{"_id":"6a5cfc9ec0e751e0ba03c1fa","slug":"fifa-world-cup-2026-what-will-the-fifa-world-cup-2026-be-remembered-for-var-controversy-more-teams-etc-2026-07-19","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"FIFA World Cup: किन कारणों से याद किया जाएगा मौजूदा फीफा विश्व कप? रोमांच के बीच विवादों ने भी बटोरी सुर्खियां","category":{"title":"Football","title_hn":"फुटबॉल","slug":"football"}}
FIFA World Cup: किन कारणों से याद किया जाएगा मौजूदा फीफा विश्व कप? रोमांच के बीच विवादों ने भी बटोरी सुर्खियां
Mon, 20 Jul 2026 03:47 AM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, न्यू जर्सी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, न्यू जर्सी
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Mon, 20 Jul 2026 03:47 AM IST
सार
फीफा विश्व कप 2026 का समापन हो गया है। स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर 16 साल बाद खिताब अपने नाम किया, जबकि लियोनल मेसी टीम को लगातार दूसरा खिताब नहीं दिला सके। मौजूदा फीफा विश्व कप कई मायनों में यादगार रहा। रोनाल्डो, मेसी और एमबाप्पे जैसे स्टार खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से दर्शकों को प्रभावित किया। वहीं, केप वर्डे जैसे छोटी टीम ने नॉकआउट में पहुंचकर दिखाया कि वह भी बड़े मंच पर अपना दम दिखा सकती हैं। कुछ विवादों ने भी सुर्खियों बटोरी। आइए जानते हैं फीफा विश्व कप 2026 किन-किन कारणों से याद किया जाएगा...
विज्ञापन
फीफा विश्व कप 2026
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
स्पेन और अर्जेंटीना के बीच फीफा विश्व कप फाइनल के साथ इस टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे बड़ी प्रतियोगिता का समापन हो गया है। अर्जेंटीना अपने खिताब का बचाव नहीं कर सकी और स्पेन ने 16 साल बाद ट्रॉफी अपने नाम की। रविवार को न्यू जर्सी में अंतिम सीटी बजने तक लगभग छह हफ्तों में तीन देशों में कुल 104 मैच खेले गए। इस टूर्नामेंट में मैदान पर कई रोमांचक खेल देखने को मिले जिसमें उलटफेर, नाटकीय वापसी, शानदार गोल और खेल के सबसे बड़े सितारों का बेहतरीन प्रदर्शन शामिल था।
इसमें विवाद भी हुए जैसे ईरान की भागीदारी को लेकर राजनीतिक तनाव और हाइड्रेशन ब्रेक जैसे नए बदलावों की आलोचना जो कई प्रशंसकों को पसंद नहीं आए। अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में हुए 2026 विश्व कप में कुछ अहम चीजें हुईं जिसने दुनिया के फैंस का ध्यान अपनी ओर खींचा। आइए जानते हैं कि मौजूदा फीफा विश्व कप किन कारणों से याद किया जाएगा...
विज्ञापन
इसमें विवाद भी हुए जैसे ईरान की भागीदारी को लेकर राजनीतिक तनाव और हाइड्रेशन ब्रेक जैसे नए बदलावों की आलोचना जो कई प्रशंसकों को पसंद नहीं आए। अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में हुए 2026 विश्व कप में कुछ अहम चीजें हुईं जिसने दुनिया के फैंस का ध्यान अपनी ओर खींचा। आइए जानते हैं कि मौजूदा फीफा विश्व कप किन कारणों से याद किया जाएगा...
