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एपल मैप्स पर दिखेगा 'लेक अमेरिका' नाम?: ट्रंप ने कंपनी को दिए निर्देश; कनाडा क्यों कर रहा विरोध
Tue, 01 Sep 2026 04:29 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, शिकागो।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, शिकागो।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 01 Sep 2026 04:29 AM IST
सार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एपल से ओंटारियो झील का नाम बदलकर 'लेक अमेरिका' करने को कहा है। गूगल मैप्स अमेरिका में यह नया नाम पहले ही दिखा रहा है, जबकि कनाडा में पुराना नाम जारी है। ट्रंप ने झील का नाम क्यों बदला और क्या एपल भी इसे बदलेगा? पढ़िए रिपोर्ट
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एपल से अपने नक्शे वाले एप में ओंटारियो झील का नाम बदलकर 'लेक अमेरिका' करने को कहा है। ट्रंप प्रशासन के गृह मंत्री डग बर्गम ने सोमवार को यह जानकारी दी। यह बात ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने के कुछ दिन बाद सामने आई है, जो अब कनाडा के साथ बढ़ते व्यापार युद्ध के बीच चर्चा में है।
गृह मंत्री डग बर्गम ने फॉक्स न्यजू से कहा कि ट्रंप ने 'सीधे एपल से संपर्क किया है'। उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा है कि जल्द ही एपल के प्लेटफॉर्म पर 'लेक अमेरिका' नाम दिखाई दे सकता है। एपल ने सोमवार को इस मामले पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। लंबे समय से ओंटारियो लेक के नाम से जानी जाने वाली यह झील अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य और कनाडा के ओंटारियो प्रांत के बीच है।
गूगल मैप्स ने नाम कब बदला?
अमेरिका में एपल के प्रतिद्वंद्वी गूगल मैप्स ने पिछले सप्ताहांत ही अपने अमेरिकी यूजर्स के लिए नया नाम दिखाना शुरू कर दिया। कंपनी ने इसके लिए ट्रंप के हालिया आदेश का हवाला दिया। साथ ही उसने अपनी पहले से चली आ रही नीति का भी जिक्र किया। इस नीति के तहत गूगल उन नामों का इस्तेमाल करता है, जिन्हें अमेरिकी भौगोलिक नाम सूचना प्रणाली यानी जीएनआईएस में दर्ज किया गया है।
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गूगल ने शनिवार को एक बयान में कहा, अमेरिका में मैप्स इस्तेमाल करने वाले लोगों को 'लेक अमेरिका' दिखाई देगा। कनाडा में लोगों को ओंटारियो लेक ही दिखाई देगी। अमेरिका और कनाडा से बाहर रहने वाले लोगों को दोनों नाम दिखाई देंगे।
ये भी पढ़ें: अमेरिकी चुनाव में सेना नहीं भेजेगा ट्रंप प्रशासन: शीर्ष सैन्य अधिकारी ने किया साफ; डेमोक्रेट्स क्यों चिंतित?
गूगल ने कहा कि ऐसे बदलाव उसकी लंबे समय से चली आ रही नीति के तहत किए जाते हैं। यह नीति उन जल क्षेत्रों पर लागू होती है, जिनके नाम अलग-अलग देशों में अलग-अलग हैं।
ट्रंप ने झील का नाम क्यों बदला?
ट्रंप ने पिछले सप्ताह ओंटारियो झील के लिए नया 'लेक अमेरिका' घोषित किया था। यह कनाडा के साथ चल रहे व्यापार तनाव के दौरान उनके हालिया कदमों में से एक है। इस व्यापार युद्ध में अब दोनों देशों के बीच सामान पर लगने वाला टैरिफ बढ़ रहा है।
शुक्रवार को जारी ट्रंप के कार्यकारी आदेश में गृह विभाग को अमेरिका की भौगोलिक नाम सेवा में झील का नाम बदलने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, ट्रंप कनाडा को इस नाम को अपनाने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। अमेरिका के उत्तरी पड़ोसी कनाडा ने इस विचार का तुरंत विरोध किया।
क्या पहले भी किसी जल क्षेत्र का नाम बदला था?
