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होर्मुज में टैंकर से टकराई बारूदी सुरंग: ईरान का समुद्री मार्ग बंद करने का एलान; क्या बोले सैन्य अधिकारी?
Thu, 29 Oct 2026 10:44 PM IST
निर्मल कांत
एएनआई, तेहरान।
एएनआई, तेहरान।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 29 Oct 2026 10:44 PM IST
सार
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने का एलान किया है। ईरानी सेना के मुताबिक, बारूदी सुरंग से टकराने के बाद एक टैंकर में आग लग गई। ईरान ने अमेरिका के दावों पर भी सवाल उठाए हैं और अपनी शर्तें पूरी होने तक रास्ता बंद रखने की बात कही है। क्या इससे ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ेगा? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
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होर्मुज में तेल टैंकर में आग (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
विस्तार
ईरान के सैन्य बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरा नियंत्रण होने का दावा किया है। उसने इस अहम समुद्री मार्ग को उन व्यावसायिक जहाजों के लिए बंद कर दिया है, जो उसके निर्देशों का पालन नहीं करते। यह घोषणा एक टैंकर के क्षतिग्रस्त होने और उसमें आग लगने के बाद की गई। बताया जा रहा है कि टैंकर नौसैनिक बारूदी सुरंग से टकरा गया था।
ईरानी नौसेना के जनसंपर्क विभाग और इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के वरिष्ठ कमांडरों के बयानों की जानकारी सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने दी। उसने पुष्टि की कि एक अनधिकृत जहाज इस इलाके में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ।
ईरानी सेना की नौसेना के जनसंपर्क विभाग के बयान में कहा गया, आज सुबह होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व में एक प्रतिबंधित और असुरक्षित क्षेत्र से गुजर रहा एक टैंकर नौसैनिक बारूदी सुरंग से टकराने के बाद क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें आग लग गई। इसके कारण वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो गया।
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ईरानी नौसेना के अधिकारियों ने इस घटना को नौवहन नियमों के उल्लंघन से जोड़ा। उन्होंने व्यावसायिक जहाजों को आगाह किया कि वे वाशिंगटन की ओर से दिए जा रहे सुरक्षा आश्वासनों पर भरोसा न करें।
ये भी पढ़ें: अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: ओबामा ने युद्ध और टैरिफ पर उठाए सवाल, ट्रंप का भी पलटवार; कितने भारतवंशी मैदान में?
नौसेना के बयान में आगे कहा गया, होर्मुज जलडमरूमध्य उन जहाजों के लिए बंद है, जो नियमों का उल्लंघन करते हुए प्रतिबंधित और असुरक्षित क्षेत्रों से बिना तालमेल के गुजरना चाहते हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति के झूठ पर भरोसा करते हैं। इन जोखिम भरे क्षेत्रों में बिना तालमेल के की जाने वाली ऐसी गतिविधियां जहाजों और उनके चालक दल की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं और आगे भी करती रहेंगी।
ईरान ने जलडमरूमध्य को लेकर क्या कहा?
जलडमरूमध्य को बंद रखने के फैसले पर जोर देते हुए आईआरजीसी के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने कहा कि इस रणनीतिक समुद्री रास्ते से गुजरने की अनुमति तभी मिलेगी, जब तेहरान की शर्तें पूरी होंगी। आईआरआईबी के अनुसार, मेजर जनरल यजीदी ने कहा, होर्मुज जलडमरूमध्य तब तक बंद रहेगा, जब तक ईरान की शर्तें पूरी नहीं हो जातीं। इस पर इस्लाम के योद्धाओं का नियंत्रण रहेगा।
आईआरजीसी के एक उप कमांडर ने भी यही रुख दोहराया। उन्होंने क्षेत्र में ईरान की सैन्य स्थिति पर जोर देते हुए कहा, ईरानी युद्ध करने वाले लोग हैं और उन्होंने दुश्मन को संघर्षविराम की गुहार लगाने पर मजबूर कर दिया। होर्मुज जलडमरूमध्य अब भी बंद है और इस पर इस्लाम के योद्धाओं का नियंत्रण है। जब तक ईरान के इस्लामी गणराज्य की ओर से रखी गई शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा और इस पर इस्लाम के योद्धाओं का नियंत्रण रहेगा।
अमेरिकी दावे पर ईरान ने क्या कहा?
