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राजस्थान: यूथ फेस्टिवल में धर्मांतरण का आरोप, पादरी बनाने और 25 हजार रुपये देने का दावा; 150 लोगों पर केस
Wed, 23 Sep 2026 02:05 PM IST
बांसवाड़ा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा
Published by: बांसवाड़ा ब्यूरो
Updated Wed, 23 Sep 2026 02:05 PM IST
सार
बांसवाड़ा के सल्लोपाट थाना क्षेत्र के शिवपुरा गांव में यूथ फेस्टिवल के बहाने लोगों को एकत्र कर कथित तौर पर प्रलोभन और दबाव के जरिए धर्मांतरण कराने के प्रयास का मामला सामने आया है। माकड़ीचोर निवासी आदित्य डिंडोर ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उसे बलवंत बारिया के घर आयोजित कार्यक्रम में ले जाया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
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यूथ फेस्टिवल के बहाने धर्मांतरण के प्रयास का आरोप
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बांसवाड़ा जिले के सल्लोपाट थाना क्षेत्र के शिवपुरा गांव में यूथ फेस्टिवल के बहाने लोगों को एकत्र कर कथित तौर पर प्रलोभन देने और दबाव बनाकर धर्मांतरण कराने के प्रयास का मामला सामने आया है। मामले में एक युवक ने सल्लोपाट थाने में कुछ नामजद लोगों समेत करीब 150 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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चार साल से पिता से अलग रह रहा था युवक, आशीष से हुई थी पहचान
सल्लोपाट थानाधिकारी जयेश पाटीदार ने बताया कि माकड़ीचोर गांव निवासी आदित्य डिंडोर ने थाने में रिपोर्ट दी है। आदित्य के अनुसार, पारिवारिक विवाद के चलते वह पिछले चार साल से अपने पिता से अलग रह रहा है। इसी दौरान उसकी पहचान आशीष डामोर से हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, आशीष ने उसे बांसवाड़ा शहर में रहने की व्यवस्था कराई थी। आदित्य ने अपनी शिकायत में बताया कि 18 सितंबर की शाम आशीष डामोर सहित कुछ अन्य लोग उसके घर पहुंचे थे। उन्होंने उसे 22 सितंबर को शिवपुरा गांव में बलवंत बारिया के घर आयोजित यूथ फेस्टिवल में शामिल होने के लिए बुलाया था।
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धार्मिक ग्रंथ देकर स्वागत करने और रीति से पानी पिलाने का आरोप
रिपोर्ट के अनुसार, आदित्य को बलवंत बारिया के मकान पर ले जाया गया, जहां एक हॉल में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वहां उसका माला पहनाकर और धार्मिक ग्रंथ की प्रति देकर स्वागत किया गया। इसके बाद हॉल में मौजूद लोगों को धार्मिक रीति से पानी पिलाया जा रहा था और स्नान कराया जा रहा था। आदित्य ने आरोप लगाया कि इस दौरान लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था और उसे भी धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया गया।
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पादरी बनाने, 25 हजार रुपये और कार देने का दिया लालच
आदित्य ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उसे पादरी बनाने के साथ हर महीने 25 हजार रुपये देने और घूमने के लिए कार उपलब्ध कराने सहित अन्य सुविधाएं देने की बात कही गई। उसने इन प्रस्तावों को स्वीकार करने से इनकार किया तो कथित तौर पर उस पर दबाव बनाया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि उसे अगले दिन एक लाख रुपये देने का लालच दिया गया। आदित्य के मुताबिक, जब उसने इनकार कर दिया तो उसे अपमानित किया गया और उसके साथ मारपीट कर धमकियां दी गईं।
14 नामजद समेत 150 लोगों पर केस
थानाधिकारी जयेश पाटीदार के अनुसार, आदित्य की रिपोर्ट के आधार पर मसीहा सेवा समिति के सनी मईडा, सुनील गरासिया, बलवंत बारिया, रेव. विजय बलबीर राणा, अजय डामोर, दीपक कटारा, अनिल पटेल, जवान सिंह गरासिया, प्रदीप बारिया, सुमित गरासिया, धर्मेंद्र मईडा, पॉल थॉमस, आशीष डामोर और जेवन को नामजद किया गया है।
पुलिस ने इन नामजद आरोपियों सहित कुल 150 लोगों के खिलाफ राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 और 5 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस अब मामले में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है और यूथ फेस्टिवल में मौजूद लोगों तथा घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।