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The Indian Railway Board has taken a major decision—charging sockets will now be disabled for this reason!
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भारतीय रेलवे बोर्ड ने लिया बड़ा फैसला, इस वजह से अब बंद कर दिए जाएंगे चार्जिंग सॉकेट!
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम
Published by: Bhaskar Tiwari
Updated Thu, 29 Oct 2026 03:30 AM IST
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भारतीय रेलवे बोर्ड ने ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मोबाइल फोन और लैपटॉप चार्ज करने वाले पॉइंट को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार, ट्रेन के डिब्बों में लगे चार्जिंग पॉइंट रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक बंद रखे जाएंगे। रेलवे बोर्ड ने सभी रेलवे जोन को इस नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) में हुई एक घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें एक यात्री का पावर बैंक चार्ज होते समय फट गया और उसमें से धुआं निकलने लगा। इस घटना ने ट्रेन में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चार्ज करने के दौरान होने वाले संभावित खतरों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार, ट्रेन में हुई इस घटना के दौरान पावर बैंक चार्जिंग पर लगा हुआ था, तभी उसमें विस्फोट हुआ और धुआं निकलने लगा। ऐसे मामलों में आग लगने या यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मचने का खतरा पैदा हो सकता है। ट्रेन के डिब्बों में बड़ी संख्या में यात्री मौजूद रहते हैं और रात के समय अधिकांश यात्री सो रहे होते हैं। ऐसी स्थिति में आग या धुएं की घटना होने पर यात्रियों को समय रहते सतर्क करना और सुरक्षित बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसी तरह की आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे में चार्जिंग पॉइंट के इस्तेमाल को नियंत्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।
रेलवे बोर्ड ने 26 अक्टूबर को जारी एक पत्र में सभी रेलवे जोन को याद दिलाया कि रात के समय चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के संबंध में वर्ष 2014 में आदेश जारी किया गया था। बोर्ड ने अधिकारियों से कहा है कि पुराने निर्देशों का केवल कागजों पर पालन करने के बजाय उन्हें व्यावहारिक रूप से लागू किया जाए। इसके लिए संबंधित रेलवे कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण देने और चार्जिंग पॉइंट निर्धारित समय पर बंद किए जा रहे हैं या नहीं, इसकी नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसके अलावा, रेलवे अधिकारियों को नियमों के पालन की जांच के लिए अचानक निरीक्षण यानी सरप्राइज इंस्पेक्शन करने को कहा गया है। इन निरीक्षणों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ट्रेन में तैनात कर्मचारी निर्धारित समय के दौरान चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के निर्देशों का पालन कर रहे हैं। यदि कहीं लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने की जरूरत होगी।
यात्रियों के लिए भी यह समझना जरूरी है कि रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक मोबाइल या लैपटॉप चार्ज करने की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकती है। इसलिए यात्रा पर निकलने से पहले अपने फोन और अन्य जरूरी उपकरणों को पर्याप्त चार्ज कर लेना चाहिए। साथ ही, क्षतिग्रस्त चार्जर, खराब बैटरी और संदिग्ध पावर बैंक का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। रेलवे बोर्ड के इन निर्देशों का मुख्य उद्देश्य ट्रेन में आग लगने और बिजली से जुड़ी दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करना तथा यात्रियों की सुरक्षा को बेहतर बनाना है।
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