{"_id":"6a79a808eb6dd333b508c84a","slug":"rajasthan-politics-kirori-lal-meena-controversial-remark-takes-a-jibe-check-details-in-hindi-2026-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan: 'मस्त हाथी की तरह चलता हूं, पीछे कुत्ते भौंकते रहते हैं'; किरोड़ीलाल मीणा ने किसे सुनाई खरी-खरी?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan: 'मस्त हाथी की तरह चलता हूं, पीछे कुत्ते भौंकते रहते हैं'; किरोड़ीलाल मीणा ने किसे सुनाई खरी-खरी?
Mon, 10 Aug 2026 03:59 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Mon, 10 Aug 2026 03:59 PM IST
सार
दौसा के पंच अठाई में आदिवासी महोत्सव में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के एक बयान ने सियासी गलियारों हलचल गई है। उन्होंने कहा कि मैं मस्त हाथी की तरह चलता रहता हूं, पीछे कुत्ते भौंकते रहते हैं'। मुझे फर्क नहीं पड़ता। लोग मेरे बारे में सोशल मीडिया पर डालते रहते हैं।'
विज्ञापन
पंच अठाई में आदिवासी महोत्सव के दौरान कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने दौसा के नांगल प्यारिवास स्थित पंच अठाई में आयोजित आदिवासी महोत्सव में आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने आरक्षण खत्म किए जाने की अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जब तक उनके शरीर में जान है, तब तक कोई आरक्षण को छू भी नहीं सकता। किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि आदिवासी समाज को आरक्षण को लेकर किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एकजुट होकर काम करने की अपील की।
'मस्त हाथी की तरह चलता हूं, पीछे कुत्ते भौंकते रहते हैं'
कार्यक्रम के दौरान किरोड़ी लाल मीणा ने अपने अंदाज में राजनीतिक विरोधियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'मैं मस्त हाथी की तरह चलता रहता हूं, पीछे कुत्ते भौंकते रहते हैं'। मुझे फर्क नहीं पड़ता। लोग मेरे बारे में सोशल मीडिया पर डालते रहते हैं।' उन्होंने कहा कि बीच में कुछ ऐसे तत्व आ गए हैं, जो लगातार हल्ला करते रहते हैं। कुछ लोग कार्यक्रम को बिगाड़ने के लिए भी घुस जाते हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है।
मीणा-गुर्जर समाज को लेकर कही ये बात
कृषि मंत्री ने सामाजिक एकता का संदेश देते हुए कहा, 'हमारा मीणा-गुर्जर दो किसान जातियां हैं। मिल-जुलकर रहो। यह राम-लक्ष्मण की जोड़ी है।' उन्होंने दोनों समाजों के बीच आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की। साथ ही मीणा ने कहा कि पायलट परिवार को राजनीति में लाने वाले मीणा हैं। इस बात को उन्हें समझा दिया गया है।
विज्ञापन
600 आंदोलनों में शामिल होने का किया दावा
किरोड़ी लाल मीणा ने अपने राजनीतिक सफर और संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने करीब 600 आंदोलनों में हिस्सा लिया है। उन्होंने दावा किया कि वह 17 बार जेल जा चुके हैं और 138 कानूनी मामलों का सामना कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
पंच अठाई को 'मीणा हाई कोर्ट' की पहचान कैसे मिली?
