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कभी भारत को तोड़ा था अब खुद टूटेगा ब्रिटेन: एक साथ आए स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड, एमओयू पर किया साइन
Tue, 15 Sep 2026 11:46 AM IST
प्रशांत तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Tue, 15 Sep 2026 11:46 AM IST
सार
स्कॉटलैंड, उत्तरी आयरलैंड और वेल्स के स्वतंत्रता समर्थक राजनीतिक दलों ने ब्रिटेन से अलग होने की दिशा में सहयोग बढ़ाने के लिए ऐतिहासिक समझौता किया है। समझौते में आत्मनिर्णय के अधिकार, संभावित संवैधानिक बदलाव और यूरोपीय संघ के साथ भविष्य के संबंधों पर जोर दिया गया है। यह घटनाक्रम ब्रिटेन की संवैधानिक व्यवस्था और उसकी एकता को लेकर नई राजनीतिक बहस को जन्म दे सकता है।
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जॉन स्विनी, रून आप इओरवर्थ और मिशेल ओ नील
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
ब्रिटेन की तीन स्वायत्त संसदों स्कॉटलैंड, उत्तरी आयरलैंड और वेल्स के निर्वाचित प्रतिनिधियों ने सोमवार को एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसमें वेस्टमिंस्टर के नियंत्रण से मुक्त होने और अपने-अपने क्षेत्रों की स्वतंत्रता की दिशा में आगे बढ़ने की मंशा जाहिर की गई है।
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पहली बार तीनों क्षेत्रों के नेता एक सुर में
समझौता ज्ञापन में कहा गया है, 'इन द्वीपों में राजनीतिक परिदृश्य बदल रहा है। पहली बार ऐसा हुआ है कि स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में ऐसे प्रथम मंत्री हैं, जो सभी यूनाइटेड किंगडम से स्वतंत्रता के पक्ष में प्रतिबद्ध हैं। दुनिया भर में इसे देखने वाले लोगों के लिए इससे बड़ा संकेत नहीं हो सकता कि वेस्टमिंस्टर का दौर अब समाप्ति की ओर है।' स्कॉटलैंड के प्रथम मंत्री जॉन स्विनी, वेल्स के उनके समकक्ष रून आप इओरवर्थ और उत्तरी आयरलैंड की प्रथम मंत्री मिशेल ओ'नील ने कार्डिफ में आयोजित शिखर सम्मेलन के दौरान इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। आयरलैंड में विपक्ष की नेता और सिन फेन की अध्यक्ष मैरी लू मैकडोनाल्ड भी इसकी चौथी हस्ताक्षरकर्ता बनीं।
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'अपने भविष्य का फैसला करने का अधिकार हमारे लोगों को'
समझौता ज्ञापन में कहा गया है, "हमारे राष्ट्रों को आत्मनिर्णय का अधिकार है। किसी भी वेस्टमिंस्टर सरकार को लोकतंत्र को रोकने या इस सिद्धांत को कमजोर करने का अधिकार नहीं है कि हमारे लोग अपने भविष्य का फैसला खुद करेंगे।' इस समझौते में यह भी कहा गया है कि प्रत्येक राष्ट्र को लोकतांत्रिक तरीके से और अपने लोगों की इच्छा के अनुरूप अपने भविष्य का निर्धारण करने का अधिकार है।
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वेल्स में प्लाइड कमरी की जीत बनी अहम कड़ी
मई में वेल्स की संसद (सेनेड) के चुनाव में प्लाइड कमरी की जीत ने 1999 में स्वायत्त शासन की शुरुआत के बाद से वेल्स की सरकार पर चले आ रहे लेबर पार्टी के लगातार नियंत्रण को समाप्त कर दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि पहली बार ब्रिटेन की तीनों स्वायत्त संसदों में सबसे बड़े दल स्वतंत्रता के समर्थक बन गए।
ब्रिटिश सरकार से संवैधानिक बदलाव की तैयारी की मांग
समझौते में कहा गया है, 'हम अपनी सरकार से मांग करते हैं कि वह प्रत्येक क्षेत्र में संवैधानिक बदलाव के लिए तैयारी करे, योजना बनाए और उसे संभव बनाने में सहयोग करे।' समझौता ज्ञापन में अर्थव्यवस्था और ऊर्जा संसाधनों जैसे क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई गई है। इसके साथ ही इसमें यह सहमति भी व्यक्त की गई है कि इन राष्ट्रों का भविष्य यूरोपीय संघ (EU) में है।
डाउनिंग स्ट्रीट ने जताया ब्रिटेन की एकता पर भरोसा
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम का मानना है कि यूनाइटेड किंगडम को एकजुट रहना चाहिए। डाउनिंग स्ट्रीट ने कहा कि प्रधानमंत्री का ध्यान "संवैधानिक बहसों" के बजाय जीवन-यापन की बढ़ती लागत से पैदा हुए संकट को कम करने पर है।
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कंजरवेटिव पार्टी ने बैठक को बताया 'अलगाववादी सम्मेलन'
कंजरवेटिव पार्टी की शैडो स्कॉटिश सचिव हैरियट क्रॉस ने इस बैठक को 'अलगाववादी सम्मेलन' करार दिया। उन्होंने इसे महज "दिखावे के लिए आयोजित फोटो खिंचवाने का कार्यक्रम" बताया।