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ट्रंप के दामाद की डेमोक्रेट नेता से मुलाकात: मध्यावधि चुनाव से पहले बढ़ी हलचल; क्या बदलेगा सियासी समीकरण?
Mon, 24 Aug 2026 02:52 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 24 Aug 2026 02:52 AM IST
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जरेड कुशनर, हकीम जेफरीज
- फोटो : एक्स/जरेड कुशनर/हकीम जेफरीज/वीडियो ग्रैब
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अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफरीज और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद व बाहरी सलाहकार जरेड कुशनर ने हाल ही में न्यूयॉर्क में निजी मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब नवंबर के मध्यावधि चुनाव में यह तय होना है कि प्रतिनिधि सभा किसका नियंत्रण होगा। अगर डेमोक्रेट रिपब्लिकन से प्रतिनिधि सभा में बहुमत छीन लेते हैं, तो माना जा रहा है कि व्हाइट हाउस उनके साथ काम करने के रास्ते तलाश सकता है।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने रविवार को सबसे पहले इस मुलाकात की सूचना दी। बातचीत में आवास, आव्रजन और बढ़ती महंगाई जैसे कई मुद्दे शामिल रहे। अमेरिका में लोग बढ़ती कीमतों से परेशान हैं। डेमोक्रेट इसके लिए ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी को जिम्मेदार ठहराते हैं। उनका आरोप है कि सरकार महंगाई को काबू करने में नाकाम रही है।
कुशनर ने जेफरीज को व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूसी विल्स से आगे की बातचीत के लिए मिलने का सुझाव दिया। नवंबर में अगर डेमोक्रेट फिर से सत्ता में आते हैं, तो जेफरीज के हाउस स्पीकर बनने की संभावना है। जेफरीज ने रविवार को दिए बयान में इस निजी बातचीत का जिक्र नहीं किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन सरकार को अपनी 'मेरी बात मानो या रास्ता छोड़ो' वाली नीति छोड़नी चाहिए। उनके मुताबिक, यह नीति अमेरिकी लोगों के लिए नाकाम रही है।
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न्यूयॉर्क से सांसद जेफरीज ने कहा कि इस समस्या को रोकने के लिए वे कई बार साफ कर चुके हैं कि सख्ती का तरीका काम नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि इसका जोरदार विरोध किया जाएगा। उन्होंने सवाल किया कि क्या रिपब्लिकन भी उनके साथ आएंगे।
इस मुलाकात से इस बात का संकेत मिल रहा है कि रिपब्लिकन पार्टी को कांग्रेस में अपना बहुमत खोने की कितनी चिंता है। खासकर प्रतिनिधि सभा को लेकर चिंता ज्यादा है। व्हाइट हाउस भी राष्ट्रपति पर पड़ने वाले संभावित राजनीतिक असर को रोकने के लिए विपक्षी डेमोक्रेट से संपर्क बढ़ाना चाहता है।
अगर नवंबर के चुनाव में डेमोक्रेट प्रतिनिधि सभा का बहुमत हासिल कर लेते हैं, तो वे सरकार के कामकाज की कड़ी जांच कर सकते हैं। जेफरीज प्रशासन के कुछ लोगों को 'धोखेबाज' कह चुके हैं। ऐसे में डेमोक्रेट के पास महाभियोग चलाने समेत सरकार पर दबाव बनाने के कई विकल्प होंगे।
