Shardiye Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ 11 अक्तूबर 2026 से हो रहा है। नौ दिनों तक चलने वाला यह पर्व भक्तों के लिए बेहद खास माना जाता है। मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान देवी मां पृथ्वी पर आती हैं और अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाती हैं। देवी मां के आगमन की खुशी में देशभर में पूजा-पंडाल सजाए जाते हैं और भव्य तरीके से मां की पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि शारदीय नवरात्रि के दौरान देवी मां की पूजा पूरी और शुद्ध पूजा सामग्री के साथ विधि-विधान से करनी चाहिए। ऐसा करने से देवी मां प्रसन्न होती हैं और भक्तों को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि नवरात्रि की पूजा के लिए किन-किन पूजा सामग्रियों की आवश्यकता होती है।
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शारदीय नवरात्रि 2026: आने वाले हैं शारदीय नवरात्रि, यहां देखें पूजा की पूरी सामग्री और कैलेंडर
Tue, 06 Oct 2026 03:57 PM IST
मेघा कुमारी
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: मेघा कुमारी
Updated Tue, 06 Oct 2026 03:57 PM IST
सार
Shardiye Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ 11 अक्तूबर 2026 से हो रहा है। नौ दिनों तक चलने वाला यह पर्व भक्तों के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दौरान पूरे विधि-विधान व संपूर्ण सामग्रियों के साथ देवी की उपासना की जाती हैं। इससे देवी की विशेष कृपा और मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती हैं।
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Shardiye Navratri 2026
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Shardiye Navratri 2026
- फोटो : freepik
नवरात्रि पूजा सामग्री
- लोटा, जल, गंगाजल, मौली, सुपारी, दूर्वा और जटा नारियल रख लें।
- लाल रंग की नई चुनरी और वस्त्र लें। नथ, गजरा, मांग टीका, कान की बालियां, बिंदी और सिंदूर जैसी श्रृंगार सामग्री भी रखें।
- फूल-माला, पान, सूखा नारियल और साफ-साबुत चावल का इस्तेमाल करें।
- पीतल का दीया, रुई की बत्ती और तिल का तेल या घी पहले से रख लें।
- कपूर और धूप-बत्ती भी पूजा सामग्री में शामिल करें।
- कंघी, शीशा, चोटी, लाल चूड़ियां, बिछिया, इत्र, महावर, पायल, गले की माला और मेहंदी भी रख सकते हैं।
- दान देने के लिए अपनी क्षमता के अनुसार चीजें रख सकते हैं।
- मिट्टी, मिट्टी का पात्र और उसका ढक्कन भी पूजा की आवश्यक सामग्री में शामिल करें।
- बताशे, फल और मिठाई रखें। अपनी श्रद्धा के अनुसार माता को भोग अर्पित करें।
- कलावा और रबर बैंड भी साथ में रख लें।
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Shardiye Navratri 2026
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शारदीय नवरात्रि 2026 कैलेंडर
- 11 अक्तूबर 2026-नवरात्रि का पहला दिन - मां शैलपुत्री पूजा, घटस्थापना
- 12 अक्तूबर 2026 -नवरात्रि का दूसरा दिन - मां ब्रह्मचारिणी पूजा
- 13 अक्तूबर 2026 - नवरात्रि का तीसरा दिन - मां चंद्रघंटा पूजा
- 14 अक्तूबर 2026- नवरात्रि का चौथा दिन - मां कूष्मांडा पूजा
- 15 अक्तूबर 2026 - नवरात्रि का पांचवां दिन - मां स्कंदमाता पूजा
- 16 अक्तूबर 2026 - नवरात्रि का छठा दिन - षष्ठी पूजा, मां कात्यायनी पूजा
- 17 अक्तूबर 2026- नवरात्रि का सातवां दिन - सप्तमी पूजा, मां कालरात्रि पूजा
- 18 अक्तूबर 2026 - नवरात्रि का आठवां दिन - अष्टमी पूजा
- 19 अक्तूबर 2026 - नवरात्रि का नौवां दिन - नवमी पूजा
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शारदीय नवरात्रि
- फोटो : अमर उजाला
घट स्थापना का शुभ मुहूर्त
11 अक्तूबर 2026 को घट स्थापना यानी कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 19 मिनट से 10 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा।
11 अक्तूबर 2026 को घट स्थापना यानी कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 19 मिनट से 10 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा।
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