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ऑस्ट्रेलिया में AI प्लेटफॉर्म्स पर सख्ती: 9 मार्च से लागू होंगे नए नियम, उल्लंघन पर ₹270 करोड़ तक का जुर्माना

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Nitish Kumar Updated Tue, 03 Mar 2026 05:27 PM IST
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सार

ऑस्ट्रेलिया ने AI प्लेटफॉर्म्स, सर्च इंजन और ऐप स्टोर्स को सख्त चेतावनी दी है। 9 मार्च से 18 साल से कम उम्र के यूजर्स को हानिकारक कंटेंट से रोकना जरूरी होगा। नियम तोड़ने पर 4.95 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

australia warns ai platforms to ensure strict age verification rules for under 18 new rules from 9 march
ऑस्ट्रेलिया में एआई प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ी सख्ती - फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार

ऑस्ट्रेलिया अब सिर्फ सोशल मीडिया ही नहीं, बल्कि चैटजीपीटी जैसे एआई टूल्स पर भी नकेल कसने की तैयारी कर चुका है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया के ऑनलाइन सेफ्टी रेगुलेटर ने साफ कर दिया है कि अगर किसी एआई प्लेटफॉर्म ने 18 साल से कम उम्र के बच्चों को गलत कंटेंट तक पहुंचने से नहीं रोका, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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9 मार्च से लागू होंगे नए नियम
ई-सेफ्टी रेगुलेटर के मुताबिक, 9 मार्च से ऑस्ट्रेलिया में काम करने वाली सभी ऑनलाइन सेवाओं को कुछ नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा:
  • कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि 18 साल से कम उम्र के यूजर्स अश्लील, अत्यधिक हिंसा, आत्महत्या या ईटिंग डिसऑर्डर से जुड़े कंटेंट तक न पहुंच सकें। 
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  • रेगुलेटर ने स्पष्ट किया है कि उनकी नजर सिर्फ एआई कंपनियों पर ही नहीं, बल्कि उन गेटकीपर्स पर भी है जो इन टूल्स को हम तक पहुंचाते हैं।
  • गूगल और एपल जैसे एप स्टोर्स और गूगल-बिंग जैसे सर्च इंजनों को भी जवाबदेह ठहराया जाएगा। 
  • अगर वे किसी ऐसे एआई एप को अपने प्लेटफॉर्म पर जगह देते हैं जो नियमों का पालन नहीं कर रहा, तो उन पर भी गाज गिर सकती है।
  • अगर कोई कंपनी इन नियमों का पालन नहीं करती है, तो उस पर 4.95 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग ₹270 करोड़) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

कंपनियां कितनी तैयार?
रॉयटर्स के मुताबिक, जब दुनिया के 50 सबसे लोकप्रिय AI प्रोडक्ट्स की जांच की गई, तो स्थिति काफी चिंताजनक मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ 9 प्लेटफॉर्म ने अब तक एज वेरिफिकेशन सिस्टम बनाया है। वहीं, सिर्फ 11 प्लेटफॉर्म ने कंटेंट फिल्टर लगाने या ऑस्ट्रेलिया में अपनी सर्विस बंद करने की योजना बनाई है। जबकि, 30 प्लेटफॉर्म ऐसे हैं जिन्होंने अब तक सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

हालांकि, ChatGPT, Replika और Claude जैसे बड़े नामों ने उम्र की जांच और कड़े फिल्टर लगाने शुरू कर दिए हैं। Character.AI जैसे प्लेटफॉर्म ने भी 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए चैटिंग की सीमाओं को सीमित कर दिया है।

एपल का नया सुरक्षा कवच
इस बीच, एपल ने एक नया तरीका निकाला है। एपल ने डेवलपर्स के लिए एक खास सिस्टम पेश किया है। इसके जरिए, 24 फरवरी 2026 से ऑस्ट्रेलिया में एडल्ट रेटिंग वाले एप्स को केवल वही लोग डाउनलोड कर पाएंगे जो अपनी उम्र प्रमाणित करेंगे।

आखिर क्यों पड़ी इस सख्ती की जरूरत?
ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला ऐसा देश है जिसने दिसंबर में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन किया था। हालांकि देश में अब तक चैटबॉट से जुड़ी हिंसा की घटनाएं सामने नहीं आई हैं, लेकिन रेगुलेटर को ऐसी रिपोर्ट मिली हैं कि 10 साल तक के बच्चे रोजाना छह घंटे तक एआई चैट टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।

अधिकारियों को चिंता है कि एआई कंपनियां इंसानी भावनाओं के साथ खेलने वाली तकनीकों का इस्तेमाल कर रही हैं, जिससे बच्चे इन टूल्स के जाल में फंसते जा रहे हैं। इसी डिजिटल जाल से बच्चों को निकालने के लिए अब ऑस्ट्रेलिया ने युद्ध स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है।

ऑस्ट्रेलिया का यह कदम दुनिया में AI रेगुलेशन के सबसे सख्त प्रयासों में गिना जा रहा है। आने वाले समय में अन्य देश भी इसी तरह के नियम लागू कर सकते हैं।
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