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इत्र की सुगंध में छिपे हैं भाग्य परिवर्तन के सूत्र: जानिए धन और दांपत्य जीवन में तरक्की के 6 उपाय
अनीता जैन ,वास्तुविद
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sat, 07 Feb 2026 06:54 PM IST
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सार
शास्त्रों में देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए सुगंध का प्रयोग किया जाता है। हिंदू धर्म में सुगंध को बहुत ही शुभ, पवित्र और सात्विक माना जाता है।
वेदों और पुराणों में वर्णित है कि जहां सुगंध होती है, वहां सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
- फोटो : Adobe stock
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विस्तार
सनातन परंपरा में सुगंध को अत्यंत पवित्र और सात्त्विक तत्व माना गया है। वेदों और पुराणों में वर्णित है कि जहां सुगंध होती है, वहां सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। इत्र केवल बाहरी आकर्षण का माध्यम नहीं, बल्कि यह मन, वातावरण और भाग्य पर भी सूक्ष्म प्रभाव डालता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि इत्र का प्रयोग श्रद्धा और नियम से किया जाए तो इससे धन का आगमन होता है, दांपत्य जीवन सुदृढ़ बनता है और व्यक्ति को जीवन में निरंतर उन्नति प्राप्त होती है।
1. शुक्रवार को देवी लक्ष्मी की कृपा के लिए इत्र उपाय
शुक्रवार का दिन देवी लक्ष्मी को समर्पित माना गया है। इस दिन गुलाब या केवड़ा जैसे मीठी सुगंध वाले इत्र को दाहिनी कलाई या वस्त्रों पर लगाकर देवी लक्ष्मी का स्मरण करना शुभ फलदायी होता है। मान्यता है कि इससे घर में धन का प्रवाह बढ़ता है और आर्थिक परेशानियों में कमी आती है।
2. दांपत्य जीवन को मजबूत बनाने हेतु इत्र का प्रयोग
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सुगंध शुक्र तत्व को संतुलित करती है, जो दांपत्य जीवन का प्रमुख कारक ग्रह है। पति-पत्नी यदि किसी शुभ दिन एक-दूसरे को हल्का इत्र लगाकर आदर और प्रेम भाव व्यक्त करें, तो आपसी मतभेद कम होते हैं और वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है।
3. पूजा-पाठ में इत्र अर्पित करने का धार्मिक महत्व
पूजा के समय देवताओं को इत्र अर्पित करना अत्यंत शुभ माना गया है। विशेष रूप से श्रीकृष्ण, भगवान विष्णु और देवी-देवताओं को सुगंध अर्पित करने से साधक की पूजा स्वीकार होती है। मान्यता है कि इससे रुका हुआ धन प्राप्त होता है और जीवन में शुभ अवसर बढ़ते हैं।
किसी भी महत्वपूर्ण कार्य, व्यापारिक सौदे या साक्षात्कार से पहले हल्का, शुद्ध और प्राकृतिक इत्र लगाना शुभ माना गया है। धार्मिक विश्वास है कि सुगंध व्यक्ति के व्यक्तित्व को प्रभावशाली बनाती है, जिससे सफलता, मान-सम्मान और तरक्की के मार्ग खुलते हैं।
5. घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर करने में सहायक इत्र
यदि घर में तनाव, कलह या अशांति बनी रहती है, तो संध्या समय कपूर, चंदन या केवड़ा इत्र की हल्की सुगंध वातावरण में फैलाना लाभकारी माना गया है। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सकारात्मकता का संचार होता है।
6. भगवान शिव पर इत्र अर्पित करने का महत्व
विशेष रूप से सोमवार के दिन भगवान शिव को सफेद पुष्पों के साथ इत्र अर्पित करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शिव पर इत्र अर्पित करने से न केवल करियर में स्थिरता और जीवन में उन्नति के योग बनते हैं, बल्कि व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रोगों से भी राहत मिलती है। यह उपाय विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना गया है जो लंबे समय से रोग, तनाव या मानसिक पीड़ा से ग्रस्त हों।
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1. शुक्रवार को देवी लक्ष्मी की कृपा के लिए इत्र उपाय
शुक्रवार का दिन देवी लक्ष्मी को समर्पित माना गया है। इस दिन गुलाब या केवड़ा जैसे मीठी सुगंध वाले इत्र को दाहिनी कलाई या वस्त्रों पर लगाकर देवी लक्ष्मी का स्मरण करना शुभ फलदायी होता है। मान्यता है कि इससे घर में धन का प्रवाह बढ़ता है और आर्थिक परेशानियों में कमी आती है।
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2. दांपत्य जीवन को मजबूत बनाने हेतु इत्र का प्रयोग
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सुगंध शुक्र तत्व को संतुलित करती है, जो दांपत्य जीवन का प्रमुख कारक ग्रह है। पति-पत्नी यदि किसी शुभ दिन एक-दूसरे को हल्का इत्र लगाकर आदर और प्रेम भाव व्यक्त करें, तो आपसी मतभेद कम होते हैं और वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है।
3. पूजा-पाठ में इत्र अर्पित करने का धार्मिक महत्व
पूजा के समय देवताओं को इत्र अर्पित करना अत्यंत शुभ माना गया है। विशेष रूप से श्रीकृष्ण, भगवान विष्णु और देवी-देवताओं को सुगंध अर्पित करने से साधक की पूजा स्वीकार होती है। मान्यता है कि इससे रुका हुआ धन प्राप्त होता है और जीवन में शुभ अवसर बढ़ते हैं।
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4. नौकरी और व्यापार में तरक्की के लिए इत्र उपायकिसी भी महत्वपूर्ण कार्य, व्यापारिक सौदे या साक्षात्कार से पहले हल्का, शुद्ध और प्राकृतिक इत्र लगाना शुभ माना गया है। धार्मिक विश्वास है कि सुगंध व्यक्ति के व्यक्तित्व को प्रभावशाली बनाती है, जिससे सफलता, मान-सम्मान और तरक्की के मार्ग खुलते हैं।
5. घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर करने में सहायक इत्र
यदि घर में तनाव, कलह या अशांति बनी रहती है, तो संध्या समय कपूर, चंदन या केवड़ा इत्र की हल्की सुगंध वातावरण में फैलाना लाभकारी माना गया है। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सकारात्मकता का संचार होता है।
6. भगवान शिव पर इत्र अर्पित करने का महत्व
विशेष रूप से सोमवार के दिन भगवान शिव को सफेद पुष्पों के साथ इत्र अर्पित करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शिव पर इत्र अर्पित करने से न केवल करियर में स्थिरता और जीवन में उन्नति के योग बनते हैं, बल्कि व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रोगों से भी राहत मिलती है। यह उपाय विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना गया है जो लंबे समय से रोग, तनाव या मानसिक पीड़ा से ग्रस्त हों।
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