सभी उम्र के लोग इसका शिकार हो रहे हैं। इसे सिर्फ ब्लड शुगर बढ़ने की बीमारी समझने की गलती नहीं की जानी चाहिए, डायबिटीज इससे कहीं ज्यादा खतरनाक स्थिति है। अगर इसे कंट्रोल में न रखा जाए तो समय के साथ आंखों, किडनी, तंत्रिकाओं के साथ शरीर के कई अंगों पर गंभीर असर हो सकता है।
सेहत की बात: डायबिटीज में क्यों लगती है बार-बार प्यास? डॉक्टरों ने बताई इसकी वजह
डायबिटीज में ब्लड शुगर बढ़ने पर अतिरिक्त ग्लूकोज पेशाब के रास्ते बाहर निकलता है और इसके साथ शरीर से ज्यादा पानी भी निकलता है। इससे बार-बार पेशाब आती है और शरीर में पानी की कमी होने पर तेज प्यास लगती है। लगातार प्यास को नजरअंदाज करने के बजाय ब्लड शुगर की जांच करानी चाहिए।
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डायबिटीज में ज्यादा प्यास लगने की समस्या
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि डायबिटीज में जब ब्लड शुगर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो किडनी पर भी दबाव और दिक्कतें बढ़ने लगती हैं। इससे अतिरिक्त ग्लूकोज पेशाब के साथ बाहर जाने लगता है। ग्लूकोज के साथ पानी भी ज्यादा मात्रा में बाहर निकलता है। इसी कारण बार-बार पेशाब आने लगती है।
- पेशाब के जरिए ज्यादा पानी निकलने पर शरीर में पानी की कमी होने लगती है।
- दिमाग में मौजूद प्यास नियंत्रित करने वाली व्यवस्था शरीर को पानी पीने का संकेत देती है। इसलिए डायबिटीज के कारण आपको बार-बार पानी पीने की जरूरत महसूस होती है।
- अगर आपको भी बहुत ज्यादा प्यास लग रही है और ज्यादा पेशाब भी हो रहा है तो ब्लड शुगर की जांच कराना जरूरी है।
इन लक्षणों पर भी दें ध्यान
डायबिटीज में बढ़ी हुई प्यास के साथ बार-बार पेशाब आना एक महत्वपूर्ण संकेत है। इसके अलावा कुछ लोगों को भूख ज्यादा लगना, बिना कोशिश वजन कम होना, थकान, चिड़चिड़ापन और धुंधला दिखाई देना भी हो सकता है। कुछ लोगों में बार-बार मूत्र संक्रमण या यीस्ट संक्रमण भी हो सकता है।
- हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों में ये सारे लक्षण मौजूद हों, यह जरूरी नहीं है।
- टाइप-2 डायबिटीज धीरे-धीरे विकसित हो सकती है और शुरुआत में बहुत कम लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
- इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर डायबिटीज का पता नहीं लगाया जा सकता। इसके लिए डॉक्टर की सलाह पर जांच जरूरी है।
कुछ स्थितियों में हो सकता है खतरनाक
बहुत ज्यादा प्यास और बार-बार पेशाब कभी-कभी बहुत अधिक ब्लड शुगर की स्थिति का संकेत हो सकते हैं। खासकर अगर इसके साथ मुंह और त्वचा का सूखना, कमजोरी, धुंधला दिखाई देना या सिरदर्द जैसे लक्षण हों तो आपको अलर्ट हो जाना चाहिए।
- अगर बहुत ज्यादा प्यास और पेशाब के साथ उल्टी, पेट दर्द, सांस से फल जैसी गंध आने लगे तो यह डायबिटिक कीटोएसिडोसिस जैसी गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में मेडिकल सहायता जरूरी है।
डॉक्टर कहते हैं, अगर आपकी शारीरिक गतिविधि कम है, माता या पिता को डायबिटीज की दिक्कत रही है या फिर आप शुगर वाली चीजें ज्यादा खाते हैं तो इन लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान दें। ज्यादा जोखिम वाले लोगों को हर तीन महीने पर HbA1C टेस्ट कराते रहना चाहिए, इससे औसत शुगर का अंदाजा लग सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।