जोधपुर में आधी रात भंवरी देवी के घर कौन आया ? हत्याकांड में तीन संदिग्धों के टेस्ट से क्या खुलेगा राज?
जोधपुर के लोहावट थाना क्षेत्र के जंभेश्वरनगर गांव में भंवरी देवी विश्नोई की हत्या और उनकी दो बेटियों पर हमले की जांच में एसआईटी ने फॉरेंसिक जांच तेज कर दी है। जयपुर से पहुंची फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम ने घटनास्थल की मैपिंग कर उच्च-रिजॉल्यूशन तस्वीरों समेत वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए और पीड़ित बेटियों व उनके ताऊ से घटना के क्रम की जानकारी ली।
विस्तार
लोहावट थाना क्षेत्र के जंभेश्वरनगर गांव में घर के बाहर सो रही भंवरी देवी विश्नोई की हत्या और उनकी दो बेटियों पर हुए हमले की जांच अब वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने वारदात की कड़ियां जोड़ने के लिए घटनास्थल पर घटना का री-क्रिएशन कराया। एसआईटी की मांग पर जयपुर से फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम लोहावट पहुंची और मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। इस दौरान एसआईटी प्रमुख उपमहानिरीक्षक देवेंद्र विश्नोई सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस को उम्मीद है कि इस वैज्ञानिक जांच से आधी रात को हमला करने वाले अज्ञात नकाबपोश हमलावर तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
घटनास्थल की मैपिंग कर जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य
फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने वारदात वाली जगह की अलग-अलग कोणों से उच्च-रिजॉल्यूशन तस्वीरें लीं और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। इसके साथ ही घटनास्थल की मैपिंग भी की गई, ताकि हमले के दौरान हमलावर की गतिविधियों और घटनाक्रम को समझा जा सके। अस्पताल से इलाज के बाद घर लौटीं भंवरी देवी की बेटियों से भी फॉरेंसिक टीम ने संवेदनशील तरीके से जानकारी ली। विशेषज्ञों ने उनसे हमलावर की कद-काठी, उसकी शारीरिक गतिविधियों और हमले के दौरान की स्थिति के बारे में विस्तार से पूछा। घटना के तुरंत बाद बच्चियों की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे उनके ताऊ से भी उस समय की परिस्थितियों की जानकारी ली गई। ताऊ ने घटनास्थल पर पहुंचने के बाद जो कुछ देखा था, उसे फॉरेंसिक विशेषज्ञों के सामने दोबारा बताया। इससे टीम को वारदात के क्रम को समझने में मदद मिलने की उम्मीद है।
तीन मुख्य संदिग्धों का पॉलीग्राफी टेस्ट पूरा
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसआईटी आपसी रंजिश और पारिवारिक विवाद समेत हर संभावित पहलू की जांच कर रही है। जांच अधिकारी देवेंद्र विश्नोई के अनुसार, मामले में हिरासत में लिए गए तीन मुख्य संदिग्धों का पॉलीग्राफी टेस्ट कराया जा चुका है।
अब एसआईटी को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी से पॉलीग्राफी जांच की आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट मिलने के बाद संदिग्धों के बयानों का बारीकी से विश्लेषण किया जाएगा। जांच दल यह भी मिलान करेगा कि संदिग्धों के बयान जांच में सामने आए अन्य तथ्यों से कितने मेल खाते हैं।
राजस्थान और पड़ोसी राज्यों में लगातार दबिश
एसआईटी की अलग-अलग टीमें राजस्थान के साथ पड़ोसी राज्यों में भी संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस अज्ञात नकाबपोश हमलावर की पहचान और वारदात में उसकी भूमिका का पता लगाने के लिए अलग-अलग सुरागों को जोड़ रही है।
जांच टीम आपसी रंजिश और पारिवारिक पहलू समेत सभी संभावित कारणों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है, ताकि किसी भी संभावना को जांच से बाहर न रखा जाए।
वैज्ञानिक रिपोर्ट से खुलेगा हत्या का राज
एसआईटी प्रमुख देवेंद्र विश्नोई के अनुसार, फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम अपनी जांच पूरी करने के बाद जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। इस रिपोर्ट में वारदात में इस्तेमाल हथियार के कोण, खून के धब्बों के पैटर्न और हमलावर की शारीरिक स्थिति से जुड़े महत्वपूर्ण वैज्ञानिक तथ्य शामिल होंगे। पुलिस अधिकारियों को उम्मीद है कि फॉरेंसिक री-क्रिएशन से मिले नतीजों और पॉलीग्राफी टेस्ट की रिपोर्ट का आपस में मिलान करने पर मामले की कई अहम कड़ियां सामने आ सकती हैं। इन वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच दल भंवरी देवी की हत्या और उनकी बेटियों पर हुए हमले की इस जटिल गुत्थी को सुलझाने की कोशिश कर रहा है।