फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Russia Ukraine War Starlink Service Disruption Elon Musk Star Shield Donald Trump US Control Explainer

एक्सप्लेनर: क्या अमेरिकी सेना के नियंत्रण में मस्क का स्टारलिंक; युद्ध में उलझे यूक्रेन का इंटरनेट कैसे रोका?

Fri, 16 Oct 2026 11:52 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Fri, 16 Oct 2026 11:52 AM IST
सार

यूक्रेन युद्ध में स्टारलिंक की क्या भूमिका है? जानें कैसे ड्रोन ऑपरेशन्स, एयर डिफेंस और सैन्य संचार में मस्क की यह सेवा निर्णायक है और इसके रुकने से यूक्रेन को क्या नुकसान हो सकता है? इस पर नियंत्रण किसका है? आइये जानते हैं...

विज्ञापन
Russia Ukraine War Starlink Service Disruption Elon Musk Star Shield Donald Trump US Control Explainer
रूस से युद्ध के बीच यूक्रेन के स्टारलिंक नेटवर्क में आ रही समस्या। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रूस और यूक्रेन के बीच बीते साढ़े चार साल से जारी जंग अब निर्णायक मोड़ पर है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में मध्यावधि चुनाव को ध्यान में रखते हुए रूस से अमेरिका को ईंधन की सप्लाई करने की छूट दे दी। इतना ही नहीं उन्होंने यूक्रेन को रूस की तेल रिफाइनरियों को निशाना न बनाने की नसीहत भी दे डाली। लेकिन यूक्रेन ने इसे न मानने के संकेत दिए हैं और राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि रूस के हमलों की स्थिति में वह भी पलटवार जारी रखेगा। हालांकि, इस बीच यूक्रेन के सामने एक नई समस्या खड़ी हो गई है। यूक्रेनी सेना की शिकायत है कि उसे एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक की तरफ से मिलने वाली इंटरनेट सेवा में रुकावटें आनी शुरू हो गई हैं, जिससे उसके सैन्य अभियान में खासी दिक्कतें आ रही हैं। 
विज्ञापन


गौरतलब है कि यूक्रेन अब तक रूस से युद्ध में अपनी नेटवर्क जरूरतों को पूरा करने के लिए स्टारलिंक पर निर्भर रहा है। हालांकि, अब युद्ध के बीच में ही उसका इंटरनेट रुकना गहरी समस्या पैदा कर रहा है। यूक्रेन ने इसे लेकर सार्वजनिक तौर पर शिकायत भी की है। हालांकि, एलन मस्क ने अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए सीधा तौर पर अमेरिकी सेना और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा दिया है।  
विज्ञापन

 
Trending Videos

ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर स्टारलिंक की सेवा यूक्रेन के लिए युद्ध के मैदान में कितनी अहम है? इसकी सेवाएं अचानक रुकना यूक्रेन के लिए कितनी मुश्किलें पैदा कर सकती है? क्या स्टारलिंक सेवाएं पूरी तरह स्वतंत्र नहीं हैं और इन्हें मस्क या कोई और अपनी मर्जी से नियंत्रित कर सकता है? यूक्रेन और स्टारलिंक के लिए अब आगे क्या? आइये जानते हैं...


स्टारलिंक की सेवा यूक्रेन के लिए युद्ध के मैदान में कितनी अहम है? 

यूक्रेन के लिए युद्ध के मैदान में स्टारलिंक की सेवा काफी निर्णायक है। फरवरी 2022 में रूस के आक्रमण के शुरुआती दिनों में जब पारंपरिक उपग्रह नेटवर्क, जैसे- वियासैट पर साइबर हमले हुए और जमीनी संचार बुनियादी ढांचे, जैसे- सेल टॉवर, ऑप्टिकल फाइबर नष्ट हो गया, तब स्टारलिंक यूक्रेन की सैन्य रक्षा प्रणाली का मुख्य तंत्र बन गया।

सुरक्षित और रियल-टाइम कमांड-एंड-कंट्रोल: स्टारलिंक के टर्मिनल सीधे आकाश में उपग्रहों की ओर संकीर्ण बीम में सिग्नल भेजते हैं। इससे रूसी इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस (ELINT) और जैमिंग प्रणालियों के लिए इनकी सटीक लोकेशन का पता लगाना या सिग्नल को ब्लॉक करना बेहद कठिन हो जाता है। इसके जरिए भूमिगत बंकरों में बैठे कमांडर अग्रिम मोर्चे के सैनिकों के साथ एनक्रिप्टेड लाइव वीडियो और वॉयस लिंक बनाए रखते हैं।

ये भी पढ़ें: स्टारलिंक विवाद: यूक्रेन में सैन्य संचार पर असर का आरोप, स्पेसएक्स के मालिक ने क्या कहा; भारत क्यों सतर्क?
विज्ञापन