मीणा ने पंच अठाई से जुड़ी पुरानी घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने पंचायत से जुड़े एक विवाद को याद करते हुए बताया कि एक समय करीब 50 हजार लोगों की भीड़ दौसा की ओर मार्च कर रही थी। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। उन्होंने बताया कि जब भीड़ कई किलोमीटर आगे बढ़ गई तो प्रशासन ने 14 गांवों के बुजुर्गों यानी पंचों को बुलाया और उन्हें भीड़ के हवाले कर दिया। मीणा ने कहा कि उन्हें आज तक समझ नहीं आया कि प्रशासन ने ऐसा फैसला क्यों लिया था। उन्होंने कहा कि जनता की ताकत सबसे ऊपर है और इसी संघर्ष के कारण पंच अठाई को 'मीणा हाई कोर्ट' के नाम से पहचान मिली।
ये भी पढ़ें- मासूम को आवारा कुत्ते के हमले से बचाने के लिए भिड़ गई मां, खुद को लहूलुहान कर बचाई बेटे की जान
पंचना बांध और चंबल के पानी का भी उठाया मुद्दा
किरोड़ी लाल मीणा ने पंचना बांध से पानी के मुद्दे का भी जिक्र किया। उन्होंने लंबे संघर्ष के बाद पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के अपने प्रयासों की बात कही। साथ ही उन्होंने बताया कि चंबल नदी का पानी दौसा लाने का काम भी चल रहा है।
1985 की घटना को भी किया याद
अपने पुराने संघर्षों को याद करते हुए मीणा ने 1985 की एक घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय उनकी जान जा सकती थी, लेकिन ईश्वर की कृपा से वह बच गए।
समर्थकों के साथ कार्यक्रम स्थल पहुंचे मीणा
किरोड़ी लाल मीणा टिटोली टोल प्लाजा से अपने समर्थकों के साथ कार्यक्रम स्थल पहुंचे। वहां बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान उनके राजनीतिक जीवन और संघर्षों पर आधारित एक किताब का भी विमोचन किया गया।
विज्ञापन
'मस्त हाथी की तरह चलता हूं, पीछे कुत्ते भौंकते रहते हैं'
कार्यक्रम के दौरान किरोड़ी लाल मीणा ने अपने अंदाज में राजनीतिक विरोधियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'मैं मस्त हाथी की तरह चलता रहता हूं, पीछे कुत्ते भौंकते रहते हैं'। मुझे फर्क नहीं पड़ता। लोग मेरे बारे में सोशल मीडिया पर डालते रहते हैं।' उन्होंने कहा कि बीच में कुछ ऐसे तत्व आ गए हैं, जो लगातार हल्ला करते रहते हैं। कुछ लोग कार्यक्रम को बिगाड़ने के लिए भी घुस जाते हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है।
विज्ञापन
मीणा-गुर्जर समाज को लेकर कही ये बात
कृषि मंत्री ने सामाजिक एकता का संदेश देते हुए कहा, 'हमारा मीणा-गुर्जर दो किसान जातियां हैं। मिल-जुलकर रहो। यह राम-लक्ष्मण की जोड़ी है।' उन्होंने दोनों समाजों के बीच आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की। साथ ही मीणा ने कहा कि पायलट परिवार को राजनीति में लाने वाले मीणा हैं। इस बात को उन्हें समझा दिया गया है।
विज्ञापन
600 आंदोलनों में शामिल होने का किया दावा
किरोड़ी लाल मीणा ने अपने राजनीतिक सफर और संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने करीब 600 आंदोलनों में हिस्सा लिया है। उन्होंने दावा किया कि वह 17 बार जेल जा चुके हैं और 138 कानूनी मामलों का सामना कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
पंच अठाई को 'मीणा हाई कोर्ट' की पहचान कैसे मिली?
मीणा ने पंच अठाई से जुड़ी पुरानी घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने पंचायत से जुड़े एक विवाद को याद करते हुए बताया कि एक समय करीब 50 हजार लोगों की भीड़ दौसा की ओर मार्च कर रही थी। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। उन्होंने बताया कि जब भीड़ कई किलोमीटर आगे बढ़ गई तो प्रशासन ने 14 गांवों के बुजुर्गों यानी पंचों को बुलाया और उन्हें भीड़ के हवाले कर दिया। मीणा ने कहा कि उन्हें आज तक समझ नहीं आया कि प्रशासन ने ऐसा फैसला क्यों लिया था। उन्होंने कहा कि जनता की ताकत सबसे ऊपर है और इसी संघर्ष के कारण पंच अठाई को 'मीणा हाई कोर्ट' के नाम से पहचान मिली।
ये भी पढ़ें- मासूम को आवारा कुत्ते के हमले से बचाने के लिए भिड़ गई मां, खुद को लहूलुहान कर बचाई बेटे की जान
पंचना बांध और चंबल के पानी का भी उठाया मुद्दा
किरोड़ी लाल मीणा ने पंचना बांध से पानी के मुद्दे का भी जिक्र किया। उन्होंने लंबे संघर्ष के बाद पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के अपने प्रयासों की बात कही। साथ ही उन्होंने बताया कि चंबल नदी का पानी दौसा लाने का काम भी चल रहा है।
1985 की घटना को भी किया याद
अपने पुराने संघर्षों को याद करते हुए मीणा ने 1985 की एक घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय उनकी जान जा सकती थी, लेकिन ईश्वर की कृपा से वह बच गए।
समर्थकों के साथ कार्यक्रम स्थल पहुंचे मीणा
किरोड़ी लाल मीणा टिटोली टोल प्लाजा से अपने समर्थकों के साथ कार्यक्रम स्थल पहुंचे। वहां बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान उनके राजनीतिक जीवन और संघर्षों पर आधारित एक किताब का भी विमोचन किया गया।