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AI: चैटजीपीटी ने बताया कैसे हड़पें 2000 करोड़, तैयार किया पूरा प्लान, एआई की चालाकी से कोर्ट भी हैरान
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Mon, 23 Mar 2026 05:46 PM IST
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सार
PUBG बनाने वाली कंपनी 'क्राफ्टन' के सीईओ को चैटजीपीटी (ChatGPT) से सलाह लेना महंगा पड़ गया। करीब 2100 करोड़ रुपये का बोनस न देना पड़े, इसके लिए उन्होंने एआई की मदद से एक गुप्त योजना बनाई। हालांकि, कोर्ट ने इस चालाकी को पकड़ लिया और कंपनी को जोरदार फटकार लगाई।
एआई फ्रॉड करने में भी कर रहा मदद
- फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
दक्षिण कोरियाई गेमिंग दिग्गज क्राफ्टन (Krafton) के सीईओ चांगहान किम इन दिनों एक अजीबोगरीब कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। मामला 2021 का है, जब क्राफ्टन ने सबनॉटिका (Subnautica) गेम बनाने वाली कंपनी 'अननोन वर्ल्ड्स एंटरटेनमेंट' को 500 मिलियन डॉलर में खरीदा था। डील की एक शर्त यह थी कि अगर यह कंपनी भविष्य में कुछ खास टारगेट पूरे करती है, तो क्राफ्टन को उनके लीडर्स को 250 मिलियन डॉलर (करीब 2100 करोड़ रुपये) का अतिरिक्त बोनस देना होगा।
ChatGPT से पूछा- कैसे बचाएं पैसे?
जब 'सबनॉटिका 2' की कामयाबी से यह बोनस देने की नौबत आई, तो सीईओ किम को लगा कि उन्होंने एक खराब डील कर ली है। बजाय इसके कि वे अनुभवी वकीलों से बात करते, उन्होंने ChatGPT का सहारा लिया। एआई ने उन्हें सुझाव दिया कि वे 'प्रोजेक्ट एक्स' नाम की एक आंतरिक टास्क फोर्स बनाएं। इस टास्क फोर्स का काम था या तो बोनस की रकम कम करने के लिए दबाव बनाना या फिर उस कंपनी के मैनेजमेंट को ही रास्ते से हटा देना। जब अननोन वर्ल्ड्स के लीडर्स ने बोनस की शर्तों को बदलने से इनकार कर दिया, तो क्राफ्टन ने उन्हें पद से हटा दिया।
अदालत ने लगाई फटकार
यह मामला डेलावेयर की अदालत में पहुंचा। जज लोरी विल ने इस पूरी प्रक्रिया पर हैरानी जताई। उन्होंने अपने आदेश में लिखा कि क्राफ्टन के सीईओ ने एआई के साथ मिलकर एक 'टेकओवर' रणनीति तैयार की ताकि वे समय काट सकें और बोनस देने से बच सकें। कोर्ट ने क्राफ्टन के इस कदम को गलत ठहराते हुए हटाए गए अधिकारियों को वापस बहाल करने या फैसले को पलटने का आदेश दिया।
यह भी पढ़ें: व्हाट्सएप-फेसबुक तो ठीक हैं, लेकिन X और Instagram बिगाड़ सकते हैं आपकी मानसिक सेहत
कंपनी ने दी सफाई
इस पूरे विवाद पर क्राफ्टन के प्रवक्ता ने कहा, "हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन हम इससे पूरी तरह असहमत हैं। हम अपने अगले कदमों पर विचार कर रहे हैं।" कंपनी ने यह भी कहा कि उनका ध्यान अभी भी खिलाड़ियों और गेम को बेहतर बनाने पर है। हालांकि, बोनस और मुआवजे को लेकर कानूनी लड़ाई अभी भी जारी है।
एआई नहीं है वकीलों का विकल्प
यह केस दुनिया भर के कॉर्पोरेट जगत के लिए एक सबक बन गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि चैटजीपीटी जैसे टूल जानकारी के लिए तो ठीक हैं, लेकिन जटिल कानूनी और व्यापारिक फैसलों में इन्हें वकीलों की जगह इस्तेमाल करना भारी नुकसान पहुंचा सकता है।
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जब 'सबनॉटिका 2' की कामयाबी से यह बोनस देने की नौबत आई, तो सीईओ किम को लगा कि उन्होंने एक खराब डील कर ली है। बजाय इसके कि वे अनुभवी वकीलों से बात करते, उन्होंने ChatGPT का सहारा लिया। एआई ने उन्हें सुझाव दिया कि वे 'प्रोजेक्ट एक्स' नाम की एक आंतरिक टास्क फोर्स बनाएं। इस टास्क फोर्स का काम था या तो बोनस की रकम कम करने के लिए दबाव बनाना या फिर उस कंपनी के मैनेजमेंट को ही रास्ते से हटा देना। जब अननोन वर्ल्ड्स के लीडर्स ने बोनस की शर्तों को बदलने से इनकार कर दिया, तो क्राफ्टन ने उन्हें पद से हटा दिया।
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यह मामला डेलावेयर की अदालत में पहुंचा। जज लोरी विल ने इस पूरी प्रक्रिया पर हैरानी जताई। उन्होंने अपने आदेश में लिखा कि क्राफ्टन के सीईओ ने एआई के साथ मिलकर एक 'टेकओवर' रणनीति तैयार की ताकि वे समय काट सकें और बोनस देने से बच सकें। कोर्ट ने क्राफ्टन के इस कदम को गलत ठहराते हुए हटाए गए अधिकारियों को वापस बहाल करने या फैसले को पलटने का आदेश दिया।
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कंपनी ने दी सफाई
इस पूरे विवाद पर क्राफ्टन के प्रवक्ता ने कहा, "हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन हम इससे पूरी तरह असहमत हैं। हम अपने अगले कदमों पर विचार कर रहे हैं।" कंपनी ने यह भी कहा कि उनका ध्यान अभी भी खिलाड़ियों और गेम को बेहतर बनाने पर है। हालांकि, बोनस और मुआवजे को लेकर कानूनी लड़ाई अभी भी जारी है।
एआई नहीं है वकीलों का विकल्प
यह केस दुनिया भर के कॉर्पोरेट जगत के लिए एक सबक बन गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि चैटजीपीटी जैसे टूल जानकारी के लिए तो ठीक हैं, लेकिन जटिल कानूनी और व्यापारिक फैसलों में इन्हें वकीलों की जगह इस्तेमाल करना भारी नुकसान पहुंचा सकता है।
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