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एआई पर निजी जानकारी शेयर करने वाले हो जाएं सावधान: दिवालिया हुई कंपनी तो बढ़ जाएगी मुश्किल, जानें क्या है खतरा

Fri, 06 Nov 2026 05:07 PM IST
जागृति शुक्ला अमर उजाला नेटवर्क
अमर उजाला नेटवर्क Published by: जागृति शुक्ला Updated Fri, 06 Nov 2026 05:07 PM IST
सार

आज के दौर में लाखों लोग एआई से अपनी निजी जिंदगी से जुड़ी बातें कर रहे हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस कंपनी के पास आपकी ये बेहद संवेदनशील और निजी जानकारियां सुरक्षित हैं, अगर वही कंपनी दिवालिया हो जाए, तो आपके डेटा का क्या होगा? एआई उद्योग में संभावित आर्थिक संकट के बीच यह बड़ा सवाल अब लोगों की निजता पर गंभीर खतरे की घंटी बजा रहा है। आइए जानते हैं एआई इस्तेमाल को लेकर क्या सवाल खड़े हो रहे हैं...
 

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AI Chat Privacy Risk, What Happens If Chatbot Company Fails?
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड

विस्तार

लोग कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) चैटबॉट से अपनी निजी जिंदगी, रिश्तों और मानसिक परेशानियों तक की बातें साझा कर रहे हैं। लेकिन जिस कंपनी के पास ये बातचीत सुरक्षित है, यदि वही दिवालिया हो जाए तो उनकी संवेदनशील जानकारियां बिक सकती हैं। एआई उद्योग में संभावित आर्थिक संकट के बीच यह खतरा लोगों की निजता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

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क्या हो सकता है खतरा?

  • बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, चैटबॉट कंपनी कैरेक्टर डॉट एआई का मामला इस जोखिम को उजागर करता है। कंपनी के चैटबॉट से लाखों लोगों ने भावनात्मक रिश्ते विकसित किए, जिनमें बच्चे और किशोर भी शामिल हैं। कंपनी के आर्थिक संकट की स्थिति में उसके पास मौजूद निजी बातचीत और जानकारियों की सुरक्षा चिंता का विषय बन गई है।
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  • विश्लेषकों को आशंका है कि भारी निवेश के बावजूद एआई कंपनियों के लिए मुनाफा कमाना मुश्किल हो सकता है। एआई उपकरणों को विकसित करने और चलाने में डाटा सेंटर, महंगे चिप और बिजली पर भारी खर्च होता है। यदि उद्योग का आर्थिक बुलबुला फूटता है तो कई कंपनियां बंद हो सकती हैं या उनका विलय हो सकता है। ऐसे में उनके पास मौजूद उपयोगकर्ताओं का डाटा कारोबारी परिसंपत्ति बन सकता है।
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क्या है एक्सपर्ट्स की राय?
इलेक्ट्रॉनिक प्राइवेसी इन्फॉर्मेशन सेंटर की एआई और मानवाधिकार कार्यक्रम निदेशक कैली श्रोएडर के मुताबिक, इंसानों की तरह बातचीत करने वाले चैटबॉट से लोग अपने रिश्तों, भावनाओं और मानसिक परेशानियों से जुड़ी जानकारियां भी साझा करते हैं। इसका असर उन लोगों पर भी पड़ सकता है, जिन्होंने कभी चैटवॉट इस्तेमाल नहीं किया। कोई व्यक्ति बातचीत के दौरान अपने दोस्त या परिवार के सदस्य की निजी जानकारी भी साझा कर सकता है। 


दिवालिया कंपनी का डाटा बिकने की आशंका
रिपोर्ट के अनुसार, कैरेक्टर डॉट एआई ने अपनी कुछ परिसंपत्तियां डिज्नी को दो करोड़ डॉलर में बेचने पर सहमति जताई है। इस सौदे में उपयोगकर्ताओं का डाटा शामिल नहीं है, लेकिन अदालत में दाखिल दस्तावेजों के मुताबिक कंपनी दूसरे खरीदारों को डाटा बेच सकती है। अमेरिका के 40 राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने अदालत से बच्चों की सुरक्षा व निजता सुनिश्चित करने के उपाय लागू करने की मांग की है।

अमेरिका में निजता के नियम कमजोर, यूरोप में भी पूरी सुरक्षा नहीं
उत्तरी कैरोलाइना विश्वविद्यालय की कानून विशेषज्ञ मेलिसा जैकोबी के अनुसार, अमेरिका में निजता संबंधी मजबूत नियमों के अभाव में दिवालिया कंपनियों के डाटा की बिक्री रोकना मुश्किल हो सकता है। यूरोपीय संघ में नियम अधिक सख्त हैं, लेकिन वहां भी दिवालिया कंपनियों का डाटा बिक सकता है। खरीदार को सामान्यता मूल निजता नीति का पालन करना होता है, लेकिन उसके प्रावधान डाटा के इस्तेमाल की व्यापक गुंजाइश दे सकते हैं।

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