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रेबीज डे 2026: कुत्ता काटने के बाद इंजेक्शन को लेकर 5 बड़े मिथक, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती?
Wed, 16 Sep 2026 10:41 AM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Wed, 16 Sep 2026 10:41 AM IST
सार
World Rabies Day 2026: सोशल मीडिया के दौर में जहां हर चीज की सच्चाई एक क्लिक में बाहर आ जाती है, वहीं रेबीज से जुड़ी कुछ अफवाहें आज भी जीवंत हैं। कुछ ऐसी ही अफवाहों की सच्चाई हम आपको यहां बताएंगे।
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कुत्ता काटने के बाद क्या करें?
- फोटो : AI
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World Rabies Day 2026: हर साल 28 सितंबर को World Rabies Day मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य रेबीज के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। कुत्ते के काटने के बाद रेबीज से बचाव के लिए समय पर सही चिकित्सा सहायता लेना बेहद जरूरी है। इसके बावजूद कुत्ते के काटने, एंटी-रेबीज वैक्सीन और इंजेक्शन को लेकर कई तरह के मिथक सोशल मीडिया और लोगों के बीच प्रचलित हैं।
कुत्ता काटने के बाद क्या करें?
- फोटो : Freepik.com
कुत्ता काटने के बाद 5 आम मिथक और उनकी सच्चाई
1. मिथक: हर कुत्ते के काटने पर वैक्सीन की जरूरत नहीं होती
कुत्ते के काटने या खरोंच की गंभीरता और संपर्क के प्रकार के आधार पर रेबीज से बचाव के लिए वैक्सीन की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए खुद से फैसला लेने के बजाय जल्द से जल्द डॉक्टर या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए।
1. मिथक: हर कुत्ते के काटने पर वैक्सीन की जरूरत नहीं होती
कुत्ते के काटने या खरोंच की गंभीरता और संपर्क के प्रकार के आधार पर रेबीज से बचाव के लिए वैक्सीन की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए खुद से फैसला लेने के बजाय जल्द से जल्द डॉक्टर या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए।
कुत्ता काटने के बाद क्या करें?
- फोटो : Adobe Stock
2. मिथक: घाव छोटा है तो रेबीज का खतरा नहीं
घाव छोटा होने का मतलब यह नहीं है कि रेबीज का खतरा पूरी तरह खत्म हो गया। काटने के अलावा संक्रमित जानवर की लार से खरोंच या खुले घाव का संपर्क भी महत्वपूर्ण हो सकता है। एक्सपोजर का आकलन स्वास्थ्यकर्मी को करना चाहिए।
घाव छोटा होने का मतलब यह नहीं है कि रेबीज का खतरा पूरी तरह खत्म हो गया। काटने के अलावा संक्रमित जानवर की लार से खरोंच या खुले घाव का संपर्क भी महत्वपूर्ण हो सकता है। एक्सपोजर का आकलन स्वास्थ्यकर्मी को करना चाहिए।
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कुत्ता काटने के बाद क्या करें?
- फोटो : Freepik.com
3. मिथक: घाव पर मिर्च, तेल या कोई घरेलू नुस्खा लगाने से फायदा होता है
घाव पर मिर्च, तेल, मिट्टी या अन्य पदार्थ लगाने से रेबीज से बचाव नहीं होता। इसके बजाय काटे या खरोंचे गए स्थान को तुरंत साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह धोना प्राथमिक कदम है। इसके बाद चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
घाव पर मिर्च, तेल, मिट्टी या अन्य पदार्थ लगाने से रेबीज से बचाव नहीं होता। इसके बजाय काटे या खरोंचे गए स्थान को तुरंत साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह धोना प्राथमिक कदम है। इसके बाद चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
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कुत्ता काटने के बाद क्या करें?
- फोटो : Adobe Stock
4. मिथक: एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगने के बाद कोई खतरा नहीं रहता
वैक्सीन रेबीज से बचाव का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन डॉक्टर द्वारा बताए गए पूरे पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस यानी PEP को सही तरीके से पूरा करना जरूरी हो सकता है। कुछ गंभीर एक्सपोजर में वैक्सीन के साथ रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन की भी आवश्यकता हो सकती है। यह निर्णय डॉक्टर करते हैं।
वैक्सीन रेबीज से बचाव का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन डॉक्टर द्वारा बताए गए पूरे पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस यानी PEP को सही तरीके से पूरा करना जरूरी हो सकता है। कुछ गंभीर एक्सपोजर में वैक्सीन के साथ रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन की भी आवश्यकता हो सकती है। यह निर्णय डॉक्टर करते हैं।