ट्रंप के करीबी सहयोगी और हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने रविवार को इस मुलाकात के बारे में सवाल पूछे जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कुशनर की भूमिका को कम करके बताया। जॉनसन ने कहा कि कुशनर 'अपना दांव दोनों तरफ रखते हैं।' लुइसियाना से रिपब्लिकन सांसद जॉनसन ने फॉक्स न्यूज चैनल के कार्यक्रम में कहा कि प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन के खिलाफ दांव लगाना ठीक नहीं होगा।
जॉनसन ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि यह मुलाकात किस बारे में थी। उन्होंने कहा कि जरेड के कई दूसरे कामों में भी हित हैं। उनके मुताबिक, कुशनर प्रशासन में सीधे तौर पर शामिल नहीं हैं, कम से कम व्हाइट हाउस के रोजमर्रा के काम में नहीं।
व्हाइट हाउस ने इस मामले पर अब तक टिप्पणी नहीं की। कुशनर के प्रतिनिधि ने भी कोई जवाब नहीं दिया। कुशनर डेमोक्रेट नेताओं के लिए ट्रंप के पुराने संदेशवाहक रहे हैं। जेफरीज और कुशनर एक-दूसरे के लिए नए नहीं हैं। दोनों न्यूयॉर्क से हैं। ट्रंप के पहले कार्यकाल में दोनों ने एक अहम प्रस्ताव पर साथ काम किया था। इस प्रस्ताव में कुछ नशीली दवाओं से जुड़े अपराधों में सजा तय करने में ज्यादा लचीलापन देने का प्रावधान था। इसका मकसद संघीय जेल व्यवस्था में लंबी सजा को कम करना था।
दोनों के बीच बहुत करीबी संबंध नहीं हैं। इसके बावजूद दोनों ने संपर्क बनाए रखा है। ट्रंप लगातार जेफरीज पर हमला करते रहे हैं और डेमोक्रेटिक नेता भी उन्हें जवाब देते रहे हैं।
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में कुशनर की भूमिका काफी बड़ी है। हालांकि, व्हाइट हाउस में उनके पास कोई आधिकारिक पद नहीं है। वह बाहरी सलाहकार और दूत के तौर पर काम करते हैं। खासकर विदेश में कूटनीतिक मिशनों के लिए वह यात्रा करते रहे हैं। अमेरिका और ईरान का युद्ध छठे महीने में पहुंच चुका है।
राष्ट्रपति के दोबारा व्हाइट हाउस लौटने के बाद ट्रंप जेफरीज से अब तक केवल एक बार मिले हैं। उस मुलाकात में ट्रंप ने प्रतिनिधि सभा के नेता जेफरीज और न्यूयॉर्क के सीनेट डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर को चिढ़ाया था। उन्होंने ओवल ऑफिस में दोनों के सामने मेज पर लाल रंग की 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन 2028' टोपी रखी थी। यह ट्रंप के तीसरे कार्यकाल की असांविधानिक कोशिश के संकेत के तौर पर देखा गया।
ये भी पढ़ें: ईरान का दावा: खोज निकाला नया गैस भंडार, 15 साल तक होगी आपूर्ति; तेल मंत्री ने क्या बताया?
उस साल की शरद ऋतु में हुई मुलाकात के बाद ट्रंप ने शूमर और जेफरीज की एक नकली तस्वीर पोस्ट की थी। इसमें दोनों को सोम्ब्रेरो टोपी और बड़ी मूंछों में दिखाया गया था। इस तस्वीर को व्यापक तौर पर नस्लवादी माना गया। ट्रंप ने यह तस्वीर उस समय पोस्ट की थी, जब अमेरिका में संघीय सरकार का सबसे लंबा शटडाउन होने वाला था।
अगर डेमोक्रेट कांग्रेस के किसी भी सदन का नियंत्रण हासिल कर लेते हैं, तो यह स्थिति बदलने की संभावना है। सांसद चाहते हैं कि कांग्रेस एक समान और स्वतंत्र सरकारी शाखा के रूप में अपनी ताकत का इस्तेमाल करे। वे व्हाइट हाउस पर ज्यादा निगरानी रखना चाहते हैं।
सत्ता के लिए रिपब्लिकन और डेमोक्रेट में मुकाबला
हाउस में रिपब्लिकन पार्टी को उम्मीद है कि उसके मुख्य समर्थकों के बीच ट्रंप की लोकप्रियता उसे बहुमत बचाने में मदद करेगी। जॉनसन को भरोसा है कि उनकी पार्टी चुनावों के पुराने रुझान को बदल देगी। आमतौर पर मध्यावधि चुनाव में सत्ता में रहने वाली पार्टी को नुकसान और विपक्षी पार्टी को फायदा होता है।
