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किसी के 100 तो किसी के 14 बच्चे: अरबपतियों की अनोखी दुनिया; क्या है इसके पीछे की सोच?
Fri, 09 Oct 2026 06:25 AM IST
निर्मल कांत
अरवा महादवी, द न्यूयॉर्क टाइम्स, न्यूयॉर्क।
अरवा महादवी, द न्यूयॉर्क टाइम्स, न्यूयॉर्क।
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 09 Oct 2026 06:25 AM IST
सार
अति-अमीरों के बीच ज्यादा बच्चे पैदा करना क्या संपत्ति और रुतबे के प्रदर्शन का नया तरीका बन रहा है? एक विश्लेषण में किम कार्दशियन की पांच नैनी और पावेल दुरुव, शू बो व एलन मस्क जैसे अरबपतियों के दर्जनों बच्चों का जिक्र है। क्या बच्चों की परवरिश में दूसरों पर बढ़ती निर्भरता उनके मानसिक विकास पर असर डाल सकती है? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
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ज्यादा बच्चे पैदा कर रहे अरबपति, इसे सामाजिक रुतबे से जोड़कर देखते हैं
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विस्तार
क्या संतान का होना अब केवल परिवार बसाने की इच्छा नहीं, बल्कि अत्यधिक संपत्ति और सामाजिक रुतबे का सबसे नया प्रदर्शन बन चुका है? एक हालिया विश्लेषण ने अति-अमीरों की इस अनूठी दुनिया पर रोशनी डाली है, जहां एक तरफ आम आदमी के लिए एक बच्चे का खर्च उठाना भी चुनौती बनता जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ दुनिया के शीर्ष अरबपति दर्जनों बच्चों के माता-पिता बनने की होड़ में लगे हैं।
अरबपति न सिर्फ बच्चे अधिक चाहते हैं बल्कि उनको पालने के लिए नैनी की भारी-भरकम फौज भी रहती है जो शिफ्टों में काम करती है। विश्लेषण में यह बात प्रमुखता से रेखांकित की गई है कि घरेलू कामों और बच्चों की परवरिश में मदद लेना गलत नहीं है, लेकिन जब बच्चों की संख्या इतनी बढ़ा ली जाए कि खुद समय देना असंभव हो जाए, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह केवल एक सामाजिक प्रदर्शन है जिसका असर आगे चलकर बच्चों के मानसिक विकास पर पड़ेगा।
ये भी पढ़ें: अमेरिकी सरकार की कार्रवाई: आव्रजन पर प्रशासन की सख्ती पर क्या बोला माइक्रोसॉफ्ट? सीईओ नडेला को मिला सम्मान
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किम कार्दशियन के 4 बच्चे और पांच नैनी : प्रसिद्ध कारोबारी किम कार्दशियन के अपने पूर्व पति से चार बच्चे हैं, जिनकी देखभाल के लिए उन्होंने पांच दाइयों (सहायकों) को रखा है। उनकी व्यवस्था के अनुसार एक समय में एक दाई ड्यूटी पर रहती है, जबकि चार दाइयां बारी-बारी से अपनी पाली बदलती हैं। यानी बच्चों की संख्या से भी अधिक उनके पास देखभाल करने वाला दल है।
पावेल दुरुव के 12 देशों में 100 बच्चे
पावेल दुरुव : रूस में जन्मे तकनीक क्षेत्र के इस दिग्गज के शुक्राणु दान के जरिए दुनिया के 12 देशों में 100 से अधिक जैविक बच्चे हैं।
शू बो : चीन के इस उद्योगपति के सरोगेसी के माध्यम से 100 से अधिक बच्चे होने का ब्यौरा सामने आया है।
एलन मस्क : दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में शामिल एलन मस्क के अब तक 14 ज्ञात बच्चे हैं।
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अरबपति न सिर्फ बच्चे अधिक चाहते हैं बल्कि उनको पालने के लिए नैनी की भारी-भरकम फौज भी रहती है जो शिफ्टों में काम करती है। विश्लेषण में यह बात प्रमुखता से रेखांकित की गई है कि घरेलू कामों और बच्चों की परवरिश में मदद लेना गलत नहीं है, लेकिन जब बच्चों की संख्या इतनी बढ़ा ली जाए कि खुद समय देना असंभव हो जाए, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह केवल एक सामाजिक प्रदर्शन है जिसका असर आगे चलकर बच्चों के मानसिक विकास पर पड़ेगा।
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किम कार्दशियन के 4 बच्चे और पांच नैनी : प्रसिद्ध कारोबारी किम कार्दशियन के अपने पूर्व पति से चार बच्चे हैं, जिनकी देखभाल के लिए उन्होंने पांच दाइयों (सहायकों) को रखा है। उनकी व्यवस्था के अनुसार एक समय में एक दाई ड्यूटी पर रहती है, जबकि चार दाइयां बारी-बारी से अपनी पाली बदलती हैं। यानी बच्चों की संख्या से भी अधिक उनके पास देखभाल करने वाला दल है।
पावेल दुरुव के 12 देशों में 100 बच्चे
पावेल दुरुव : रूस में जन्मे तकनीक क्षेत्र के इस दिग्गज के शुक्राणु दान के जरिए दुनिया के 12 देशों में 100 से अधिक जैविक बच्चे हैं।
शू बो : चीन के इस उद्योगपति के सरोगेसी के माध्यम से 100 से अधिक बच्चे होने का ब्यौरा सामने आया है।
एलन मस्क : दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में शामिल एलन मस्क के अब तक 14 ज्ञात बच्चे हैं।