चूरू: साधु की मौत पर बवाल, 50 घंटे बाद समाधि से निकाला गया शव; छह लोगों पर हत्या का केस, दो हिरासत में लिए गए
राजस्थान के चूरू जिले की रतनगढ़ तहसील के सांगासर गांव में साधु बनानाथ की मौत का मामला गंभीर हो गया है। परिजनों ने मारपीट कर हत्या करने और साक्ष्य छिपाने के लिए बिना सूचना दिए अंतिम संस्कार करने का आरोप लगाया है।
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चूरू जिले की रतनगढ़ तहसील के सांगासर गांव में दो संतों के बीच विवाद के बाद एक साधु की मौत का मामला गंभीर हो गया है। मृतक साधु की पहचान बनानाथ के रूप में हुई है। परिजनों ने मारपीट कर हत्या करने और बिना सूचना दिए अंतिम संस्कार करने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के विरोध में ग्रामीणों ने सालासर मार्ग पर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे की समझाइश के बाद पुलिस ने जाम खुलवाया। प्रशासनिक अनुमति के बाद साधु का शव समाधि से बाहर निकलवाया गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मामले में दो लोगों को हिरासत में लिए जाने की बात भी सामने आई है।
2004 में संन्यास लेकर साधु बने थे बनानाथ
पुलिस के अनुसार, मृतक के बड़े भाई साधु हंसराज ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनके छोटे भाई बनानाथ ने वर्ष 2004 में संन्यास ले लिया था और साधु बन गए थे। पिछले करीब दो वर्षों से वह रावतसर स्थित बालकनाथ के आश्रम में रह रहे थे।
परिजनों के मुताबिक, 2 अक्टूबर को बालकनाथ का फोन आया था। उन्होंने बनानाथ को सत्संग में शामिल होने के लिए बुलाया था। इसके बाद बनानाथ 3 अक्टूबर को रावतसर चले गए।
सांगासर में छोड़कर आने की मिली थी जानकारी
परिजनों का कहना है कि बाद में उन्हें पता चला कि बनानाथ को उनके भाई के पास सांगासर गांव में बजरंगनाथ के नजदीक छोड़कर आया गया था। परिवार को बताया गया था कि करीब एक सप्ताह बाद उन्हें वापस ले जाया जाएगा। हालांकि, इसके बाद बनानाथ से संपर्क नहीं हो सका।
परिजनों ने लगाया मारपीट कर हत्या करने का आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि बनानाथ के साथ मारपीट की गई, जिससे उनकी हत्या हो गई। उनका यह भी आरोप है कि घटना के साक्ष्य छिपाने के लिए परिवार को सूचना दिए बिना ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत के आधार पर बालकनाथ, बजरंगनाथ, मुकेशनाथ, लूनानाथ और लक्ष्मीनारायण समेत छह नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। कुछ अन्य लोगों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। हालांकि, हत्या और साक्ष्य छिपाने के आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
साधु की मौत पर ग्रामीणों का विरोध, सालासर मार्ग पर लगाया जाम
बनानाथ की मौत की जानकारी फैलने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने विरोध जताते हुए सालासर मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। करीब एक घंटे की समझाइश के बाद जाम खुलवाया गया।
इसके बाद प्रशासनिक अनुमति से समाधि से शव बाहर निकलवाया गया। मेडिकल टीम और एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम की मौजूदगी में आवश्यक कार्रवाई की गई। फिर शव को मोर्चरी पहुंचाया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत की वास्तविक वजह का पता लगाने में जुटी है। जांच के दौरान घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने के साथ आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है।
मामले में दो लोगों को हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस की जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साधु बनानाथ की मौत से जुड़े कई सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।