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नो सिग्नल जोन में भी काम करेगा फोन: बांग्लादेश में स्टारलिंक मोबाइल लॉन्च, भारत में क्यों हो रही देरी?
Thu, 08 Oct 2026 04:47 PM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Thu, 08 Oct 2026 04:47 PM IST
सार
एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की स्टारलिंक मोबाइल सर्विस भारत से पहले बांग्लादेश पहुंच गई है। वहां बांग्लालिंक के साथ मिलकर यह सर्विस शुरू की गई है, जिससे चुनिंदा 4G फोन मोबाइल टावर की पहुंच से बाहर होने पर सीधे सैटेलाइट से जुड़ सकेंगे। दूसरी ओर, भारत में स्टारलिंक को अभी लाइसेंस और स्पेक्ट्रम से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करनी है।
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बांग्लादेश में स्टारलिंक मोबाइल सेवाएं हुईं शुरू।
- फोटो : ANI
विस्तार
एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक (Starlink) ने भारत से पहले बांग्लादेश में अपनी मोबाइल सर्विस शुरू कर दी है। बांग्लादेश में स्टारलिंक मोबाइल (Starlink Mobile) को स्थानीय टेलीकॉम कंपनी बांग्लालिंक के साथ मिलकर लॉन्च किया गया है। खास बात यह है कि इस सर्विस के लिए अलग सैटेलाइट डिश की जरूरत नहीं होगी। 4G फोन सीधे स्टारलिंक के सैटेलाइट से जुड़कर मोबाइल टावर की पहुंच से बाहर भी कनेक्टेड रह सकेंगे।
बांग्लादेश में ऐसे काम करेगा स्टारलिंक मोबाइल
भारत में क्यों नहीं शुरू हुई सर्विस?
भारत में स्टारलिंक की स्थिति फिलहाल अलग है। कंपनी को भारत में डिश के जरिए इंटरनेट सर्विस शुरू करने के लिए लाइसेंस मिलना अभी बाकी है। इसके अलावा कंपनी को स्पेक्ट्रम से जुड़े फैसले का भी इंतजार है। सरकार के मुताबिक, सभी संबंधित कंपनियों के लिए सुरक्षा से जुड़ी प्रक्रिया जारी है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस यूजर्स और उनके डेटा से जुड़े सुरक्षा नियमों का पालन करे।
बांग्लादेश में पहले से मौजूद है स्टारलिंक
बांग्लादेश ने अप्रैल 2025 में स्टारलिंक की डिश आधारित इंटरनेट सर्विस को ऑपरेट करने की मंजूरी दी थी। इसके बाद मई में सर्विस शुरू हुई। बांग्लादेश टेलीकम्युनिकेशन रेगुलेटरी कमीशन के अनुसार, जनवरी 2026 तक वहां स्टारलिंक के 3,469 सब्सक्राइबर थे। अब स्टारलिंक मोबाइल की शुरुआत के साथ कंपनी ने वहां अपनी पहुंच का दायरा बढ़ाया है।
भारत में कब आएगा स्टारलिंक मोबाइल?
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बांग्लादेश में ऐसे काम करेगा स्टारलिंक मोबाइल
- स्पेसएक्स के मुताबिक, बांग्लादेश में स्टारलिंक मोबाइल अब बांग्लालिंक के साथ उपलब्ध है। कंपनी का कहना है कि इससे लाखों यूजर्स ऐसे इलाकों में भी मैसेज भेज सकेंगे और लोकेशन शेयर कर सकेंगे, जहां सामान्य मोबाइल नेटवर्क नहीं पहुंचता।
- इस सर्विस के लिए यूजर के पास संगत 4G स्मार्टफोन, बांग्लालिंक का सिम और आसमान का साफ व्यू होना जरूरी होगा। मोबाइल जब सामान्य टावर के नेटवर्क से बाहर होगा, तब वह सीधे स्टारलिंक के सैटेलाइट से कनेक्ट हो सकेगा।
- यह सुविधा खास तौर पर समुद्र के आसपास के इलाकों, दूरदराज के द्वीपों, पहाड़ी क्षेत्रों और ऐसे स्थानों के लिए उपयोगी हो सकती है, जहां मोबाइल नेटवर्क कमजोर रहता है। बाढ़, चक्रवात या बिजली कटौती के दौरान भी यह अतिरिक्त कनेक्टिविटी उपलब्ध करा सकती है।
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Starlink connecting Bangladesh!
— Elon Musk (@elonmusk) October 8, 2026
भारत में क्यों नहीं शुरू हुई सर्विस?
भारत में स्टारलिंक की स्थिति फिलहाल अलग है। कंपनी को भारत में डिश के जरिए इंटरनेट सर्विस शुरू करने के लिए लाइसेंस मिलना अभी बाकी है। इसके अलावा कंपनी को स्पेक्ट्रम से जुड़े फैसले का भी इंतजार है। सरकार के मुताबिक, सभी संबंधित कंपनियों के लिए सुरक्षा से जुड़ी प्रक्रिया जारी है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस यूजर्स और उनके डेटा से जुड़े सुरक्षा नियमों का पालन करे।
बांग्लादेश में पहले से मौजूद है स्टारलिंक
बांग्लादेश ने अप्रैल 2025 में स्टारलिंक की डिश आधारित इंटरनेट सर्विस को ऑपरेट करने की मंजूरी दी थी। इसके बाद मई में सर्विस शुरू हुई। बांग्लादेश टेलीकम्युनिकेशन रेगुलेटरी कमीशन के अनुसार, जनवरी 2026 तक वहां स्टारलिंक के 3,469 सब्सक्राइबर थे। अब स्टारलिंक मोबाइल की शुरुआत के साथ कंपनी ने वहां अपनी पहुंच का दायरा बढ़ाया है।
भारत में कब आएगा स्टारलिंक मोबाइल?
- फिलहाल भारत में स्टारलिंक लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं और मंजूरी का इंतजार कर रही है। कंपनी ने यहां अपनी डिश आधारित इंटरनेट सर्विस भी शुरू नहीं की है। कंपनी अपनी डिश आधारित इंटरनेट सर्विस की मंजूरी और स्पेक्ट्रम से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रही है।
- एलन मस्क पहले ही भारत में स्टारलिंक को ऐसे लोगों के लिए हाई-स्पीड और किफायती इंटरनेट का विकल्प बता चुके हैं। उनका कहना है कि भारत में स्टारलिंक की सर्विस शुरू होने से गांवों और दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले करोड़ों लोगों को मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। हालांकि, बांग्लादेश के जैसे स्टारलिंक की मोबाइल-टू-सैटेलाइट सर्विस भारत में कब शुरू होगी, इस पर अभी तस्वीर साफ नहीं है।