इससे पहले दिन में आईआरजीसी ने होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगों को हटाने के अभियान को लेकर अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) के दावों को खारिज कर दिया। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, ईरान ने मीडिया में दिए गए बयानों के बजाय ठोस सबूत मांगे।
गुरुवार को जारी एक आधिकारिक बयान में आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग के उप प्रमुख और प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल होसैन मोहिब्बी ने सीधे अमेरिकी सैन्य नेतृत्व को संबोधित किया। उन्होंने क्षेत्र में मौजूदा समुद्री तनाव की तुलना दुनिया में शक्ति संतुलन में हुए ऐतिहासिक बदलावों से की।
मोहिब्बी ने कहा, बच्चों की हत्या करने वाले सेंटकॉम! 1956 के स्वेज संकट ने ब्रिटेन की ताकत की सीमाओं से पर्दा उठा दिया था। इतिहास रणनीतिक रूप से अहम समुद्री रास्तों पर करवट लेता है। होर्मुज जलडमरूमध्य से बारूदी सुरंगें हटाने के दावे को बयानों से नहीं, बल्कि स्वतंत्र सबूतों से साबित करें! मोहिब्बी ने जोर देकर कहा कि इस रणनीतिक समुद्री रास्ते पर नियंत्रण का फैसला जमीन पर सैन्य मौजूदगी से होता है, न कि डिजिटल माध्यमों पर किए जाने वाले दावों से।
उन्होंने आगे कहा, होर्मुज जलडमरूमध्य की वास्तविक स्थिति आसमान, जमीन और समुद्र में तय होती है, न कि साइबर दुनिया और अमेरिकी मीडिया के वार रूम में।
ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत को लेकर क्या कहा?
इससे पहले मंगलवार (स्थानीय समय के अनुसार) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान ने वाशिंगटन के साथ समझौते की गुहार लगाई है। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि तेहरान बातचीत में देरी कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा टकराव को कब खत्म करना है, इसका फैसला वह खुद करेंगे।
टेक्सस में अपनी चुनावी रैलियों से लौटते समय ट्रंप ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा, सवाल यह है कि मैं इसे कब खत्म करना चाहता हूं। वे समझौता करना चाहते हैं, लेकिन वे बातचीत को खींचते रहना पसंद करते हैं। शायद वे चुनाव का इंतजार कर रहे हैं या कुछ और... लेकिन इससे उन्हें कोई मदद नहीं मिलने वाली।
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ईरानी नौसेना के जनसंपर्क विभाग और इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के वरिष्ठ कमांडरों के बयानों की जानकारी सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने दी। उसने पुष्टि की कि एक अनधिकृत जहाज इस इलाके में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ।
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ईरानी सेना की नौसेना के जनसंपर्क विभाग के बयान में कहा गया, आज सुबह होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व में एक प्रतिबंधित और असुरक्षित क्षेत्र से गुजर रहा एक टैंकर नौसैनिक बारूदी सुरंग से टकराने के बाद क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें आग लग गई। इसके कारण वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो गया।
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ईरानी नौसेना के अधिकारियों ने इस घटना को नौवहन नियमों के उल्लंघन से जोड़ा। उन्होंने व्यावसायिक जहाजों को आगाह किया कि वे वाशिंगटन की ओर से दिए जा रहे सुरक्षा आश्वासनों पर भरोसा न करें।
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नौसेना के बयान में आगे कहा गया, होर्मुज जलडमरूमध्य उन जहाजों के लिए बंद है, जो नियमों का उल्लंघन करते हुए प्रतिबंधित और असुरक्षित क्षेत्रों से बिना तालमेल के गुजरना चाहते हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति के झूठ पर भरोसा करते हैं। इन जोखिम भरे क्षेत्रों में बिना तालमेल के की जाने वाली ऐसी गतिविधियां जहाजों और उनके चालक दल की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं और आगे भी करती रहेंगी।
ईरान ने जलडमरूमध्य को लेकर क्या कहा?