प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन का बहुमत बहुत कम अंतर से है। सत्ता का फैसला कुछ चुनिंदा कड़े मुकाबले वाली सीटों पर हो सकता है। डेमोक्रेट ऐसे उम्मीदवार उतार रहे हैं, जिनसे 2018 जैसा नतीजा दोहराने की उम्मीद है। उस समय ट्रंप के पहले कार्यकाल में मतदाताओं की नाराजगी की लहर पर सवार होकर डेमोक्रेट सत्ता में आए थे।
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न्यूयॉर्क टाइम्स ने रविवार को सबसे पहले इस मुलाकात की सूचना दी। बातचीत में आवास, आव्रजन और बढ़ती महंगाई जैसे कई मुद्दे शामिल रहे। अमेरिका में लोग बढ़ती कीमतों से परेशान हैं। डेमोक्रेट इसके लिए ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी को जिम्मेदार ठहराते हैं। उनका आरोप है कि सरकार महंगाई को काबू करने में नाकाम रही है।
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कुशनर ने जेफरीज को व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूसी विल्स से आगे की बातचीत के लिए मिलने का सुझाव दिया। नवंबर में अगर डेमोक्रेट फिर से सत्ता में आते हैं, तो जेफरीज के हाउस स्पीकर बनने की संभावना है। जेफरीज ने रविवार को दिए बयान में इस निजी बातचीत का जिक्र नहीं किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन सरकार को अपनी 'मेरी बात मानो या रास्ता छोड़ो' वाली नीति छोड़नी चाहिए। उनके मुताबिक, यह नीति अमेरिकी लोगों के लिए नाकाम रही है।
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न्यूयॉर्क से सांसद जेफरीज ने कहा कि इस समस्या को रोकने के लिए वे कई बार साफ कर चुके हैं कि सख्ती का तरीका काम नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि इसका जोरदार विरोध किया जाएगा। उन्होंने सवाल किया कि क्या रिपब्लिकन भी उनके साथ आएंगे।
इस मुलाकात से इस बात का संकेत मिल रहा है कि रिपब्लिकन पार्टी को कांग्रेस में अपना बहुमत खोने की कितनी चिंता है। खासकर प्रतिनिधि सभा को लेकर चिंता ज्यादा है। व्हाइट हाउस भी राष्ट्रपति पर पड़ने वाले संभावित राजनीतिक असर को रोकने के लिए विपक्षी डेमोक्रेट से संपर्क बढ़ाना चाहता है।
अगर नवंबर के चुनाव में डेमोक्रेट प्रतिनिधि सभा का बहुमत हासिल कर लेते हैं, तो वे सरकार के कामकाज की कड़ी जांच कर सकते हैं। जेफरीज प्रशासन के कुछ लोगों को 'धोखेबाज' कह चुके हैं। ऐसे में डेमोक्रेट के पास महाभियोग चलाने समेत सरकार पर दबाव बनाने के कई विकल्प होंगे।
ट्रंप के करीबी सहयोगी और हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने रविवार को इस मुलाकात के बारे में सवाल पूछे जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कुशनर की भूमिका को कम करके बताया। जॉनसन ने कहा कि कुशनर 'अपना दांव दोनों तरफ रखते हैं।' लुइसियाना से रिपब्लिकन सांसद जॉनसन ने फॉक्स न्यूज चैनल के कार्यक्रम में कहा कि प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन के खिलाफ दांव लगाना ठीक नहीं होगा।
जॉनसन ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि यह मुलाकात किस बारे में थी। उन्होंने कहा कि जरेड के कई दूसरे कामों में भी हित हैं। उनके मुताबिक, कुशनर प्रशासन में सीधे तौर पर शामिल नहीं हैं, कम से कम व्हाइट हाउस के रोजमर्रा के काम में नहीं।
