राजस्थान: 90 साल के रिटायर्ड जज से 2.15 करोड़ की डिजिटल अरेस्ट ठगी, केरल से दो आरोपी गिरफ्तार
जयपुर में 90 वर्षीय सेवानिवृत्त जिला जज गणपत सिंह भंडारी से 2.15 करोड़ रुपये की डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने केरल के एर्नाकुलम से दो आरोपियों आनंद बाबू और इबिन बेसिल को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने खुद को सीबीआई और आरबीआई का अधिकारी बताकर बुजुर्ग को मुंबई में 50 करोड़ रुपये के हवाला लेन-देन में शामिल होने का डर दिखाया और गिरफ्तारी की धमकी दी।
विस्तार
राजस्थान की जयपुर जिला पुलिस ने 90 वर्षीय सेवानिवृत्त जिला जज से 2.15 करोड़ रुपये की डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी के मामले में केरल से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने खुद को सीबीआई और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का अधिकारी बताकर बुजुर्ग को जांच और गिरफ्तारी का डर दिखाया था। पुलिस जांच के अनुसार, ठगी की रकम में से कुछ रुपये आरोपियों से जुड़े बैंक खातों में पहुंचे थे, जिन्हें चेक के जरिए निकाल लिया गया। पुलिस दोनों आरोपियों को जयपुर लेकर आई और न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें आगे की जांच के लिए पुलिस अभिरक्षा में भेज दिया गया।
फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर किया फोन
पुलिस के अनुसार, पीड़ित गणपत सिंह भंडारी को 28 जुलाई को व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल आया था। कॉल करने वाले व्यक्ति ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी और खुद को मुंबई, महाराष्ट्र का सीबीआई अधिकारी बताया। उसने बुजुर्ग को कहा कि मुंबई में 50 करोड़ रुपये का हवाला लेन-देन पकड़ा गया है और इस रकम में से कुछ रुपये उनके बैंक खाते में भी जमा हुए हैं।
आरोपी ने गिरफ्तारी कर मुंबई ले जाने की धमकी देकर पीड़ित को डराया। साथ ही, उन्हें परिवार के किसी सदस्य को इस बारे में जानकारी नहीं देने की हिदायत दी। कहा गया कि यदि उन्होंने परिजनों को बताया तो उनसे भी पूछताछ की जाएगी। इसके बाद एक अन्य व्यक्ति ने व्हाट्सएप कॉल कर खुद को आरबीआई का मैनेजर बताया और पीड़ित से उनके म्यूचुअल फंड की पूरी जानकारी हासिल कर ली। आरोपियों ने अलग-अलग समय पर रुपये मांगे और कथित तौर पर कुल 2.15 करोड़ रुपये की ठगी कर ली।
बैंक खातों की जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
इस मामले में पीड़ित के भांजे रविंद्र सिंह मोहनोत ने 12 अगस्त को ज्योति नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) राजर्षि राज के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ललित शर्मा और एसीपी अशोक नगर डॉ. पूनम के पर्यवेक्षण में ज्योति नगर थानाधिकारी गुंजन सोनी के नेतृत्व में जांच शुरू हुई।
पुलिस ने पीड़ित के बैंक खाते से हस्तांतरित रकम का पता लगाने के लिए कई सौ बैंक खातों को चिह्नित किया। संबंधित खातों को डेबिट फ्रीज कराया गया और बैंक विवरण जुटाए गए। जांच के दौरान 70 लाख रुपये के लेन-देन से जुड़ा आईसीआईसीआई बैंक का एक खाता सामने आया। इस खाते से केरल के तीन बैंक खातों में से दो खातों में पांच-पांच लाख रुपये स्थानांतरित किए गए थे। पुलिस के अनुसार, इन खातों के धारकों ने चेक के जरिए रकम निकाल ली थी।
केरल के एर्नाकुलम से दो आरोपी गिरफ्तार
तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस टीम ने केरल के एर्नाकुलम से दोनों खाताधारकों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान आनंद बाबू (26), पुत्र बाबू सी.एन., निवासी चित्ते हाउस, मन्नमतुरूथ, थाना वारापुझा, एर्नाकुलम और इबिन बेसिल (31), पुत्र बेसिल सी.ए., निवासी चम्बाकाचेरी हाउस, पुथुकरवट्टम, थाना एलामक्करा, एर्नाकुलम के रूप में हुई है। पुलिस दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर जयपुर लेकर आई। उन्हें न्यायालय में पेश करने के बाद आगे के अनुसंधान के लिए पुलिस अभिरक्षा में भेज दिया गया।
इन धाराओं में दर्ज किया गया मामला
ज्योति नगर थाना पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 318(4) और 319(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम, 2008 की धारा 66-डी के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस मामले में ठगी की रकम के लेन-देन और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।