{"_id":"2b98c79e5e9b6974fc359222812c2788","slug":"up-government-minister-ram-sakal-gurjar-has-done-promise-with-martyr-wife","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"जब शहीद के घर पहुंची ‘सरकार’, तब जाकर बनी बात ","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
जब शहीद के घर पहुंची ‘सरकार’, तब जाकर बनी बात
Wed, 04 Nov 2015 09:13 AM IST
Updated Wed, 04 Nov 2015 09:13 AM IST
विज्ञापन
जब शहीद के घर पहुंची ‘सरकार’, तब जाकर बनी बात
1 of 4
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
जम्मू में शहीद हुए सेना के जवान समोद चौधरी के घर मंगलवार को प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि के रूप में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रामसकल गुर्जर पहुंचे। यहां मंत्री ने शहीद को श्रद्धांजलि दी और अनशन पर बैठे परिवारीजनों को सरकार से पूरी मदद दिलाने का आश्वासन दिया। मंत्री के आश्वासन पर परिवारीजनों अनशन समाप्त कर दिया। इससे पहले ऑल इंडिया एंटी टेरेरिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष मनिन्दरजीत सिंह बिट्टा भी शहीद समोद के परिवारीजनों को सांत्वना देने पहुंचे थे।
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा, गोवर्धन।
जब शहीद के घर पहुंची ‘सरकार’, तब जाकर बनी बात
2 of 4
शाम को पूर्व सांसद जयंत चौधरी ने परिवारवालों को ढांढस बंधाया। मंगलवार को दिन भर गांव भवनपुरा में शहीद समोद चौधरी के घर पर राजनीतिक हस्तियों का जमावड़ा रहा। दोपहर में पहुंचे आतंकवाद विरोधी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनिन्दर जीत सिंह बिट्टा ने शहीद सैनिक की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। बिट्टा ने शहीद के पिता बच्चू सिंह को ढांढस बंधाया और कहा कि शहीद के परिवार के हक और सम्मान की लड़ाई में वे साथ हैं। वह मुख्यमंत्री से इस संबंध में बात करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर उनके प्रतिनिधि राज्यमंत्री रामसकल गुर्जर जिलाधिकारी राजेश कुमार के साथ शहीद के घर पहुंचे।
जब शहीद के घर पहुंची ‘सरकार’, तब जाकर बनी बात
3 of 4
मंत्री ने शहीद की तस्वीर पर माल्यार्पण कर अनशन पर बैठे पिता और परिवारीजनों को मुख्यमंत्री की शोक संवेदना से अवगत कराया। मंत्री ने कहा कि शहीद का सम्मान देश के हर नागरिक का सम्मान है। प्रदेश सरकार शहीद के सम्मान को तैयार रहती है। उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से 20 लाख की आर्थिक सहायता भेजे जाने की बात भी कही। गांव के लोगों की ओर से शहीद स्मारक बनवाने, गैस एजेंसी या पेट्रोल पंप दिए जाने, क्रीड़ास्थल बनवाने, बच्चों की बेहतरीन परवरिश, शहीद के नाम पर सेना भर्ती कराने, गांव की सड़क और गेट बनवाने जैसी 10 मांगों का पत्र मंत्री रामसकल गुर्जर को सौंपा।
विज्ञापन
विज्ञापन
जब शहीद के घर पहुंची ‘सरकार’, तब जाकर बनी बात
4 of 4
मंत्री ने कहा कि जो मांगें प्रदेश सरकार से संबधित हैं, उन्हें सरकार करवाएगी और जो केंद्र सरकार द्वारा होनी है, उनके लिए सरकार को लिखकर भेजा जाएगा। मंत्री ने अनशन पर बैठी शहीद समोद की पत्नी सीमा को दूध पिला कर अनशन खत्म कराया। पिता बच्चू सिंह ने कहा अगर पांच दिन में मांगों पर सरकार काम शुरू कर देती है तो ठीक है, नहीं तो फिर अनशन करेंगे। एसएसपी राकेश सिंह, सपा जिलाध्यक्ष तुलसीराम शर्मा, ठाकुर किशोर सिंह, दीपक गौड़, मुकेश सिंह सिकरवार, अशोक अग्रवाल, दिनेश कौशिक मंत्री के साथ थे। शाम को रालोद नेता और पूर्व सांसद जयंत चौधरी ने शहीद के घर पहुंच कर संवेदना प्रकट की। उनके साथ जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह सिकरवार, अनूप चौधरी, दीपक चौधरी आदि साथ थे।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।