ड्रोन और नौसैनिक संचालन: छोटे टोही ड्रोन, लंबी दूरी के हमलावर ड्रोन और काला सागर में तैनात समुद्री ड्रोन (यूएसवी) लाइव हाई-डेफिनिशन वीडियो स्ट्रीम और कंट्रोल के लिए स्टारलिंक के कम-लेटेंसी वाले इंटरनेट पर निर्भर हैं।  

डिजिटल आर्टिलरी और डेल्टा प्लेटफॉर्म: यूक्रेन युद्धक्षेत्र की जानकारी साझा करने के लिए 'डेल्टा' नामक क्लाउड-आधारित सॉफ्टवेयर का उपयोग करता है। तोपखाने और हिमार्स इकाइयों को स्टारलिंक के जरिए मिनटों के बजाय कुछ ही सेकंड में सटीक टारगेट निर्देशांक मिल जाते हैं, जिससे वे हमला करके तुरंत काउंटर-अटैक से पहले सुरक्षित हट जाते हैं।

वायु रक्षा इंटरसेप्टर: यूक्रेन रूसी शाहेद कामिकाजे ड्रोन को हवा में ही नष्ट करने के लिए इंटरसेप्टर ड्रोन का इस्तेमाल करता है, जो लाइव वीडियो ट्रैकिंग के लिए स्टारलिंक पर निर्भर हैं।
 
विज्ञापन

स्टारलिंक सेवाओं के बंद होने से कितनी बड़ी मुश्किल में यूक्रेन?

  • यूक्रेन के हमलावर और इंटरसेप्टर ड्रोन्स में ऑनबोर्ड मार्गदर्शन प्रणाली के लिए स्टारलिंक का उपयोग किया जाता है। 160 किमी/घंटा (100 मील/घंटा) की गति सीमा लागू होते ही उच्च गति से उड़ने वाले ड्रोन्स का इंटरनेट कनेक्शन हवा में ही टूट जाता है, जिससे वे बेकार हो जाते हैं। इसके अलावा, हाई-डेफिनिशन कैमरा फीड बंद होने से ड्रोन पायलट अचानक ही ड्रोन्स का विजुअल खो देते हैं।
  • रूस के शाहेद ड्रोन लगभग 319 किमी/घंटा की रफ्तार से उड़ते हैं। गति प्रतिबंधों के कारण यूक्रेन के इंटरसेप्टर ड्रोन्स रूसी ड्रोन्स का पीछा करके उन्हें हवा में मार गिराने में असमर्थ हो जाते हैं, जिससे दुश्मन के ड्रोन्स और मिसाइलों को अंदरूनी इलाकों पर हमला करने का मौका मिल जाता है।
ये भी पढ़ें: यूक्रेन में स्टारलिंक पर पाबंदी से घिरे मस्क: रूस के हमलों के बीच उठे सवाल, जानें कंपनी पर क्या लगे आरोप

Russia Ukraine War Starlink Service Disruption Elon Musk Star Shield Donald Trump US Control Explainer
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की। - फोटो : अमर उजाला
  • हाई-स्पीड सैटेलाइट इंटरनेट रुकने से बंकरों में बैठे कमांडरों और अग्रिम मोर्चे की इकाइयों के बीच वास्तविक समय का संपर्क टूट जाता है। सैनिकों को पारंपरिक सैन्य रेडियो या केबल्स पर निर्भर होना पड़ता है, जिन पर रूसी इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर प्रणालियों को आसानी से जैमिंग और लोकेशन ट्रैकिंग की जा सकती है।
  • यूक्रेन के पास स्टारलिंक के विकल्प की भी भारी कमी है। एक और सेवा- वनवेब के टर्मिनल बड़े, कम मोबाइल और महंगे हैं; जियोस्टेशनरी (जीईओ) उपग्रहों में लेटेंसी बहुत अधिक (600 मिलीसेकंड से अधिक) होती है जिससे ड्रोन कंट्रोल करना असंभव है; और यूरोपीय संघ का आईरिस2 सिस्टम तैयार होने में अभी वर्षों दूर है। 

यही वजह है कि स्टारलिंक की कनेक्टिविटी में थोड़ी सी भी तकनीकी रुकावट या गति प्रतिबंध यूक्रेन के सैन्य अभियानों को सीधे तौर पर प्रभावित करता है।

तो क्या स्टारलिंक की सेवाएं पूरी तरह स्वतंत्र नहीं?

