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Chittorgarh: पांच मिनट में की-लेस सिस्टम हैक कर उड़ाते थे कारें, अंतरराज्यीय हाईटेक कार चोर गिरोह का भंडाफोड़
Tue, 28 Jul 2026 02:00 PM IST
चित्तौड़गढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़
Published by: चित्तौड़गढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jul 2026 02:00 PM IST
सार
महज पांच मिनट में कार का की-लेस सिस्टम हैक कर करोड़ों की वारदातों को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। चित्तौड़गढ़ पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर चोरी की 3 क्रेटा कारें बरामद की हैं, जबकि मास्टरमाइंड की तलाश जारी है।
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कार चोरी की वारदात करने वाले गिरोह का पर्दाफाश
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिला विशेष टीम (डीएसटी) और कोतवाली थाना पुलिस ने क्रेटा कार चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। गिरोह का मास्टर माइंड कार का शीशा तोड़कर उसके की-लेस सिस्टम को हैक कर देता था। महज पांच मिनट में कार का स्टार्टिंग सिस्टम हैक कर आरोपी वाहन लेकर फरार हो जाते थे। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह का सरगना अब भी फरार है।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के पास क्रेटा कार के पुश-बटन स्टार्ट सिस्टम से संबंधित विशेष सॉफ्टवेयर मौजूद था। आरोपी केवल पुश-बटन स्टार्ट वाली क्रेटा कारों को निशाना बनाते थे। की-लेस सिस्टम हैक करने के बाद कुछ ही मिनटों में कार चोरी कर ली जाती थी।
पुलिस के अनुसार 11 जुलाई की रात शहर में एक मकान के बाहर खड़ी करीब 20 लाख रुपये कीमत की टॉप मॉडल क्रेटा कार चोरी हुई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अहमदाबाद से सरफराज और दीपक को गिरफ्तार किया, वहीं गिरोह का सरगना मोहसिन उर्फ सोनू अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
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पूछताछ में सामने आया कि गिरोह पूरी प्लानिंग के साथ वारदात को अंजाम देता था। मुख्य आरोपी मोहसिन अपने दो साथियों के साथ अलग-अलग शहरों में जाकर क्रेटा कार चोरी करता था। चोरी के तुरंत बाद वह अपने अन्य साथियों सरफराज और दीपक को रास्ते में बुलाकर कार उनके हवाले कर देता था। इसके बदले उन्हें पैसे मिलते थे और मोहसिन अपने साथियों के साथ अगली वारदात के लिए दूसरे शहर रवाना हो जाता था।
इसी कड़ी में पुलिस चोरी की गाड़ियों की खरीद-फरोख्त करने वाले सरफराज और दीपक तक पहुंची। चित्तौड़गढ़ से चोरी हुई क्रेटा कार इंदौर से बरामद कर ली गई है। जांच में पता चला कि दोनों आरोपी चोरी की कारें खरीदकर आगे बेचने का काम करते थे। सरफराज कबाड़ का कारोबार करता है, जबकि दीपक डिफॉल्टर वाहनों की खरीद-फरोख्त का काम करता है।
पूछताछ में आरोपियों ने राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात में क्रेटा कार चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया है। राजस्थान के चित्तौड़गढ़, कोटा और टोंक, जबकि मध्यप्रदेश के उज्जैन और देवास सहित विभिन्न स्थानों से अब तक छह क्रेटा कार चोरी करने की बात सामने आई है। इनमें से तीन कारें पुलिस बरामद कर चुकी है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और जांच एजेंसियों को इस गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों के खुलासे की भी उम्मीद है।
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पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के पास क्रेटा कार के पुश-बटन स्टार्ट सिस्टम से संबंधित विशेष सॉफ्टवेयर मौजूद था। आरोपी केवल पुश-बटन स्टार्ट वाली क्रेटा कारों को निशाना बनाते थे। की-लेस सिस्टम हैक करने के बाद कुछ ही मिनटों में कार चोरी कर ली जाती थी।
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पुलिस के अनुसार 11 जुलाई की रात शहर में एक मकान के बाहर खड़ी करीब 20 लाख रुपये कीमत की टॉप मॉडल क्रेटा कार चोरी हुई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अहमदाबाद से सरफराज और दीपक को गिरफ्तार किया, वहीं गिरोह का सरगना मोहसिन उर्फ सोनू अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
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पूछताछ में सामने आया कि गिरोह पूरी प्लानिंग के साथ वारदात को अंजाम देता था। मुख्य आरोपी मोहसिन अपने दो साथियों के साथ अलग-अलग शहरों में जाकर क्रेटा कार चोरी करता था। चोरी के तुरंत बाद वह अपने अन्य साथियों सरफराज और दीपक को रास्ते में बुलाकर कार उनके हवाले कर देता था। इसके बदले उन्हें पैसे मिलते थे और मोहसिन अपने साथियों के साथ अगली वारदात के लिए दूसरे शहर रवाना हो जाता था।
इसी कड़ी में पुलिस चोरी की गाड़ियों की खरीद-फरोख्त करने वाले सरफराज और दीपक तक पहुंची। चित्तौड़गढ़ से चोरी हुई क्रेटा कार इंदौर से बरामद कर ली गई है। जांच में पता चला कि दोनों आरोपी चोरी की कारें खरीदकर आगे बेचने का काम करते थे। सरफराज कबाड़ का कारोबार करता है, जबकि दीपक डिफॉल्टर वाहनों की खरीद-फरोख्त का काम करता है।
पूछताछ में आरोपियों ने राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात में क्रेटा कार चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया है। राजस्थान के चित्तौड़गढ़, कोटा और टोंक, जबकि मध्यप्रदेश के उज्जैन और देवास सहित विभिन्न स्थानों से अब तक छह क्रेटा कार चोरी करने की बात सामने आई है। इनमें से तीन कारें पुलिस बरामद कर चुकी है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और जांच एजेंसियों को इस गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों के खुलासे की भी उम्मीद है।