यह पहली बार नहीं है, जब ट्रंप ने अमेरिका की सीमा से बाहर तक फैले किसी जल क्षेत्र का नाम बदलने की कोशिश की है। पिछले साल ट्रंप ने मेक्सिको की खाड़ी का नाम बदलकर 'अमेरिका की खाड़ी' करने का आदेश दिया था। इसके बाद एपल और गूगल ने भी अमेरिका में अपने नक्शे पर इसका नाम बदल दिया था।
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गृह मंत्री डग बर्गम ने फॉक्स न्यजू से कहा कि ट्रंप ने 'सीधे एपल से संपर्क किया है'। उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा है कि जल्द ही एपल के प्लेटफॉर्म पर 'लेक अमेरिका' नाम दिखाई दे सकता है। एपल ने सोमवार को इस मामले पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। लंबे समय से ओंटारियो लेक के नाम से जानी जाने वाली यह झील अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य और कनाडा के ओंटारियो प्रांत के बीच है।
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गूगल मैप्स ने नाम कब बदला?
अमेरिका में एपल के प्रतिद्वंद्वी गूगल मैप्स ने पिछले सप्ताहांत ही अपने अमेरिकी यूजर्स के लिए नया नाम दिखाना शुरू कर दिया। कंपनी ने इसके लिए ट्रंप के हालिया आदेश का हवाला दिया। साथ ही उसने अपनी पहले से चली आ रही नीति का भी जिक्र किया। इस नीति के तहत गूगल उन नामों का इस्तेमाल करता है, जिन्हें अमेरिकी भौगोलिक नाम सूचना प्रणाली यानी जीएनआईएस में दर्ज किया गया है।
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गूगल ने शनिवार को एक बयान में कहा, अमेरिका में मैप्स इस्तेमाल करने वाले लोगों को 'लेक अमेरिका' दिखाई देगा। कनाडा में लोगों को ओंटारियो लेक ही दिखाई देगी। अमेरिका और कनाडा से बाहर रहने वाले लोगों को दोनों नाम दिखाई देंगे।
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गूगल ने कहा कि ऐसे बदलाव उसकी लंबे समय से चली आ रही नीति के तहत किए जाते हैं। यह नीति उन जल क्षेत्रों पर लागू होती है, जिनके नाम अलग-अलग देशों में अलग-अलग हैं।
ट्रंप ने झील का नाम क्यों बदला?
ट्रंप ने पिछले सप्ताह ओंटारियो झील के लिए नया 'लेक अमेरिका' घोषित किया था। यह कनाडा के साथ चल रहे व्यापार तनाव के दौरान उनके हालिया कदमों में से एक है। इस व्यापार युद्ध में अब दोनों देशों के बीच सामान पर लगने वाला टैरिफ बढ़ रहा है।
शुक्रवार को जारी ट्रंप के कार्यकारी आदेश में गृह विभाग को अमेरिका की भौगोलिक नाम सेवा में झील का नाम बदलने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, ट्रंप कनाडा को इस नाम को अपनाने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। अमेरिका के उत्तरी पड़ोसी कनाडा ने इस विचार का तुरंत विरोध किया।
क्या पहले भी किसी जल क्षेत्र का नाम बदला था?
यह पहली बार नहीं है, जब ट्रंप ने अमेरिका की सीमा से बाहर तक फैले किसी जल क्षेत्र का नाम बदलने की कोशिश की है। पिछले साल ट्रंप ने मेक्सिको की खाड़ी का नाम बदलकर 'अमेरिका की खाड़ी' करने का आदेश दिया था। इसके बाद एपल और गूगल ने भी अमेरिका में अपने नक्शे पर इसका नाम बदल दिया था।