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ट्रंप को डबल झटका: अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में हार के बाद भारतीय मूल की हरमीत ढिल्लों का इस्तीफा, छोड़ा अहम पद

Fri, 06 Nov 2026 08:46 AM IST
शिवम गर्ग आईएएनएस, न्यूयॉर्क/वॉशिंगटन
आईएएनएस, न्यूयॉर्क/वॉशिंगटन Published by: शिवम गर्ग Updated Fri, 06 Nov 2026 08:46 AM IST
सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की करीबी और भारतीय मूल की हरमीत कौर ढिल्लों ने अमेरिकी न्याय विभाग के सिविल राइट्स डिवीजन के प्रमुख पद से इस्तीफा दे दिया है। चंडीगढ़ में जन्मी हरमीत ने बताया कि उन्होंने मिडटर्म चुनाव से पहले ही पद छोड़ने का फैसला कर लिया था, लेकिन व्हाइट हाउस के अनुरोध पर चुनाव तक जिम्मेदारी संभाली।

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Indian-Origin Harmeet Dhillon Resigns as US Civil Rights Chief After Midterm Elections
हरमीत कौर ढिल्लों और डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारतीय मूल की वरिष्ठ अधिकारी और ट्रंप की करीबी सहयोगी हरमीत कौर ढिल्लों ने अमेरिकी न्याय विभाग के सिविल राइट्स डिवीजन के प्रमुख पद से इस्तीफा दे दिया है। गुरुवार को अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने उनके इस्तीफे की घोषणा की। रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी हार के बाद ट्रंप प्रशासन में यह किसी वरिष्ठ अधिकारी का पहला बड़ा इस्तीफा है।

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हालांकि, हरमीत ढिल्लों ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने पद छोड़ने का फैसला चुनावी नतीजों से पहले ही कर लिया था। उन्होंने फॉक्स न्यूज को बताया कि करीब तीन सप्ताह पहले उन्होंने इस्तीफा देने की इच्छा जताई थी, लेकिन व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स ने उनसे मिडटर्म चुनाव तक पद पर बने रहने का अनुरोध किया था।
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टॉड ब्लैंच ने की हरमीत ढिल्लों की तारीफ
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हरमीत ढिल्लों के इस्तीफे की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि हरमीत ढिल्लों ने पिछले 18 महीनों में सिविल राइट्स डिवीजन का नेतृत्व किया और हर अमेरिकी के नागरिक अधिकारों की रक्षा की। उन्होंने कानून को बिना किसी पक्षपात के लागू किया। ब्लैंच ने उनके समर्पित सार्वजनिक कार्यों के लिए आभार जताते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
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अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के बाद राष्ट्रपति प्रशासन में वरिष्ठ अधिकारियों का पद छोड़ना असामान्य नहीं है। चुनावी नतीजों के बाद राष्ट्रपति अपनी टीम और प्रशासनिक प्राथमिकताओं में बदलाव कर सकते हैं।

कौन हैं हरमीत कौर ढिल्लों?
हरमीत कौर ढिल्लों का जन्म भारत के चंडीगढ़ में हुआ था। बचपन में वह अपने परिवार के साथ पहले ब्रिटेन और फिर अमेरिका चली गई थीं। वह पेशे से वकील हैं और अमेरिकी राजनीति में कंजर्वेटिव विचारधारा की प्रमुख आवाजों में गिनी जाती रही हैं। डोनाल्ड ट्रंप की करीबी सहयोगी होने के कारण उन्हें उनके दूसरे कार्यकाल में न्याय विभाग की सिविल राइट्स डिवीजन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अप्रैल 2025 में अमेरिकी सीनेट से मंजूरी मिलने के बाद उन्होंने असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल के रूप में पदभार संभाला था।

हरमीत ढिल्लों ने इससे पहले ट्रंप के 2020 के चुनाव अभियान में कानूनी सलाहकार के रूप में भी काम किया था। उन्होंने उस चुनाव में जो बाइडेन की जीत और मतदान प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए थे। 2024 के रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन में उन्होंने सिख प्रार्थना अरदास भी की थी।

सिख ट्रक ड्राइवरों के समर्थन में भी उठाई थी आवाज
हरमीत ढिल्लों अपने कार्यकाल के दौरान कई बार विवादों और राजनीतिक बहसों में भी रहीं। हालांकि, उन्होंने कुछ मुद्दों पर ट्रंप प्रशासन के अन्य सहयोगियों से अलग रुख अपनाया था। अगस्त में एक सिख ट्रक ड्राइवर से जुड़े जानलेवा सड़क हादसे के बाद अमेरिका में सिख और भारतीय मूल के ड्राइवरों को लेकर विवाद खड़ा हुआ था।

इस पर हरमीत ढिल्लों ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि कुछ लोग ऐसी घटनाओं का इस्तेमाल कानून का पालन करने वाले सिखों और भारतीय मूल के ड्राइवरों को निशाना बनाने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि अमेरिका में रहने वाले कई सिख और भारतीय मूल के लोग मेहनती और देशभक्त हैं। उनमें से अधिकांश या तो अमेरिका में जन्मे हैं या कानूनी तरीके से वहां पहुंचे हैं। इसके करीब एक महीने बाद अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने पगड़ी पहने एक सिख व्यक्ति की तस्वीर के साथ विवादित संदेश पोस्ट किया था। विरोध के बाद उस पोस्ट को हटा दिया गया था।

चुनाव के दौरान 1000 से ज्यादा मॉनिटर भेजने पर भी हुआ विवाद
अमेरिका के मिडटर्म चुनाव के दौरान हरमीत ढिल्लों ने देशभर के मतदान केंद्रों पर 1000 से ज्यादा चुनाव मॉनिटर तैनात किए थे। इतनी बड़ी संख्या में चुनाव मॉनिटर भेजने के फैसले को लेकर डेमोक्रेटिक पार्टी के शासन वाले राज्यों में चिंता जताई गई थी।

आलोचकों का कहना था कि इस कदम से मतदान प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है। वहीं, ढिल्लों के नेतृत्व वाले विभाग ने चुनावी प्रक्रिया की निगरानी को अपनी जिम्मेदारी का हिस्सा बताया।


विभाग के तीन-चौथाई से ज्यादा कर्मचारियों ने छोड़ी नौकरी
हरमीत ढिल्लों के कार्यकाल में अमेरिकी न्याय विभाग के सिविल राइट्स डिवीजन में बड़े स्तर पर कर्मचारियों का पलायन भी देखने को मिला। रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में विभाग में कार्यरत कर्मचारियों में से तीन-चौथाई से अधिक लोग विभाग छोड़ चुके थे।

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