{"_id":"6a79c4a655f3def7460dc646","slug":"rajasthan-ashok-gehlot-slams-bjp-govt-alleges-milk-distribution-halted-across-schools-in-16-districts-2026-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजस्थान के 16 जिलों के स्कूलों में नहीं बंट रहा दूध? गहलोत ने साधा निशाना, कहा- योजनाएं बंद कर रही है सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजस्थान के 16 जिलों के स्कूलों में नहीं बंट रहा दूध? गहलोत ने साधा निशाना, कहा- योजनाएं बंद कर रही है सरकार
Mon, 10 Aug 2026 06:01 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Mon, 10 Aug 2026 06:01 PM IST
सार
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान की भाजपा सरकार पर जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद करने के लिए आपूर्ति रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने पन्नाधाय बाल गोपाल योजना में मिल्क पाउडर की कमी और नई ग्रामीण रोजगार योजना में रोजगार घटने का मुद्दा उठाते हुए सरकार से तत्काल सुधार की मांग की।
विज्ञापन
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर जनकल्याणकारी योजनाओं की आपूर्ति रोककर उन्हें बंद करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पन्नाधाय बाल गोपाल योजना के तहत बांटे जाने वाले मिल्क पाउडर की आपूर्ति बाधित होने से बच्चों को दूध नहीं मिल पा रहा है। विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया था कि योजनाएं बंद नहीं होंगी, लेकिन सरकार अब आधिकारिक आदेश जारी किए बिना चुपचाप आपूर्ति रोक रही है।
स्कूलों में ठप हुई दूध की आपूर्ति
अशोक गहलोत ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि पिछले तीन महीने में केवल 41.9 प्रतिशत मिल्क पाउडर की ही आपूर्ति हो सकी है। भरतपुर, अलवर, उदयपुर, धौलपुर, डीग, खैरथल, बूंदी, नागौर, करौली, जैसलमेर, डीडवाना-कुचामन, बारां, बीकानेर, कोटपूतली-बहरोड़, पाली तथा प्रतापगढ़ जैसे 16 जिलों में अप्रैल से सितंबर 2026 की मांग के बावजूद दूध की आपूर्ति शुरू नहीं की गई है। उन्होंने इसे सोची-समझी रणनीति बताया, जिससे योजनाएं अपने आप दम तोड़ दें।
पन्नाधाय बाल गोपाल योजना का गणित
राज्य वित्त पोषित पन्नाधाय बाल गोपाल योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को सप्ताह में छह दिन दूध उपलब्ध कराया जाता है। इसमें कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को 15 ग्राम पाउडर से तैयार 150 मिलीलीटर दूध और कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों को 20 ग्राम पाउडर से तैयार 200 मिलीलीटर दूध दिया जाता है। इस योजना के लिए राज्य निधि से 722 करोड़ रुपये का बजट आवंटित है। आरसीडीएफ द्वारा स्कूलों तक मिल्क पाउडर की आपूर्ति की जाती है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- मासूम को आवारा कुत्ते के हमले से बचाने के लिए भिड़ गई मां, खुद को लहूलुहान कर बचाई बेटे की जान
नया मॉडल लागू होने से रोजगार घटा
गहलोत ने एक अन्य योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि एक जुलाई से मनरेगा के स्थान पर लागू वीबी-जी राम जी योजना अपने पहले ही महीने में विफल साबित हुई है। जुलाई 2026 में केवल 7.67 करोड़ मानव दिवस रोजगार सृजित हुआ, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने मनरेगा में 15.33 करोड़ मानव दिवस काम मिला था। इसमें लगभग 50 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। प्रति व्यक्ति खर्च भी 4,494 रुपये से घटकर 4,199 रुपये रह गया है।
योजना की कमियां दूर करने की मांग
गहलोत ने कहा कि फंडिंग अनुपात 90:10 से घटाकर 60:40 करने, मांग आधारित व्यवस्था को आपूर्ति आधारित बनाने और काम के कानूनी अधिकार को खत्म करने से ग्रामीण मजदूरों पर आजीविका का गंभीर संकट मंडरा रहा है। इस वर्ष वर्षा में कमी के कारण अधिक रोजगार की आवश्यकता थी। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह इस योजना की कमियों को तुरंत दूर कर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सुनिश्चित करे।
विज्ञापन
स्कूलों में ठप हुई दूध की आपूर्ति
अशोक गहलोत ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि पिछले तीन महीने में केवल 41.9 प्रतिशत मिल्क पाउडर की ही आपूर्ति हो सकी है। भरतपुर, अलवर, उदयपुर, धौलपुर, डीग, खैरथल, बूंदी, नागौर, करौली, जैसलमेर, डीडवाना-कुचामन, बारां, बीकानेर, कोटपूतली-बहरोड़, पाली तथा प्रतापगढ़ जैसे 16 जिलों में अप्रैल से सितंबर 2026 की मांग के बावजूद दूध की आपूर्ति शुरू नहीं की गई है। उन्होंने इसे सोची-समझी रणनीति बताया, जिससे योजनाएं अपने आप दम तोड़ दें।
विज्ञापन
पन्नाधाय बाल गोपाल योजना का गणित
राज्य वित्त पोषित पन्नाधाय बाल गोपाल योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को सप्ताह में छह दिन दूध उपलब्ध कराया जाता है। इसमें कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को 15 ग्राम पाउडर से तैयार 150 मिलीलीटर दूध और कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों को 20 ग्राम पाउडर से तैयार 200 मिलीलीटर दूध दिया जाता है। इस योजना के लिए राज्य निधि से 722 करोड़ रुपये का बजट आवंटित है। आरसीडीएफ द्वारा स्कूलों तक मिल्क पाउडर की आपूर्ति की जाती है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- मासूम को आवारा कुत्ते के हमले से बचाने के लिए भिड़ गई मां, खुद को लहूलुहान कर बचाई बेटे की जान
नया मॉडल लागू होने से रोजगार घटा
गहलोत ने एक अन्य योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि एक जुलाई से मनरेगा के स्थान पर लागू वीबी-जी राम जी योजना अपने पहले ही महीने में विफल साबित हुई है। जुलाई 2026 में केवल 7.67 करोड़ मानव दिवस रोजगार सृजित हुआ, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने मनरेगा में 15.33 करोड़ मानव दिवस काम मिला था। इसमें लगभग 50 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। प्रति व्यक्ति खर्च भी 4,494 रुपये से घटकर 4,199 रुपये रह गया है।
योजना की कमियां दूर करने की मांग
गहलोत ने कहा कि फंडिंग अनुपात 90:10 से घटाकर 60:40 करने, मांग आधारित व्यवस्था को आपूर्ति आधारित बनाने और काम के कानूनी अधिकार को खत्म करने से ग्रामीण मजदूरों पर आजीविका का गंभीर संकट मंडरा रहा है। इस वर्ष वर्षा में कमी के कारण अधिक रोजगार की आवश्यकता थी। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह इस योजना की कमियों को तुरंत दूर कर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सुनिश्चित करे।