ताजिकिस्तान दौरे पर राजनाथ सिंह: रक्षा मंत्री के साथ की बातचीत, SCO बैठक के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुशांबे में ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री से मुलाकात कर रक्षा सहयोग, क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण पर चर्चा की। SCO बैठक में व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय सहयोग पर भी जोर रहेगा।
विस्तार
SCO की बैठक के बीच भारत और ताजिकिस्तान ने रक्षा सहयोग मजबूत करने पर चर्चा की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में अपने समकक्ष इमामोली सोबिरजोड़ा से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रों में रक्षा सहयोग बढ़ाने, क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण पर विचार साझा किए। राजनाथ सिंह ताजिकिस्तान में दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं, जहां वह SCO के सदस्य देशों की सरकारों के प्रमुखों की परिषद (CHG) की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
राजनाथ सिंह और ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री के बीच क्या बातचीत हुई?
राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री के साथ उनकी बातचीत उपयोगी रही। दोनों नेताओं ने आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रों में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर विचार साझा किए। बातचीत में क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया।
दुशांबे पहुंचने पर राजनाथ सिंह का स्वागत कैसे हुआ?
राजनाथ सिंह सोमवार को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे पहुंचे। हवाई अड्डे पर उनका औपचारिक स्वागत किया गया। इस दौरान ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री इमामोली सोबिरजोड़ा और वहां के विदेश मंत्रालय के शेराली जोनोन मौजूद रहे।
SCO की बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, SCO के सदस्य देशों की सरकारों के प्रमुखों की परिषद की बैठक में बहुपक्षीय सहयोग मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा। इसमें व्यापार, अर्थव्यवस्था, निवेश, संपर्क व्यवस्था, नवाचार और सांस्कृतिक व मानवीय आदान-प्रदान जैसे मुद्दे शामिल होंगे।
बैठक में SCO की मौजूदा योजनाओं पर क्या होगा?
बैठक में संगठन के तहत चल रही सहयोग पहलों की प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी। इसके साथ ही संगठन के वित्तीय और संस्थागत कामकाज से जुड़े फैसलों पर विचार होने की उम्मीद है।
SCO में भारत की भूमिका क्या है?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत SCO के विभिन्न तंत्रों में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है। भारत स्टार्टअप और नवाचार, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे तथा लोगों के बीच आपसी संपर्क जैसे क्षेत्रों में पहल के जरिए क्षेत्रीय सहयोग में योगदान दे रहा है। यह बैठक भारत को अन्य सदस्य देशों के साथ व्यावहारिक और पारस्परिक लाभ वाले सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचार साझा करने का अवसर भी देगी।
SCO की पिछली बैठक कब और कहां हुई थी?
SCO के सदस्य देशों की सरकारों के प्रमुखों की परिषद की पिछली बैठक नवंबर 2025 में रूस की राजधानी मॉस्को में हुई थी। उस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने किया था।