विज्ञापन
फीफा विश्व कप 2026
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
अधिक टीम, अधिक रोमांच
- नए 48 टीम वाले प्रारूप को लेकर एकतरफा मुकाबलों और ग्रुप चरण में रोमांच की कमी की चिंताएं जताई गई थीं, लेकिन केप वर्डे, कांगो और कुरासाओ जैसी टीमों ने इतिहास रचा और नए प्रशंसक बनाए।
- केप वर्डे ने अपने पहले मैच में स्पेन को ड्रॉ पर रोका, राउंड ऑफ 32 में जगह बनाई और अर्जेंटीना को कड़ी टक्कर दी, लेकिन अतिरिक्त समय में 2-3 से हार गए। यह एक यादगार विश्व कप मैच था। केप वर्डे के गोलकीपर वोजिन्हा 40 साल की उम्र में स्टार बन गए और सोशल मीडिया पर उनके लाखों फॉलोअर्स हो गए।
- कांगो भी ग्रुप चरण से आगे बढ़ा और इंग्लैंड को कड़ी टक्कर दी, लेकिन आखिरकार हार गया।
- कुराकाओ के पास भी अपने आखिरी ग्रुप मैच तक नॉकआउट में पहुंचने का मौका था।
- फीफा ने अधिक टीमों के लिए दरवाजे खोले और उन्होंने साबित कर दिया कि वे फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर मुकाबला कर सकती हैं।
- पहली बार विजेता टीम को ट्रॉफी और गोल्ड मेडल के साथ-साथ चैंपियनशिप अंगूठी भी दी जा रही है।
बड़े सितारों का जलवा
टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी को दिए जाने वाले गोल्डन बूट की दौड़ में दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी शामिल थे जिनमें लियोनल मेसी, किलियन एमबाप्पे, एर्लिंग हालंद, हैरी केन और जूड बेलिंघम ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। रविवार के फाइनल से पहले एमबाप्पे 10 गोल के साथ गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे थे। मेसी फाइनल में एक भी गोल नहीं कर सके जिससे एमबाप्पे इस दौड़ में आगे ही बने रहे। उन्होंने अपने करियर में विश्व कप में कुल 22 गोल का रिकॉर्ड भी बनाया। मेसी ने मौजूदा विश्व कप आठ गोल किए और उनके विश्व कप में कुल 21 गोल हैं। क्रिस्टियानो रोनाल्डो पुर्तगाल को अपने आखिरी विश्व कप में खिताब नहीं दिला पाए, जबकि दो साल पहले यूरो कप के स्टार लामिन यमाल ने चोट से उबरने के बाद शानदार प्रदर्शन किया।
टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी को दिए जाने वाले गोल्डन बूट की दौड़ में दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी शामिल थे जिनमें लियोनल मेसी, किलियन एमबाप्पे, एर्लिंग हालंद, हैरी केन और जूड बेलिंघम ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। रविवार के फाइनल से पहले एमबाप्पे 10 गोल के साथ गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे थे। मेसी फाइनल में एक भी गोल नहीं कर सके जिससे एमबाप्पे इस दौड़ में आगे ही बने रहे। उन्होंने अपने करियर में विश्व कप में कुल 22 गोल का रिकॉर्ड भी बनाया। मेसी ने मौजूदा विश्व कप आठ गोल किए और उनके विश्व कप में कुल 21 गोल हैं। क्रिस्टियानो रोनाल्डो पुर्तगाल को अपने आखिरी विश्व कप में खिताब नहीं दिला पाए, जबकि दो साल पहले यूरो कप के स्टार लामिन यमाल ने चोट से उबरने के बाद शानदार प्रदर्शन किया।
वीएआर वीडियो को लेकर हुआ विवाद
वीडियो सहायक रिव्यू (वीएआर) कई विवादित फैसलों की वजह बना जिसमें जर्मनी, क्रोएशिया और मिस्र के महत्वपूर्ण गोल रद्द कर दिए गए। राउंड ऑफ 16 में अर्जेंटीना के 0-2 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए 3-2 से जीतने पर मिस्र के कोच होसाम हसन ने इसकी तीखी आलोचना की। टूर्नामेंट में इस्तेमाल की जा रही सेंसर वाली बेहद आधुनिक गेंद की वजह से राउंड ऑफ 32 में पुर्तगाल के खिलाफ क्रोएशिया का आखिरी समय में बराबरी का गोल नहीं हो पाया क्योंकि गेंद ने इगोर मंटानोविच का हल्का सा स्पर्श भी पकड़ लिया और जोस्को ग्वार्डियोल के गोल को ऑफसाइड करार दिया।
