फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   iran-seven-day-plan-abbas-araghchi-hormuz-nuclear-talks-with-us-donald-trump-masoud-pezeshkian

अराघची ने दिए बड़े संकेत: क्या है ईरान का वो सात दिनों वाला प्लान, जो खत्म कर सकता है पश्चिम एशिया में संघर्ष?

Fri, 25 Sep 2026 08:12 AM IST
देवेश त्रिपाठी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Fri, 25 Sep 2026 08:12 AM IST
सार

ईरान ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए सात दिन की योजना पेश की है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची के मुताबिक, कुछ शर्तें पूरी होने पर सातवें दिन होर्मुज जलडमरूमध्य खोला जा सकता है और इसके बाद परमाणु कार्यक्रम पर व्यापक बातचीत शुरू हो सकती है। आइए जानते हैं ईरान की पूरी योजना क्या है...

विज्ञापन
iran-seven-day-plan-abbas-araghchi-hormuz-nuclear-talks-with-us-donald-trump-masoud-pezeshkian
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए सात दिन की योजना पेश करने की बात कही है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और उसके बाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर व्यापक बातचीत शुरू करने का प्रस्ताव है।
विज्ञापन


अराघची ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान पत्रकारों से कहा कि यह प्रस्ताव इसी साल जून में अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन के समान है। उन्होंने कहा, "हमने मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के सामने एक योजना रखी है कि अगर कुछ शर्तें पूरी होती हैं तो सातवें दिन के अंत में होर्मुज जलडमरूमध्य खोल दिया जाएगा और बातचीत फिर से शुरू होगी। यह बेहतर होगा कि अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले कोई समझौता हो जाए।"
विज्ञापन


क्या अमेरिकी सेना पर हमले बंद करेगा ईरान?
इससे पहले जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वाडेफुल के साथ बैठक में अराघची ने कहा कि ईरान ने कूटनीति को आगे बढ़ाने के लिए अपनी उचित शर्तें और मांगें अमेरिकी पक्ष के सामने रख दी हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सुरक्षा बहाल करने के लिए ईरान के खिलाफ अमेरिका की हस्तक्षेपकारी और आक्रामक कार्रवाइयों को खत्म करना जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ईरानी विदेश मंत्री ने अपने शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम को लेकर कूटनीति जारी रखने की प्रतिबद्धता भी जताई। उन्होंने कहा कि बातचीत में ईरान की सद्भावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अराघची ने जर्मनी समेत यूरोपीय देशों की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि यूरोपीय देश अंतरराष्ट्रीय कानून के अमेरिकी उल्लंघनों और दबाव बनाने वाली कार्रवाइयों को नजरअंदाज कर रहे हैं।

ईरान-अमेरिका के बीच समझौता न होने के लिए कौन जिम्मेदार?
इस बीच, फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने इसी साल जून में अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते को लागू नहीं किए जाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी पक्ष को जिम्मेदार ठहराया।

पेजेश्कियान ने कहा, "हम आपके राष्ट्रपति के साथ एक समझौते पर पहुंचे थे। उस समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे और उसके आधार पर हम आगे बढ़ने के लिए तैयार थे और अब भी तैयार हैं। ढांचा तय हो चुका था। हमने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद नहीं किया था। वह खुला था, बिना किसी कानूनी औचित्य के उन्होंने हम पर हमला किया। उन्होंने हमारे सम्मानित सर्वोच्च नेता की हत्या की और उन्हें शहीद कर दिया। हमारे वैज्ञानिकों, सैन्य कमांडरों और सरकार के लोगों की भी हत्या की गई। समस्या यह है कि अमेरिका बातचीत करने के बजाय पहले हम पर बमबारी करके और हर रास्ता बंद करके संघर्ष में उतर गया। हम तैयार हैं।"

पेजेश्कियान बोले- नहीं झुकेगा अमेरिका
ईरान के राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए अपने भाषण के दौरान रखे रुख को दोहराते हुए कहा कि संघर्ष शुरू करने की जिम्मेदारी अमेरिका की थी और ईरान केवल अपना बचाव कर रहा था। पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद उनका देश किसी विदेशी शक्ति के सामने झुकने वाला नहीं है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानूनी ढांचे के तहत समझौते के लिए अमेरिकी प्रशासन पर फैसला लेने की जिम्मेदारी डाली।


परमाणु हथियारों को लेकर पूछे गए सवाल पर पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान ऐसा कोई हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा, "बिल्कुल नहीं। बिल्कुल नहीं। हमारे शहीद और सम्मानित सर्वोच्च नेता ने कई बार कहा था कि धार्मिक आदेश के अनुसार यह अपवित्र है। यह अवैध है।" ईरानी राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि उनका देश परमाणु संवर्धन का स्तर कम करने और अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों की निगरानी स्वीकार करने के लिए तैयार है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed