Dausa: गुरु पूर्णिमा पर जिलेभर में श्रद्धा का सैलाब, आश्रमों और मंदिरों में हुए धार्मिक आयोजन; जगह-जगह हुए हवन
दौसा जिले में गुरु पूर्णिमा श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। आश्रमों और मंदिरों में गुरु पूजन, हवन, कथा, भजन-कीर्तन और भंडारों का आयोजन हुआ। संत-महात्माओं का सम्मान किया गया तथा श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद लेकर धर्म, सेवा और सदाचार का संदेश ग्रहण किया।
दौसा जिले में गुरु पूर्णिमा श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। आश्रमों और मंदिरों में गुरु पूजन, हवन, कथा, भजन-कीर्तन और भंडारों का आयोजन हुआ। संत-महात्माओं का सम्मान किया गया तथा श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद लेकर धर्म, सेवा और सदाचार का संदेश ग्रहण किया।
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गुरु पूर्णिमा का पर्व बुधवार को जिलेभर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक आश्रमों, मठों और मंदिरों में गुरु पूजन, हवन, कथा पूर्णाहुति, भजन-कीर्तन और भंडारों का आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपने गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त कर महाप्रसादी ग्रहण की।
सिद्धपीठ मेहंदीपुर बालाजी धाम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज के सानिध्य में श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण के बीच आयोजित हुआ। सुबह 11 बजे शुरू हुए कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में श्रद्धा अर्पित कर आशीर्वाद लिया।
महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज ने कहा कि गुरु दीक्षा का मंत्र केवल एक नाम नहीं, बल्कि सत्य, सेवा, संयम और सदाचार के मार्ग पर चलने का संकल्प है। उन्होंने श्रद्धालुओं से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने, दुराचारी लोगों से सावधान रहने तथा नशा मुक्ति का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने धर्म, संस्कृति, सेवा, संस्कार, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर भी विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में भजन-कीर्तन, गुरु दीक्षा, गुरु पूजन, गुरु आरती और आशीर्वाद समारोह सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन हुए। सिकराय विधायक विक्रम बंशीवाल ने महंत का सम्मान किया तथा मुख्यमंत्री की ओर से भेजा गया संदेश-पत्र भी भेंट किया।
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इसी प्रकार भांडारेज संन्यास आश्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन के साथ श्रीमद्भागवत कथा की पूर्णाहुति संपन्न हुई। कार्यक्रम के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने महाप्रसादी ग्रहण की। पूरे दिन आश्रम में गुरु वंदना और भजन-कीर्तन का क्रम चलता रहा। कालाखोह हनुमान मंदिर में सुदामा दास महाराज के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया। वहीं बहरावंडा, काली पहाड़ी, लालसोट, नंगल, महवा, बांदीकुई सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में गुरु पूजन विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर देवस्थान विभाग के निर्देशानुसार जिले के विभिन्न मठों और मंदिरों में संत-महात्माओं एवं गुरुजनों का सम्मान भी किया गया। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने संतों को शॉल, श्रीफल तथा मुख्यमंत्री का संदेश भेंट कर उनका अभिनंदन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
स अवसर पर बांदीकुई विधायक भागचंद टांकड़ा, महवा विधायक राजेंद्र मीणा, सिकराय विधायक विक्रम बंशीवाल, लालसोट विधायक रामविलास मीणा, जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रेला, विपिन जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। संत-महात्माओं ने धर्म, सेवा, सदाचार और सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए सभी के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। जिलेभर में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी के साथ गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा और गरिमा के साथ संपन्न हुआ।