वीडियो सहायक रिव्यू (वीएआर) कई विवादित फैसलों की वजह बना जिसमें जर्मनी, क्रोएशिया और मिस्र के महत्वपूर्ण गोल रद्द कर दिए गए। राउंड ऑफ 16 में अर्जेंटीना के 0-2 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए 3-2 से जीतने पर मिस्र के कोच होसाम हसन ने इसकी तीखी आलोचना की। टूर्नामेंट में इस्तेमाल की जा रही सेंसर वाली बेहद आधुनिक गेंद की वजह से राउंड ऑफ 32 में पुर्तगाल के खिलाफ क्रोएशिया का आखिरी समय में बराबरी का गोल नहीं हो पाया क्योंकि गेंद ने इगोर मंटानोविच का हल्का सा स्पर्श भी पकड़ लिया और जोस्को ग्वार्डियोल के गोल को ऑफसाइड करार दिया।
फीफा विश्व कप 2026
- फोटो : Fifa.com
अधिक कीमतें के बावजूद प्रशंसक पहुंचे
टूर्नामेंट शुरू होने से पहले चिंता थी कि फीफा की डाइनामिक प्राइसिंग (समय के साथ बदलती कीमतें) की वजह से आम प्रशंसकों के लिए मैच के टिकट खरीदना मुश्किल हो जाएगा। कुछ आलोचकों ने फीफा पर बहुत बड़ा धोखा करने का आरोप लगाया। आम बिक्री में टिकट की कीमतें ग्रुप चरण के मुकाबलों के लिए 140 से 2,735 डॉलर और फाइनल के लिए 8,680 डॉलर थीं जो 2022 में कतर में हुए पिछले विश्व कप की कीमतों से कहीं अधिक थीं। फीफा ने पुन: बिक्री वाली टिकटों की कीमतों पर कोई नियंत्रण नहीं रखा लेकिन बिक्री से अपना हिस्सा लिया। इतनी आलोचना के बावजूद प्रशंसक बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचे।
टूर्नामेंट शुरू होने से पहले चिंता थी कि फीफा की डाइनामिक प्राइसिंग (समय के साथ बदलती कीमतें) की वजह से आम प्रशंसकों के लिए मैच के टिकट खरीदना मुश्किल हो जाएगा। कुछ आलोचकों ने फीफा पर बहुत बड़ा धोखा करने का आरोप लगाया। आम बिक्री में टिकट की कीमतें ग्रुप चरण के मुकाबलों के लिए 140 से 2,735 डॉलर और फाइनल के लिए 8,680 डॉलर थीं जो 2022 में कतर में हुए पिछले विश्व कप की कीमतों से कहीं अधिक थीं। फीफा ने पुन: बिक्री वाली टिकटों की कीमतों पर कोई नियंत्रण नहीं रखा लेकिन बिक्री से अपना हिस्सा लिया। इतनी आलोचना के बावजूद प्रशंसक बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचे।
हाइड्रेशन ब्रेक से निराशा
- फीफा ने दोनों हाफ के बीच में पानी के लिए ब्रेक लागू किए जो इस विश्व कप के लिए एक नई चीज थी।
- स्टेडियम में मौजूद प्रशंसकों ने इसकी जोरदार हूटिंग की और पूर्व खिलाड़ियों ने भी इसकी आलोचना की।
- ये ब्रेक खिलाड़ियों को गर्मी से निपटने में मदद करने के लिए शुरू किए गए थे लेकिन फीफा ने नियम बनाया कि मौसम और चाहे जो भी हो, ये ब्रेक होंगे ही।
युद्ध के बावजूद ईरान ने हिस्सा लिया
विश्व कप में राजनीति और खेल का आपस में जुड़ना कोई नई बात नहीं है। इस बार सबसे अधिक राजनीतिक तनाव ईरान की राष्ट्रीय टीम को लेकर था। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से संदेह पैदा हो गया था कि क्या ईरान की टीम विश्व कप में हिस्सा ले पाएगी या नहीं। टीम ने हिस्सा तो लिया लेकिन अपना आधार शिविर एरिजोना से मेक्सिको ले जाने के बाद। अमेरिका ने ईरान के दल के कई सदस्यों को वीजा देने से इनकार कर दिया था। ईरान की टीम ने यात्रा से जुड़ी पाबंदियों की भी शिकायत की जिसमें हर मैच के तुरंत बाद अमेरिका छोड़ना शामिल था।
विश्व कप में राजनीति और खेल का आपस में जुड़ना कोई नई बात नहीं है। इस बार सबसे अधिक राजनीतिक तनाव ईरान की राष्ट्रीय टीम को लेकर था। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से संदेह पैदा हो गया था कि क्या ईरान की टीम विश्व कप में हिस्सा ले पाएगी या नहीं। टीम ने हिस्सा तो लिया लेकिन अपना आधार शिविर एरिजोना से मेक्सिको ले जाने के बाद। अमेरिका ने ईरान के दल के कई सदस्यों को वीजा देने से इनकार कर दिया था। ईरान की टीम ने यात्रा से जुड़ी पाबंदियों की भी शिकायत की जिसमें हर मैच के तुरंत बाद अमेरिका छोड़ना शामिल था।