व्हाइट हाउस ने इस मामले पर अब तक टिप्पणी नहीं की। कुशनर के प्रतिनिधि ने भी कोई जवाब नहीं दिया। कुशनर डेमोक्रेट नेताओं के लिए ट्रंप के पुराने संदेशवाहक रहे हैं। जेफरीज और कुशनर एक-दूसरे के लिए नए नहीं हैं। दोनों न्यूयॉर्क से हैं। ट्रंप के पहले कार्यकाल में दोनों ने एक अहम प्रस्ताव पर साथ काम किया था। इस प्रस्ताव में कुछ नशीली दवाओं से जुड़े अपराधों में सजा तय करने में ज्यादा लचीलापन देने का प्रावधान था। इसका मकसद संघीय जेल व्यवस्था में लंबी सजा को कम करना था।
दोनों के बीच बहुत करीबी संबंध नहीं हैं। इसके बावजूद दोनों ने संपर्क बनाए रखा है। ट्रंप लगातार जेफरीज पर हमला करते रहे हैं और डेमोक्रेटिक नेता भी उन्हें जवाब देते रहे हैं।
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में कुशनर की भूमिका काफी बड़ी है। हालांकि, व्हाइट हाउस में उनके पास कोई आधिकारिक पद नहीं है। वह बाहरी सलाहकार और दूत के तौर पर काम करते हैं। खासकर विदेश में कूटनीतिक मिशनों के लिए वह यात्रा करते रहे हैं। अमेरिका और ईरान का युद्ध छठे महीने में पहुंच चुका है।
राष्ट्रपति के दोबारा व्हाइट हाउस लौटने के बाद ट्रंप जेफरीज से अब तक केवल एक बार मिले हैं। उस मुलाकात में ट्रंप ने प्रतिनिधि सभा के नेता जेफरीज और न्यूयॉर्क के सीनेट डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर को चिढ़ाया था। उन्होंने ओवल ऑफिस में दोनों के सामने मेज पर लाल रंग की 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन 2028' टोपी रखी थी। यह ट्रंप के तीसरे कार्यकाल की असांविधानिक कोशिश के संकेत के तौर पर देखा गया।
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उस साल की शरद ऋतु में हुई मुलाकात के बाद ट्रंप ने शूमर और जेफरीज की एक नकली तस्वीर पोस्ट की थी। इसमें दोनों को सोम्ब्रेरो टोपी और बड़ी मूंछों में दिखाया गया था। इस तस्वीर को व्यापक तौर पर नस्लवादी माना गया। ट्रंप ने यह तस्वीर उस समय पोस्ट की थी, जब अमेरिका में संघीय सरकार का सबसे लंबा शटडाउन होने वाला था।
अगर डेमोक्रेट कांग्रेस के किसी भी सदन का नियंत्रण हासिल कर लेते हैं, तो यह स्थिति बदलने की संभावना है। सांसद चाहते हैं कि कांग्रेस एक समान और स्वतंत्र सरकारी शाखा के रूप में अपनी ताकत का इस्तेमाल करे। वे व्हाइट हाउस पर ज्यादा निगरानी रखना चाहते हैं।
सत्ता के लिए रिपब्लिकन और डेमोक्रेट में मुकाबला
हाउस में रिपब्लिकन पार्टी को उम्मीद है कि उसके मुख्य समर्थकों के बीच ट्रंप की लोकप्रियता उसे बहुमत बचाने में मदद करेगी। जॉनसन को भरोसा है कि उनकी पार्टी चुनावों के पुराने रुझान को बदल देगी। आमतौर पर मध्यावधि चुनाव में सत्ता में रहने वाली पार्टी को नुकसान और विपक्षी पार्टी को फायदा होता है।
प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन का बहुमत बहुत कम अंतर से है। सत्ता का फैसला कुछ चुनिंदा कड़े मुकाबले वाली सीटों पर हो सकता है। डेमोक्रेट ऐसे उम्मीदवार उतार रहे हैं, जिनसे 2018 जैसा नतीजा दोहराने की उम्मीद है। उस समय ट्रंप के पहले कार्यकाल में मतदाताओं की नाराजगी की लहर पर सवार होकर डेमोक्रेट सत्ता में आए थे।