स्टारलिंक की सेवाएं पूरी तरह स्वतंत्र नहीं हैं। इन्हें एलन मस्क की कंपनी- स्पेसएक्स और अमेरिकी सरकार- पेंटागन और राष्ट्रपति दोनों अपनी नीतियों और रणनीतिक प्राथमिकताओं के आधार पर नियंत्रित कर सकते हैं।

1. स्पेसएक्स और एलन मस्क का तकनीकी नियंत्रण
स्टारलिंक एक निजी कॉमर्शियल सैटेलाइट नेटवर्क है, जिसका स्वामित्व एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के पास है। युद्ध के मैदान में काम कर रहे प्रत्येक टर्मिनल के ऑपरेशनल स्टेटस पर स्पेसएक्स का पूर्ण तकनीकी अधिकार है। यानी मस्क नेटवर्क के मापदंडों में बदलाव कर सकते हैं; जैसे कि अनधिकृत टर्मिनलों को रोकने के लिए व्हाइटलिस्ट नीति लागू करना या बिना पूर्व सूचना के स्पीड पर सीमा लगाना।

Russia Ukraine War Starlink Service Disruption Elon Musk Star Shield Donald Trump US Control Explainer
एलन मस्क, स्पेसएक्स के प्रमुख। - फोटो : अमर उजाला
एलन मस्क रणनीतिक फैसलों में भी व्यक्तिगत रूप से शामिल रहे हैं। इसके चलते स्टारलिंक की सेवाओंको कुछ क्षेत्रों में कवरेज विस्तार नहीं मिला। इतना ही नहीं, स्पेसएक्स की तरफ से स्टारलिंक सेवाओं को इस्तेमाल करने की शर्तें भी तय की गई हैं। मस्क की तरफ से कुछ मौकों पर यह स्पष्ट किया गया है कि कमर्शियल स्टारलिंक केवल रक्षात्मक या नागरिक गतिविधियों के लिए है, आक्रामक सैन्य अभियानों के लिए नहीं।

2. अमेरिकी सरकार और पेंटागन का नियंत्रण
यूक्रेन मौजूदा समय में स्टारलिंक के सैन्य-ग्रेड संस्करण स्टारशील्ड का इस्तेमाल कर रहा है, जिसे अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के लिए विकसित किया गया है। एलन मस्क का कहना है कि स्टारशील्ड प्रणालियां पूरी तरह से अमेरिकी सरकार के स्वामित्व और नियंत्रण में हैं। 

चौंकाने वाली बात यह है कि मार्च 2025 में मस्क ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा था, साफ शब्दों में कहूं तो, यूक्रेन नीति से मेरी चाहे कितनी भी असहमति क्यों न हो, स्टारलिंक कभी भी अपने टर्मिनल्स बंद नहीं करेगा। मैं बस इतना कह रहा हूं कि स्टारलिंक के बिना यूक्रेन का अग्रिम मोर्चा ढह जाएगा, क्योंकि रूसी सेना बाकी सभी संचार माध्यमों को जाम कर सकती है। हम ऐसा कभी नहीं करेंगे और न ही इसे किसी सौदेबाजी के मोहरे के रूप में इस्तेमाल करेंगे।

ये भी पढ़ें: 'मुकाबले से डरते नहीं': स्टारलिंक की एंट्री विवाद पर मस्क को रिलायंस का जवाब, कहा- सबके लिए एक समान नियम

3. भू-राजनीतिक दबाव और ग्रे जोन
पारंपरिक सैन्य ठेकेदारों, जैसे- लॉकहीड मार्टिन के उलट, निजी उपग्रह नेटवर्क प्रदाता एक ग्रे जोन में काम करते हैं। हाल ही में यूक्रेन में लागू किए गए गति प्रतिबंधों को अमेरिकी सरकार (राष्ट्रपति ट्रंप प्रशासन) के राजनीतिक और रणनीतिक कदमों से जोड़कर देखा जा रहा है। यानी यूक्रेन का पूरा उपग्रह संचार तंत्र अंततः निजी कॉर्पोरेट फैसलों और अमेरिकी सरकार की भू-राजनीतिक नीतियों के अधीन है।
 

स्टारलिंक और स्टारशील्ड सेवाओं में क्या अंतर है?
स्टारशील्ड स्पेसएक्स की एक वाणिज्यिक शाखा है, जो अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) के लिए सैन्य और खुफिया सैटेलाइट सिस्टम बनाती है। स्टारशील्ड की सेवा स्टारलिंक की आम इंटरनेट सेवा से अलग है। आम स्टारलिंक सेवा का इस्तेमाल हमलावर सैन्य कार्रवाइयों के लिए नहीं किया जा सकता, इसका उपयोग केवल रक्षात्मक गतिविधियों या आम नागरिकों के लिए ही संभव है। स्टारशील्ड में सैन्य हमलों और रणनीतिक क्षमताओं की अनुमति है। यह संवेदनशील जानकारियों को भेजने के लिए बेहद सुरक्षित नेटवर्क का इस्तेमाल करता है। इसके अलावा, स्टारशील्ड अपने यूजर्स को ड्रोन जैसी चीजों पर सेंसर्स जोड़ने की सुविधा भी देता है। स्टारशील्ड का यह सुरक्षित नेटवर्क वास्तव में स्टारलिंक के 11,000 सैटेलाइट्स के विशाल नेट पर काम करता है, जिन्हें एलन मस्क और स्पेसएक्स ने 2019 से अंतरिक्ष में भेजा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed