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Hindi News ›   World ›   Plot to kill Russian dissidents in the US and Europe: How did the FBI bust the intelligence network?

अमेरिका-यूरोप में रूसी विरोधियों को मारने की साजिश: एफबीआई ने खुफिया नेटवर्क का कैसे किया भंडाफोड़?

Wed, 16 Sep 2026 09:51 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Wed, 16 Sep 2026 09:51 AM IST
सार

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, रूसी खुफिया नेटवर्क पर अमेरिका और यूरोप में रूसी विरोधियों की टारगेट किलिंग की साजिश रचने का आरोप है। मैनहट्टन कोर्ट में पांच लोगों पर आरोप लगाए गए। जांच के मुताबिक, नेटवर्क ने निगरानी और हत्या के लिए लोगों को पैसे देने की भी कोशिश की।

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Plot to kill Russian dissidents in the US and Europe: How did the FBI bust the intelligence network?
रूसी विरोधियों को मारने की साजिश - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

रूस की खुफिया एजेंसियां अमेरिका और यूक्रेन का समर्थन करने वाले यूरोपीय देशों में टारगेटेड किलिंग (खास लोगों की हत्या) करने की साजिश रच रही हैं। यह जानकारी अमेरिकी अधिकारियों ने मंगलवार को वॉशिंगटन डी.सी. में रह रहे रूस के एक प्रमुख असंतुष्ट नेता की हत्या की साजिश को नाकाम करने के बाद दी।

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आरोप- पत्र में क्या कहा गया है? 
मैनहट्टन की फेडरल कोर्ट में जारी किए गए एक आरोप-पत्र के अनुसार, इस साजिश में विदेश में रहने वाले पांच लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। इसमें कहा गया है कि रूसी खुफिया सेवाओं का एक नेटवर्क 2024 से ही अमेरिका और दूसरे देशों में लोगों को पैसे देता रहा है ताकि वे रूस के विरोधी लोगों पर नजर रख सकें और फिर उनकी हत्या कर सकें।
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आरोप-पत्र में कहा गया है कि नेटवर्क की ओर से भर्ती किए गए लोगों से उन यूरोपीय देशों में आम नागरिकों और सेना के बुनियादी ढांचे के खिलाफ आतंकवादी हमले करने के लिए भी कहा गया है, जिन्हें यूक्रेन का समर्थक माना जाता है।
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जेम्स सी. बार्नाकल ने क्या कहा? 
न्यूयॉर्क में एफबीआई ऑफिस के हेड जेम्स सी. बार्नाकल जूनियर ने कहा कि एजेंसी ने लगातार मेहनत करके इन योजनाओं को नाकाम कर दिया, क्योंकि इंटेलिजेंस सर्विस के सदस्यों और उनके सहयोगियों ने अमेरिका और दुनिया भर में लोगों को डराने-धमकाने या उनकी हत्या करने की साजिश रची थी।

एफबीआई के वाशिंगटन, डीसी स्थित कार्यालय के प्रमुख डैरेन बी. कॉक्स ने एक बयान में कहा, 'कई एफबीआई फील्ड ऑफिस, विभागों और सहयोगी एजेंसियों के बेहतरीन काम का हवाला दिया। इसके साथ ही कहा कि उन्होंने साजिश को नाकाम करने के लिए तेजी से कदम उठाए।'

बयान के मुताबिक, रूसी फेडरेशन की इंटेलिजेंस सर्विस के लिए काम करने वाले लोगों के एक नेटवर्क ने कम से कम 2024 से अमेरिका समेत दुनिया भर में हमले और हत्याएं करने की साजिश रची थी और उन्हें अंजाम भी दिया था।

पहले इस नेटवर्क का क्या मकसद था? 
बयान में कहा गया है कि पहले यह नेटवर्क रूसी असंतुष्टों और देश छोड़कर भागने वालों पर ध्यान केंद्रित करता था, लेकिन 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद इसने उन देशों को निशाना बनाना शुरू कर दिया जिन्हें यूक्रेन का सहयोगी माना जाता है। इसमें यह भी कहा गया है कि हाल ही में, नेटवर्क के सदस्यों ने अमेरिका में कई लोगों को भर्ती करने की कोशिश की है।

अमेरिकी अटॉर्नी जेमी मैकडोनाल्ड ने एक बयान में कहा कि नाकाम की गई साजिश में शामिल लोगों ने दुनिया भर में, और खुद अमेरिका में भी तबाही और अफरातफरी मचाने की साजिश रची थी।"

आरोपियों की पहचान की गई
अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। उनमें रूसी खुफिया सेवाओं के तीन बड़े अधिकारी शामिल हैं। उनकी पहचान यूरी ख्रामेव (रूसी खुफिया सेवाओं के पूर्व कर्नल), उनके बेटे किरिल ख्रामेव (रूस की फेडरल सिक्योरिटी सर्विस के अधिकारी) और ओएमिस रोमागोजा डुरुथी (क्यूबा के नागरिक और रूस में रहने वाले प्रभावशाली क्यूबाई प्रवासी) के तौर पर की गई है।

आरोप-पत्र में कहा गया है कि फेडरल सिक्योरिटी सर्विस रूस की मुख्य सुरक्षा एजेंसी है। यह पूर्व सोवियत संघ की 'कमेटी फॉर स्टेट सिक्योरिटी' (जिसे KGB के नाम से जाना जाता था) की उत्तराधिकारी एजेंसी है।

आरोप-पत्र के अनुसार, यूरी ख्रामेव और दो अन्य लोगों ने ब्रुकलिन में रहने वाले वेनेजुएला के एक नागरिक को काम पर रखा। उन्हें रूस के एक जाने-माने असंतुष्ट व्यक्ति की निगरानी करने और उसकी हत्या करने का काम सौंपा गया था, जिसके बारे में उनका मानना था कि वह वाशिंगटन डीसी में रह रहा है।

काम करने पर कितने पैसे मिलते हैं? 
इसमें कहा गया है कि ब्रुकलिन में रहने वाले उस व्यक्ति को टारगेट किए गए व्यक्ति से जुड़ी दो जगहों पर भेजा गया था। उसे निगरानी कैसे करनी है, इस बारे में साफ निर्देश दिए गए थे। साथ ही, काम पूरा करने पर उसे 1,000 डॉलर और 1,500 डॉलर देने का वादा किया गया था।


अधिकारियों ने बताया कि निगरानी करने और टारगेट किए गए व्यक्ति से जुड़ी जगहों की कई तस्वीरें और वीडियो उपलब्ध कराने के बाद, अमेरिका में रहने वाले उस व्यक्ति ने हत्या कर टारगेट को खत्म करने या गायब करने के बदले में दिए जा रहे 40,000 डॉलर के ऑफर को ठुकरा दिया। आरोप-पत्र में कहा गया है कि जब ऑफर ठुकरा दिया गया, तो खुफिया सेवा के जिस सदस्य ने यह ऑफर दिया था। उसने अमेरिका में ही कई अन्य लोगों को यह काम पूरा करने के लिए बड़ी रकम की पेशकश की।

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