जलडमरूमध्य को बंद रखने के फैसले पर जोर देते हुए आईआरजीसी के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने कहा कि इस रणनीतिक समुद्री रास्ते से गुजरने की अनुमति तभी मिलेगी, जब तेहरान की शर्तें पूरी होंगी। आईआरआईबी के अनुसार, मेजर जनरल यजीदी ने कहा, होर्मुज जलडमरूमध्य तब तक बंद रहेगा, जब तक ईरान की शर्तें पूरी नहीं हो जातीं। इस पर इस्लाम के योद्धाओं का नियंत्रण रहेगा।
आईआरजीसी के एक उप कमांडर ने भी यही रुख दोहराया। उन्होंने क्षेत्र में ईरान की सैन्य स्थिति पर जोर देते हुए कहा, ईरानी युद्ध करने वाले लोग हैं और उन्होंने दुश्मन को संघर्षविराम की गुहार लगाने पर मजबूर कर दिया। होर्मुज जलडमरूमध्य अब भी बंद है और इस पर इस्लाम के योद्धाओं का नियंत्रण है। जब तक ईरान के इस्लामी गणराज्य की ओर से रखी गई शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा और इस पर इस्लाम के योद्धाओं का नियंत्रण रहेगा।
अमेरिकी दावे पर ईरान ने क्या कहा?
इससे पहले दिन में आईआरजीसी ने होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगों को हटाने के अभियान को लेकर अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) के दावों को खारिज कर दिया। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, ईरान ने मीडिया में दिए गए बयानों के बजाय ठोस सबूत मांगे।
गुरुवार को जारी एक आधिकारिक बयान में आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग के उप प्रमुख और प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल होसैन मोहिब्बी ने सीधे अमेरिकी सैन्य नेतृत्व को संबोधित किया। उन्होंने क्षेत्र में मौजूदा समुद्री तनाव की तुलना दुनिया में शक्ति संतुलन में हुए ऐतिहासिक बदलावों से की।
मोहिब्बी ने कहा, बच्चों की हत्या करने वाले सेंटकॉम! 1956 के स्वेज संकट ने ब्रिटेन की ताकत की सीमाओं से पर्दा उठा दिया था। इतिहास रणनीतिक रूप से अहम समुद्री रास्तों पर करवट लेता है। होर्मुज जलडमरूमध्य से बारूदी सुरंगें हटाने के दावे को बयानों से नहीं, बल्कि स्वतंत्र सबूतों से साबित करें! मोहिब्बी ने जोर देकर कहा कि इस रणनीतिक समुद्री रास्ते पर नियंत्रण का फैसला जमीन पर सैन्य मौजूदगी से होता है, न कि डिजिटल माध्यमों पर किए जाने वाले दावों से।
उन्होंने आगे कहा, होर्मुज जलडमरूमध्य की वास्तविक स्थिति आसमान, जमीन और समुद्र में तय होती है, न कि साइबर दुनिया और अमेरिकी मीडिया के वार रूम में।
ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत को लेकर क्या कहा?
इससे पहले मंगलवार (स्थानीय समय के अनुसार) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान ने वाशिंगटन के साथ समझौते की गुहार लगाई है। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि तेहरान बातचीत में देरी कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा टकराव को कब खत्म करना है, इसका फैसला वह खुद करेंगे।
टेक्सस में अपनी चुनावी रैलियों से लौटते समय ट्रंप ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा, सवाल यह है कि मैं इसे कब खत्म करना चाहता हूं। वे समझौता करना चाहते हैं, लेकिन वे बातचीत को खींचते रहना पसंद करते हैं। शायद वे चुनाव का इंतजार कर रहे हैं या कुछ और... लेकिन इससे उन्हें कोई मदद नहीं मिलने वाली।