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मातम में बदला उत्सव: साइप्रस से तुर्किये जा रही नाव डूबी, 270 यात्री थे सवार; छह की मौत
Sun, 30 Aug 2026 04:53 PM IST
राहुल कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, निकोसिया।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, निकोसिया।
Published by: राहुल कुमार
Updated Sun, 30 Aug 2026 04:53 PM IST
सार
उत्तरी साइप्रस के कायरानिया से तुर्किये जा रही 270 लोगों से भरी एक यात्री नाव समंदर में पानी भरने के कारण पलट गई। तटरक्षक बल, रेस्क्यू हेलीकॉप्टर और स्थानीय नावों ने तत्परता दिखाते हुए 159 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, जबकि बाकी लोगों का बचाव कार्य जारी है।
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साइप्रस नाव हादसा
- फोटो : @AI/अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
उत्तरी साइप्रस के कायरानिया बंदरगाह से तुर्किये के ताशुकू के लिए रवाना हुई एक यात्री नाव समंदर में उतरते ही हादसे का शिकार हो गई। कायरानिया तट से महज दो किलोमीटर दूर उत्तर की ओर जाते ही नाव अचानक पानी में पलट गई, जिसके बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। घटना के वक्त नाव में 270 लोग सवार थे, जिनमें छह लोगों की मौत हो गई है। वहीं 172 लोगों को बचा लिया गया है। कई अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
बचाव में झोंकी गई पूरी ताकत
हादसे की खबर मिलते ही तुर्किये साइप्रस के तटरक्षक बल (कोस्टगार्ड) की नौकाएं तुरंत राहत और बचाव कार्य के लिए घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़ीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एक रेस्क्यू हेलीकॉप्टर को भी बैकअप के लिए तैनात किया गया। इसके अलावा, पास के कायरानिया बंदरगाह पर मौजूद अन्य निजी और व्यापारिक नावें भी लोगों की जान बचाने के लिए समंदर में उतर गईं।
कैसे हुआ हादसा?
घटना के बाद उत्तरी साइप्रस के 'परिवहन मंत्री' एरहान अरिकली ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि कायरानिया तट से कुछ दूर जाते ही नाव में अचानक पानी भरना शुरू हो गया था, जिसके बाद यह असंतुलित होकर पलट गई। उन्होंने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि इस नाव में 262 यात्री और आठ चालक दल के सदस्य सवार थे, यानी कुल 270 जिंदगी दांव पर लगी थीं।
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159 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
राहत की बात यह रही कि बचाव दल की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। कायरानिया के मेयर मूरत सेनकुल ने दोपहर करीब 2:30 बजे जानकारी दी कि 267 में से 159 लोगों को पानी से सुरक्षित निकालकर किनारे तक पहुंचा दिया गया है। वहीं, पानी में फंसे बाकी बचे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत कार्य लगातार जारी है।
यह भी पढ़ें: पीएम मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान: अब तक 36 देशों ने किया सम्मानित; कब-कब बढ़ा भारत का मान?
समारोह रद्द, आला अधिकारी मौके पर तैनात
मामले की नजाकत को देखते हुए 'परिवहन मंत्री' एरहान अरिकली और तुर्किये साइप्रस के 'प्रधानमंत्री' उनाल उस्तोल खुद कायरानिया पहुंचे और पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाली। हादसे के दुख में तुर्किये के विजय दिवस (1922 के डुमलुपिनार युद्ध की सालगिरह) के अवसर पर कायरानिया में आयोजित होने वाले सभी सरकारी व सार्वजनिक कार्यक्रमों को तुरंत रद्द कर दिया गया।
बंदरगाह पर एंबुलेंस की कतारें, समुद्र तट पर चेतावनी
दूसरी तरफ, क्षेत्र के स्थानीय निकायों लैपिथोस, करावास और मायर्टौ नगरपालिका ने आम लोगों और पर्यटकों को समुद्र में उथल-पुथल और असामान्य हलचल के चलते पानी में न उतरने की सख्त सलाह दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कायरानिया के नए पोर्ट पैसेंजर टर्मिनल पर एंबुलेंस की पूरी फ्लीट तैनात कर दी है ताकि किनारे पर लाए जा रहे यात्रियों को बिना किसी देरी के त्वरित इलाज और मेडिकल सहायता दी जा सके।
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बचाव में झोंकी गई पूरी ताकत
हादसे की खबर मिलते ही तुर्किये साइप्रस के तटरक्षक बल (कोस्टगार्ड) की नौकाएं तुरंत राहत और बचाव कार्य के लिए घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़ीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एक रेस्क्यू हेलीकॉप्टर को भी बैकअप के लिए तैनात किया गया। इसके अलावा, पास के कायरानिया बंदरगाह पर मौजूद अन्य निजी और व्यापारिक नावें भी लोगों की जान बचाने के लिए समंदर में उतर गईं।
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कैसे हुआ हादसा?
घटना के बाद उत्तरी साइप्रस के 'परिवहन मंत्री' एरहान अरिकली ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि कायरानिया तट से कुछ दूर जाते ही नाव में अचानक पानी भरना शुरू हो गया था, जिसके बाद यह असंतुलित होकर पलट गई। उन्होंने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि इस नाव में 262 यात्री और आठ चालक दल के सदस्य सवार थे, यानी कुल 270 जिंदगी दांव पर लगी थीं।
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159 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
राहत की बात यह रही कि बचाव दल की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। कायरानिया के मेयर मूरत सेनकुल ने दोपहर करीब 2:30 बजे जानकारी दी कि 267 में से 159 लोगों को पानी से सुरक्षित निकालकर किनारे तक पहुंचा दिया गया है। वहीं, पानी में फंसे बाकी बचे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत कार्य लगातार जारी है।
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समारोह रद्द, आला अधिकारी मौके पर तैनात
मामले की नजाकत को देखते हुए 'परिवहन मंत्री' एरहान अरिकली और तुर्किये साइप्रस के 'प्रधानमंत्री' उनाल उस्तोल खुद कायरानिया पहुंचे और पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाली। हादसे के दुख में तुर्किये के विजय दिवस (1922 के डुमलुपिनार युद्ध की सालगिरह) के अवसर पर कायरानिया में आयोजित होने वाले सभी सरकारी व सार्वजनिक कार्यक्रमों को तुरंत रद्द कर दिया गया।
बंदरगाह पर एंबुलेंस की कतारें, समुद्र तट पर चेतावनी
दूसरी तरफ, क्षेत्र के स्थानीय निकायों लैपिथोस, करावास और मायर्टौ नगरपालिका ने आम लोगों और पर्यटकों को समुद्र में उथल-पुथल और असामान्य हलचल के चलते पानी में न उतरने की सख्त सलाह दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कायरानिया के नए पोर्ट पैसेंजर टर्मिनल पर एंबुलेंस की पूरी फ्लीट तैनात कर दी है ताकि किनारे पर लाए जा रहे यात्रियों को बिना किसी देरी के त्वरित इलाज और मेडिकल सहायता दी जा सके।