{"_id":"69c788e92f4e1059d7061b7d","slug":"mainather-incident-16-convicts-sentenced-to-life-imprisonment-for-attack-on-then-dig-2026-03-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"मैनाठेर कांड: तत्कालीन डीआईजी पर हमले के 16 दोषियों को आजीवन कारावास, कोर्ट परिसर की बढ़ाई गई सुरक्षा","category":{"title":"Short Videos","title_hn":"शॉर्ट वीडियो","slug":"short-videos"}}
मैनाठेर कांड: तत्कालीन डीआईजी पर हमले के 16 दोषियों को आजीवन कारावास, कोर्ट परिसर की बढ़ाई गई सुरक्षा
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: Vimal Sharma
Updated Sat, 28 Mar 2026 01:23 PM IST
विज्ञापन
सार
मैनाठेर बवाल के दाैरान तत्कालीन डीआईजी पर हमले के 16 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। सजा सुनते ही परिजन सन्न रह गए। इस दाैरान कोर्ट परिसर की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
मैनाठेर कांड में दोषियों को आजीवन कारावास
- फोटो : फाइल
विज्ञापन
विस्तार
मुरादाबाद के बहुचर्चित 15 साल पुराने मैनाठेर कांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए तत्कालीन डीआईजी पर जानलेवा हमले के मामले में दोषी करार दिए गए 16 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। शनिवार को एडीजे-दो कृष्ण कुमार की अदालत ने सजा पर सुनवाई पूरी करने के बाद यह आदेश दिया।
Trending Videos
इससे पहले 23 मार्च को अदालत ने सभी 16 आरोपियों को दोषी ठहराया था। सजा सुनाए जाने के दौरान अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। दोषियों को पुलिस हिरासत में कोर्ट में पेश किया गया। सजा सुनते ही परिजन सन्न रह गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह घटना छह जुलाई 2011 को मैनाठेर थाना क्षेत्र के असालतनगर बघा गांव में हुई थी। जब पुलिस एक आरोपी की तलाश में दबिश देने पहुंची थी। दबिश के दौरान धार्मिक पुस्तक के अपमान का आरोप लगाते हुए लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया।
गुस्साई भीड़ ने मुरादाबाद-संभल रोड पर तीन स्थानों पर जाम लगाते हुए मैनाठेर थाने और डींगरपुर पुलिस चौकी में आग लगा दी। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे तत्कालीन डीआईजी अशोक कुमार और डीएम राजशेखर को भीड़ ने घेर लिया था। इस दौरान डीआईजी पर हमला किया गया और उनकी पिस्टल छीन ली गई थी।
मामले में पीआरओ रवि कुमार की तहरीर पर 33 नामजद और करीब 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के बाद 25 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई, जिनमें से छह आरोपी नाबालिग होने के कारण उनकी फाइल किशोर न्यायालय भेज दी गई थी। सुनवाई के दौरान तीन आरोपियों की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन